कुल्लू जिला में 1250 होमस्टे से युवा चला रहे स्वरोजगार-सुनयैना शर्मा
कहा- सैलानियों को होमस्टे में पारंपरिक व्यंजन और संस्कृति से हो रहे रूबरू

मणिकर्ण, कसोल, तोष, तीर्थन,बंजार सोझा जिभीमें होमस्टे सैलानियों की पहली पसंद
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के द्वारा होमस्टे योजना का युवाओं को आर्थिक की सुदृढ़ कर कर रहे हैं ऐसे में सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आर्थिक की बढ़ाने के लिए पर्यटन को विकसित किया जा रहा है कुल्लू जिला में 1250 से अधिक होमस्टे रजिस्टर्ड है जिसमें मणिकर्ण, कसोल, तोष, तीर्थन,बंजार सोझा जिभी में होमस्टे देश विदेश सैलानियों की पहली पसंद बन गई है।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी कुल्लू तो नैना शर्मा ने कहा कि कुल्लू जिलाभर में पर्यटन विभाग के पास 1250 होमस्टे रजिस्टर्ड है उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक की को सुदृढ़ करने के लिए होमस्टे योजना के तहत सब रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला में मनाली कमर्शियल क्षेत्र है जहां पर ज्यादातर होटल में पर्यटन कारोबार चल रहा है उन्होंने कहा किसके अलावा घाटी के कल मणिकर्ण तोष और तीर्थन घाटी और जीबी घाटी के साथ-साथ बंजारा में होमस्टे का कलर बहुत ज्यादा है उन्होंने कहा कि देशभर से सैलानी होमस्टे में कल अभी पारंपरिक व्यंजन और संस्कृति से रूबरू हो रहे हैं उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा होमस्टे मणिकर्ण घाटी में करीब 340 होमस्टे रजिस्टर्ड है इसके साथ-साथ बंजार और तीर्थन में भी 300 से अधिक होमस्टे है। उन्होंने कहा कि होमस्टे योजना को लेकर सरकार की तरफ से अभी कोई नई नोटिफिकेशन नहीं आई है उन्होंने कहा सरकार की तरफ से होमस्टे योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 4 कमरे रजिस्टर कर पर्यटन गतिविधियां चला सकते हैं उन्होंने कहा कि इसके लिए औपचारिकताएं भी बहुत कम है जिसमें व्यक्ति के नाम घर के रेवेन्यू पेपर पंचायत की एनओसी और एफीडेक्ट के साथ-साथ की औपचारिकताएं पूरी करनी होती है उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आर्थिक की सुदृढ़ हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से होमस्टे योजना को चलाने का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले सैलानी कल्लू की संस्कृति से रूबरू हो और जिससे लोगों को आए भी हो इस उद्देश्य से इस योजना के तहत सरकार की तरफ से बिजली पानी भी डोमेस्टिक रेट पर भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि होमस्टे चलाने में ज्यादा खर्चा नहीं करना पड़ता है इसलिए ग्रामीण क्षेत्र में युवा होमस्टे योजना से अपना स्वरोजगार चला रहे हैं।



