दशहरा उत्सव की अस्थाई मार्किट में बाहरी राज्यों के व्यापारियों ने ठेकेदारों पर लगाया गुंडागर्दी अवैध उगाही का आरोप
निर्धारित स्टॉल के दामों से 20,30 प्रतिशत ज्यादा कर रहे उगाही

अवैध उगाही की रकम न सामान कर रहे जब्त
प्रशासन, सरकार और ठेकेदारों पर व्यापारियों ने लगाया मिलिभगत से अवैध उगाही का आरोप
दशहरा उत्सव की अस्थाई मार्किट में बाहरी राज्यों से पहुँचे सैकड़ो व्यापारी परेशान
न्यूज मिशन
कुल्लू
देवभूमि कुल्लू जिला मुख्यालय में दशहरा उत्सव की अस्थाई मार्केट में बाहरी राज्यों से हजारों व्यापारी व्यापार करने के लिए कुल्लू में 25 दिनों से कार्य कर रहे है। ऐसे में बाहरी राज्यों व्यापारियों ने ठेकेदारों पर गुंडागर्दी अवैध उगाही का आरोप लगाया है। बाहरी राज्यों से व्यापार करने आए व्यापारियों की माने तो दशहरा उत्सव में ठेकेदारों से स्टॉल निर्धारित दामों पर लिए थे लेकिन अब ठेकेदार गुंडागर्दी और अवैध उगाही कर रहे हैं जिसके चलते बाहरी राज्यों के व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रशासन सरकार और ठेकेदारों की मिली भगत से बाहरी राज्यों के व्यापारियों से निर्धारित दामों से अधिक 20 से 30% ज्यादा उगाही ठेकेदार कर रहे हैं और गुंडागर्दी दिखा रहे हैं ऐसे में जो व्यापारी निर्धारित दामों से अधिक अवैध उगाही की रकम नहीं दे रहा है उसका सामान भी जप्त कर रहे हैं यही नहीं दशहरा उत्सव के लिए लगाए गए डम में भी व्यापारियों से निर्धारित दामों से 10 ,10000 रुपए की अधिक अवैध उगाही की जा रही है जिसके चलते व्यापारियों में खास नाराजगी है और ऐसे में व्यापारी ठेकेदारों की गुंडागर्दी और अवैध उगाही से परेशान है
यमुनानगर सहारनपुर से आए व्यापारी सुखविंदर सिंह ने कहा कि दशहरा उत्सव में एक चारपाई के ₹20000 दाम निर्धारित हुए थे लेकिन अब 20000 की जगह ₹30000 मांग रहे हैं उन्होंने कहा कि यही नहीं 20000 देने के बाद ₹10000 की अवैध उगाही कर रहे हैं और अन्यथा सामान जप्त करने के लिए गुंडागर्दी दिखा रहे हैं उन्होंने कहा कि मेरे साथ में स्टॉल 65000 में बात हुई थी लेकिन अब उसका 80000 रुपए मांग रहे हैं और जिस प्रकार से यहां पर ठेकेदार गुंडागर्दी अवैध उगाही कर रहे हैं उस व्यापारी परेशान है उन्होंने कहा कि हर साल दशहरा उत्सव में कारोबार करने के लिए पहुंचते हैं लेकिन जिस प्रकार इस बार ठेकेदारों की मनमानी अवैध उगाही को लेकर गुंडागर्दी दिखा रहे हैं वह असहनीय है उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव में चाहे काम हुआ या नहीं हुआ लेकिन जो निर्धारित दम थे उसका भुगतान किया गया है लेकिन बावजूद उसके ठेकेदार सामान जप्त कर गुंडागर्दी दिखा रहे हैं
दिल्ली से आए कारोबारी अरुण कुमार ने कहा कि दशहरा उत्सव में व्यापारियों को बहुत सारी दिखतों का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से कोई खास प्रबंध नहीं किया गया है उन्होंने कहा कि 4 घंटे एलईडी बल्ब जलाने के ₹100 ले रहे हैं और शौचालय जाने 10,नहाने के 40 रुपये ले रहे है सरकार की तरफ से कोई सुविधा नहीं है उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव में व्यापारियों से खुली लूट की जा रही है उन्होंने कहा कि मैं पहली बार व्यापार करने के लिए आया हूं लेकिन यहां पर निराशा ही हाथ लगी है यहां इस मेले में लूट के सिवाय व्यापारियों को कुछ नहीं मिल रहा है उन्होंने कहा कि सरकार प्रशासन और ठेकेदारों की मिले भक्ति से जनता को लूटा जा रहा है उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों के व्यापारियों को जिस प्रकार महंगे दाम पर स्टाल दिए गए हैं उसे सामान भी व्यापारियों को महंगा बेचना पड़ रहा है और जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि ₹10 की चीज ₹100 बेचने पर दुकानदार में मजबूर है। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से व्यापारी अपने व्यापार अपने परिवार चलाने के लिए काम करने के लिए आता है लेकिन यहां पर जिस प्रकार व्यापारियों को लूटा जा रहा है । उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां व्यापारियों का कारोबार अच्छा नहीं हुआ है तो आज दूसरी तरफ ठेकेदार की गुंडागर्दी और अवैध उगाही से व्यापारी परेशान है उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव को सरकार ने लूट का साधन बना रखा है।
चंडीगढ़ खरड़ से आए व्यापारी हरजीत सिंह ने कहा कि दशहरा उत्सव में 5 सालों से व्यापार करने के लिए आया हूं और यहां पर ठेकेदार से मैं स्टॉल ₹40000 में लिया था लेकिन अब ठेकेदार ₹60000 मांग रहे हैं और गुंडागर्दी दिखाकर अवैध उगाही कर रहे हैं उन्होंने कहा कि जिले में व्यापारी को जितना ज्यादा महंगा स्टॉल मिलेगा उतना ज्यादा महंगा सामान स्थानीय लोगों को मिलेगा उन्होंने कहा कि नुकसान स्थानीय लोगों का है ऐसे में सरकार प्रशासन और ठेकेदार अपने पैसे ले लेंगे लेकिन सामान महंगा होने से लोगों को इसका भुगतान करना पड़ेगा उन्होंने कहा कि हम ₹10 का सामान ₹100 में बेच रहे हैं क्योंकि स्टॉल इतने महंगे है कि व्यापारियों का खर्चा भी पूरा नहीं हो रहा है उन्होंने कहा कि 40000 रुपए की बात हुई थी लेकिन अब ₹60000 मांग रहे हैं और गुंडागर्दी दिखाकर सामान जप्त कर रहे हैं यह अच्छी बात नहीं है उन्होंने कहा कि मेले के नाम पर यहां पर ठेकेदार खुली लूट कर रहे हैं उन्होंने कहा कि जगह के अलग पैसे दिए हैं और शैड के अलग पैसे दिए हैं और बिजली के अलग पैसे दिया है और ऐसे में व्यापारियों को खुले तौर पर लुटा जा रहा है।
चंडीगढ़ से आए व्यापारी सुरजल ने कहा कि दशहरा उत्सव में पिछले कई पीढियां से कारोबार के लिए आते हैं उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव में जिस प्रकार ठेकेदारों की गुंडागर्दी अवैध उगाही की जा रही है उससे व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है उन्होंने कहा कि ₹40000 में स्टॉल की बात हुई थी लेकिन अब मेला खत्म होने में 2 दिन बचे हैं और ₹60000 मांग रहे हैं उन्होंने कहा कि 40000 के बाद के बावजूद ₹5000 फालतू दिए हैं तब सामान वापस दिया है उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की मनमानी से बाबरियों को भारी परेशानी हो रही है जिसको सरकार प्रशासन को देखना चाहिए और अगली बार अच्छे ठेकेदार को दे ताकि इस तरह की अवैध उगाही ना हो सकेवीओ- दिल्ली से आए व्यापारी रिहान ने कहा कि दशहरा उत्सव में डोम में दुकानें ली थी जिसमें ₹3000 प्रतिदिन दुकान का किराया निर्धारित हुआ था और ऐसे में ₹5000 प्रतिदिन ठेकेदार किराया मांग रहा है उन्होंने कहा कि डोम में 8,10 व्यापारियों का सामान जब्त किया है।



