कसोल कूड़ा संयंत्र में लिया जाए साडा प्रभावित पंचायतों का कूड़ा करकट
महिला मंडल,युवक मंडल और आम जनताग्रामीणों ने डीसी कुल्लू को सौंपा ज्ञापन

कूड़ा संयंत्र केंद्र में साईटिफीक तरीके निष्पादन नहीं होगा तो ग्रामीण करेंगे विरोध
न्यूज मिशन
कुल्लू
जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी के ग्राम पंचायत कसोल के ग्रामीणों ने कूड़ा संयंत्र में अन्य जगह का कूड़ा कचरा डंप न करने पर डीसी कुल्लू तोरल एस रवीश को ज्ञापन दिया इस तुरंत ग्रामीणों ने डीसी कुल्लू से मांग की की उस कूड़ा संयंत्र में सिर्फ साडा प्रभावित पंचायत का ही कूड़ा लिया जाना चाहिए। ताकि पूरे इलाके में स्वच्छता बनी रह सके। ग्रामीणों ने डीसी को अवगत करवाया कि कसोल एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है और कूड़ा संयंत्र के मामले में भी यहां पर काफी सावधानी बरतनी होगी।वीओ-महिला मंडल कसोल की प्रधान कौशल्या देवी ने बताया कि कसोल में जहां पर यह कूड़ा संयंत्र लगाया जा रहा है। वहां पर पीने के पानी का टैंक भी और देवता का स्थान भी है। ऐसे में कूड़ा संयंत्र में अगर कोई भी लापरवाही बरती गई तो इससे पूरे इलाके में गंदगी फैल जाएगी और इससे पर्यटन को भी पूरा प्रभाव पड़ेगा। इस बारे अब प्रशासन को एक पत्र भी दिया गया है। ताकि कूड़ा संयंत्र के संचालन में किसी प्रकार की दिक्कत न पेश आए।
कसोल के ग्रामीण प्रेम कायसथा ने बताया कि इससे पहले भी कूड़ा संयंत्र कई जगह पर लगाए गए। लेकिन बाद में उनकी हालत काफी खराब हो गई। जिसका जीता जागता उदाहरण मनाली का रंगडी कूड़ा संयंत्र है। वहां से दिन भर बदबू उठती है और आसपास के लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कसोल में जो कूड़ा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। उसके बारे में डीसी कुल्लू से आग्रह किया गया है कि यहां पर सिर्फ साडा प्रभावित पंचायत का ही कूड़ा लिया जाए।वीओ-स्थानीय ग्रामीण अरविंद ने बताया कि एक और तो प्रशासन जंगलों को बचाने की मुहिम चला रहा है। लेकिन जहां पर कूड़ा संयंत्र लगाया जा रहा है। वह पेड़ों से हरी भरी जगह है और कूड़ा संयंत्र लगने से इसका पर्यावरण पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। इसलिए इस कूड़ा संयंत्र के बारे में प्रशासन के द्वारा एक बार फिर से विचार किया जाना चाहिए। ताकि कसोल घाटी के सुंदरता बनी रह सके।



