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भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए वेद वाणी सनातन धर्म व् शास्त्रों की रक्षा जरूरी- प्रोफेसर श्रीनिवास बरखेड़ी

कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प विकसित भारत का निर्माणआध्यात्मिक देश बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर किया जा रहा कार्य

अटल सदन में 3 दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मलेन में 8 राज्यों के आचार्य ले रहे भाग

3 दिनों तक वैदिक जीवन पद्धति व वेद वाणी को लेकर होगी चर्चा

न्यूज मिशन

कुल्लू

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला मुख्यालय अटल सदन के सभागार में 3 दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन का शुभारंभ नई दिल्ली केंद्रीय संस्कृत विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास बरखेड़ी ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक महेश्वर सिंह के भी मौजूद रहे।इस 3 दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन में आठ राज्यों के 150 से अधिक आचार्य विद्वान भाग ले रहे हैं।सम्मेलन में वैदिक जीवन पद्धति , वैदिक जीवन मूल्यों पर प्रतिष्ठित विद्वानों के व्याख्यान होंगे।इसमें वेद पाठ, वैदिक संस्कृति इत्यादी को लेकर तीन दिनों में विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएगें।

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास खेड़ी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रथम बार देवभूमि कुल्लू जिला में क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है यह एक अद्भुत अनुरचनीय अनुभव का विषय है उन्होंने कहा कि यह क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन एक समुदाय का सम्मेलन नहीं है वेद विद्या देश रक्षा मानव रक्षा के लिए है धर्म रक्षा के द्वारा ही इस राष्ट्र का विकास हो सकता है उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी का संकल्प है राष्ट्र का संकल्प है विकसित भारत का निर्माण उसे दिशा में वेद विद्या के द्वारा आध्यात्मिक देश का निर्माण करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चल रहा है उन्होंने कहा कि भारत के सभी दिशाओं में वेद सम्मेलन हो रहा है उन्होंने कहा कि देवभूमि कुल्लू जिला में विकास संस्कृत महाविद्यालय के द्वारा भारत के अनेक किशोर से आचार्य और छात्र यहां आए हैं उन्होंने कहा कि इस समाज को इसको स्वीकार करना चाहिए भारत की आत्मवाणी को स्वीकार करना चाहिए और वेद वाणी सनातन धर्म की शब्द के रूप में इसकी रक्षा अर्थ के रूप में शास्त्रों की रक्षा हमारे देश के लिए जरूरी है उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए जरूरी है। क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन के द्वारा इस क्षेत्र में एक गूजायमान वेदवाणी का विस्तार हो रहा है और यहां पर सामाजिक संगठनों ने इस क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन को स्वीकार किया है।

श्री व्यास संस्कृत महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ ओम शर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन हिमाचल प्रदेश में प्रथम बार हो रहा है इसमें आठ राज्यों के 150 आचार्य विद्वान भाग ले रहे हैं उन्होंने कहा कि वेद की परंपरा जिसमें पांच शाखाएं भारत में बची है उसकी पांच शाखों का पाठ यहां पर किया जाएगा उन्होंने कहा कि वेद की सनातन परंपराओं प्रदर्शन होगा मौखिक वेद पाठ के रूप में वैदिक विद्वान यहां पर करेंगे पृथ्वी शांति सभी मनुष्यों का जीवन शांति में हो अंतरिक्ष शांति में हो जल शांति में हो मानवता का भला हो इसके लिए वेद पाठ वैदिक विद्वान विश्व शांति सुख समृद्धि की कामना करेंगे उन्होंने कहा कि तीन दिनों तक यहां पर ज्ञान यज्ञ वैदिक विद्वान ज्ञान पाठ के माध्यम से विश्व शांति की कामना करेंगे उन्होंने कहा कि कल शोभायात्रा होगी सोमवार को स्पूर्ति सत्र में श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यालय के कुलपति मुरली मनोहर भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इस वैदिक सम्मेलन से हम हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश और पूरे विश्व सुख समृद्धि होगी इससे हमारा समाज भी सुखी और समृद्ध होगा।

 

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