पीएम श्री गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुल्तानपुर में 2 दिवसीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में 700 छात्राएं ले भाग
छात्राए 9 विधाओं में कर रही अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन

न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय पीएम श्री गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुल्तानपुर में 2 दिवसीय जिला स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। इस अवसर परसेवा निवृत प्रिंसिपल पूनम शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर स्कूल व स्कूल प्रबंधन और बच्चों के द्वारा मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत किया गया। वहीं खेल प्रभारी किशन लाल राणा और प्रधानार्चा भावना तनवर ने मुख्य अतिथि को कुलवी परंपरा के अनुसार सम्मानित किया । जिला स्तरीय प्रतियोगिता के पहले दिन छात्राओं नेएकल गान समूह गान, सोलो सोंग क्लासिकल भाषण प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
खेल प्रभारी किशन राणा ने बताया कि इस 2 दिन से संस्कृत जिला स्तरीय प्रतियोगिता में 45 स्कूलों के लगभग 700 छात्राएं भाग ले रही है जिसमें 9 प्रकार के विभिन्न विधाओं का की प्रतियोगिता में छात्राए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन् कर रही है। जिसमें एकल गान समूह गान, सोलो सोंग क्लासिकल भाषण प्रतियोगिता संस्कृत गीतिका संस्कृत श्लोक चरण ग्रुप सोंग इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक फोक डांस और वन एक्ट प्रतियोगिता आयोजित करवाई जाएगी।
पूर्व प्रिंसिपल पूनम शर्मा ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम इस स्कूल में आयोजित किया जा रहे हैं और एक बहुत ही बड़ा उत्तरदायित्व रहता है, जिस्म की विभिन्न विद्यालयों से पूरे जिला के विद्यालयों से विद्यार्थी इकट्ठा होते हैं चार दिन का कार्यक्रम पहले दो दिन बॉयज और लास्ट के दो दिन गर्ल्स उन सब में विद्यालय में सब कुछ आयोजित करना और उनके अनुशासन का ध्यान रखना और विद्यालय की संपत्ति का ध्यान रखना और यह सारी चीज उनमें स्कूल का बहुत बड़ा उत्तरदायित्व बनता है, आज जो छात्राएं प्रतियोगिता के लिए आई है वह उनके लिए यही संदेश देना चाहते हैं कि यहां से अच्छे-अच्छे अनुभव लेकर जाएं और अपनी एक सकारात्मक सोच बनाकर और साथ ही और इस कार्यक्रम को पूरा करने में और अपना पूरा योगदान दें क्योंकि यह एक व्यक्ति के कार्यक्रम नहीं चल सकता है यह एक टीम वर्क है जिसमें प्रधानाचार्य अध्यापक ऑर्गेनाइजर और सबसे बड़ा छात्राओं का सहयोग होना अति आवश्यक है यही से ही बच्चों की बेसिक क्वालिटी डेवलप होती है बच्चों के अंदर आदतें डेवलप होती है जैसे अनुशासन की है विश्वास भाव से कार्य करने की है मिलजुल कर अपनी समस्याओं का समाधान करने की है यह सभी चीज हैं एक प्रांगण में इकट्ठा होकर सीखने को मिलती है और यह छात्राएं सौभाग्यशाली है कि उन्हें अपने जीवन काल में इस तरह के कार्यक्रमों में भाग लेने का मौका मिला है एक अवसर प्राप्त हुआ है इस प्रतियोगिता में भाग ले और साथ ही अनेक छात्राओं का भी सहयोग दें। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों से हमारी संस्कृति का भी आदान-प्रदान होता है उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला में भी संस्कृत में विभिन्नता पाई जाती है भाषा की विभिन्नता है गाने बजाने की विभिन्नता है और ऐसे में यह एक दूसरे के साथ आदान-प्रदान करते हैं और उन्हें सीखने की कोशिश करते हैं यही चीज जो राज्य स्तर पर होगी तो सभी जिलों के बच्चे वहां पर आएंगे तो उन्हें विभिन्न जिलों के बारे में सीखने का मौका मिलता है और यही एक बहुत बड़ा मंच है जहां पर वह एक दूसरे के बारे में जानकारी ले सकते हैं और पूरे जिले में एकता की भावना उत्पन्न होती है।



