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छात्रों ने कुल्लू काॅलेज में लिया लैंगिग समानता लाने का प्रण
ट्रांसजेंडर के प्रति हमदर्दी नहीं बल्कि नजरिया बदलने की जरूरत
न्यूज मिशन
कुल्लू
राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में शनिवार को महिला प्रकोष्ठ द्वारा काॅलेज के छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के उद्देश्य से लैंगिग असमानता पर एक विशेष वार्ता का आयोजन किया। पालमपुर स्थित क्वीर फाउंडेशन के सहयोग से इसे संपन्न किया गया। वार्ता में छात्र-छात्राओं की समस्याओं, भावनाओं व समाज में इनके स्थान के बारे में जागरूक किया गया। अतिथि व्याख्याता के तौर पर डाॅन व शशांक ने बेहद शानदार तरीके से लैंगिग असमानता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी विचारधारा में बदलाव लाने की दरकार है। साथ ही इसमें सभी का सहयोग भी पूर्णतः अपेक्षित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर के लिए आज हमदर्दी की आवश्यकता नहीं है, बल्कि समाज को अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। उन्हें अपना भविष्य विकसित करने में समानता, आर्थिक भागीदारी में समानता, जीवन शैली के तरीके में समानता, स्वतंत्रता लेने में समानता और साथ में स्वतंत्रता देने में भी समानता होनी चाहिए। जीवन के हर क्षेत्र में समानता की दरकार है। छात्रों ने भी खुलकर उनसे बात की तथा भविष्य में समाज में लैंगिग समानता लाने का प्रण लिया। महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा प्रो. सीमा शर्मा ने भी छात्रों के समक्ष ट्रांसजेंडर द्वारा भोगी जा रही व्यथा के प्रति संवेदनशील होने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर कई क्षेत्रों में कामयाबी गढ़कर औरों के लिए एक नजीर बन रहे हंैं। प्रो. सीमा शर्मा ने बताया कि यह फाउंडेशन समाज को ट्रांसजेंडर के बारे में जागरूक करता है। इसमें प्रो. चारू, डाॅ. चिंता ठाकुर, प्रो. बबली जोशी, डाॅ. अनुपमा कटोच भी उपस्थित रही।
राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में शनिवार को महिला प्रकोष्ठ द्वारा काॅलेज के छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के उद्देश्य से लैंगिग असमानता पर एक विशेष वार्ता का आयोजन किया। पालमपुर स्थित क्वीर फाउंडेशन के सहयोग से इसे संपन्न किया गया। वार्ता में छात्र-छात्राओं की समस्याओं, भावनाओं व समाज में इनके स्थान के बारे में जागरूक किया गया। अतिथि व्याख्याता के तौर पर डाॅन व शशांक ने बेहद शानदार तरीके से लैंगिग असमानता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी विचारधारा में बदलाव लाने की दरकार है। साथ ही इसमें सभी का सहयोग भी पूर्णतः अपेक्षित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर के लिए आज हमदर्दी की आवश्यकता नहीं है, बल्कि समाज को अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। उन्हें अपना भविष्य विकसित करने में समानता, आर्थिक भागीदारी में समानता, जीवन शैली के तरीके में समानता, स्वतंत्रता लेने में समानता और साथ में स्वतंत्रता देने में भी समानता होनी चाहिए। जीवन के हर क्षेत्र में समानता की दरकार है। छात्रों ने भी खुलकर उनसे बात की तथा भविष्य में समाज में लैंगिग समानता लाने का प्रण लिया। महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा प्रो. सीमा शर्मा ने भी छात्रों के समक्ष ट्रांसजेंडर द्वारा भोगी जा रही व्यथा के प्रति संवेदनशील होने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर कई क्षेत्रों में कामयाबी गढ़कर औरों के लिए एक नजीर बन रहे हंैं। प्रो. सीमा शर्मा ने बताया कि यह फाउंडेशन समाज को ट्रांसजेंडर के बारे में जागरूक करता है। इसमें प्रो. चारू, डाॅ. चिंता ठाकुर, प्रो. बबली जोशी, डाॅ. अनुपमा कटोच भी उपस्थित रही।


