2 महीनें में कुल्लू मनाली पहुँचे 5 लाख 22 हजार सैलानी-तोरुल एस रवीश
कहा-2024 में 35 लाख 51 हजार सैलानियों ने किया भ्रमण 13295 विदेशी सैलानी

कुल्लू,मनाली,मणिकर्ण,कसोल, जीभी, तीर्थन में खूबसूरत वादियों उठा रहे आनंद
न्यूज मिशन
कुल्लू
पूरे देश दुनिया के मानचित्र पर कुल्लू मनाली के दर्जनों प्रसिद्ध पर्यटन स्थल विख्यात है ऐसे में हर साल देश-विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटक कुल्लू जिला के हरी भरी बर्फीली, सुंदर वादियों को निहारने के लिए सैलानी पहुंच रहे हैं। कुल्लू मनाली में जहां 2 दर्जन से अधिक एडवेंचर एक्टिविटीज के साथ-साथ सैकड़ो मंदिर मॉनेस्ट्री व गुरुद्वारा होने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिससे यहां के स्थानीय लोगों की आर्थिक की भी सुदृढ़ हो रही है कृषि बागवानी के साथ-साथ अब कुल्लू जिला में पर्यटन और धार्मिक पर्यटन से लोगों को रोजगार भी मिल रहा है
उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने कहा देश दुनिया में कुल्लू,मनाली,मणिकर्ण,कसोल, जीभी, तीर्थन, पर्यटन के लिए विकसित है उन्होंने कहा कि हर साल कुल्लू मनाली में लाखों पर्यटक घूमने के लिए आते हैं उन्होंने कहा कि पिछले दो महीना की आंकड़ों की अगर बात करें तो 5 लाख 24 हजार से ज्यादा टूरिस्ट कुल्लू जिला भर के विभिन्न पर्यटन स्थलों में घूमने के लिए पहुंचे हैं उन्होंने कहा कि 2023 में 27 लाख 22 हजार सैलानी 2024 में पिछले साल कुल्लू जिला में 35 लाख सैलानी घूमने के लिए पहुंचे थे जिनमें से 13295 सैलानी विदेश से पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला में एडवेंचर टूरिज्म के साथ-साथ धार्मिक टूरिज्म को लेकर भी प्रसिद्ध है ऐसे में यहां पर जहां मणिकर्ण गुरुद्वारा सिंह साहब में लाखों पर्यटक बाहरी राज्यों से पहुंचते हैं वहीं विभिन्न मंदिरों में धार्मिक दृष्टि से भी बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंचते हैं उन्होंने कहा इसके अलावा कुल्लू जिला में विभिन्न मॉनेस्ट्री जहां पर बौद्ध धर्म के अनुयायी भी पहुंचते हैं उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा पर्यटन को विकसित करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रोजेक्ट धरातल पर उतरने के लिए कार्य किया जा रहे हैं उन्होंने कहा कि बिजली महादेव के लिए रोपवे और पीज दर्पोइन मंदिर के लिए रोपवे लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक दृष्टि से कुल्लू जिला में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव और विंटर कार्निवल मनाली के माध्यम से भी संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए मेलों का आयोजन किया जाता है उन्होंने कहा कि इसके अलावा भगवान रघुनाथ, माता हडिंबा, मनु ऋषि , राम मंदिर सहित सैकड़ो ऐसे मंदिर है जहां पर बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते है। उन्होंने कहा किसके अलावा विभिन्न घाटियों में सैलानी यहां की खूबसूरत वादियों घूमने फिरने का आनंद उठा रहे हैं जिससे यहां के लोगों की आर्थिक की भी सुदृढ़ हो रही है।
बाईट-तोरुल एस रवीश, डीसी कुल्लू
रिपोर्ट-तुलसी भारती, संवाददाता कुल्लू


