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क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू  में अब मरीजां को घंटों  लम्वी लाईनों में खड़ा होना पड़ेगा -धर्मपाल

कहा- मोबाइल फोेन में आभा ऐप को  डाउनलोड कर डाक्टर्स से टोकन से मिलेगी अपाईंटमेंट 

क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू  में अब मरीजां को घंटों  लम्वी लाईनों में खड़ा होना पड़ेगा -धर्मपाल

कहा-  मरीज मोबाइल फोेन में आभा ऐप को  डाउनलोड कर डाक्टर्स से टोकन से मिलेगी अपाईंटमेंट
एंकर
जिला कुल्लू क्षत्रीय अस्पताल के सभागार में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला को आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता डॉ नागराज पवॉर के द्वारा की गई। कार्यशाला में 50 के लगभग डाक्टर्स  ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। बहीं कोऑर्डिनेटर आयुष्मान भारत डिस्ट्रीब्यूशन धर्म पाल ने डिजिटल मिश्न के तहत आभा ऐप पर विस्तृत जानकारी दी। भारत का स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य सरकार की पहलों, नीति सुधारों और तकनीकी प्रगति द्वारा संचालित डिजिटल बदलावों के दौर से गुजर रहा है। तेजी से बढ़ती आबादी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल की बढ़ती मांग के साथ, डिजिटल स्वास्थ्य समाधान तक पहुंच, सामर्थ्य और दक्षता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भारत में डिजिटल स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचा, शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के बीच के अंतर को पाटने, टेलीमेडिसिन, इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड (ईएचआर) और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) द्वारा संचालित निदानों का लाभ उठाने के लिए लगातार विकसित हो रहा है।
धर्मपाल कोऑर्डिनेटर आयुष्मान भारत डिस्ट्रीब्यूशन का कहना है कि आज आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के उपलक्ष पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिसमें डिफरेंस फैसिलिटी को बुलाया गया था जिसमें लगभग 40 से 50 के करीब कुल्लू जिला के डॉक्टरों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन 27 सितंबर 2021 को लॉन्च हुआ था। जिसको प्रधानमंत्री ने इसे लॉन्च किया था। इसका ऑब्जेक्टिव एस्से हेल्थ को का निर्माण करना है एक प्रकार से हेल्थ को डिजिटल रूप में सेव करना है हम देखते हैं कि जब पेशेंट जाते हैं तो ओपीडी में लंबी-लंबी का तारे में खड़े होते हैं उन लाइनों को कम करने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एक आभा का कॉन्सेप्ट उसे किया है उसे आभा की पर्ची को स्कैन करते हैं उसके थ्रू आपको लंबी लाइन लगने की जरूरत नहीं है। जिससे मरीजों को टोकन नंबर दिए जाएंगे उसके हिसाब से आप ओपीडी में चेक हो सकते हैं। भारत डिजिटल मिशन के तहत कुल्लू क्षेत्र अस्पताल सिविल हॉस्पिटल बंजारा मनाली और सिविल अस्पताल आने के चारों से जुड़े हुए हैं जहां पर यह शुरू किया गया है उन्होंने कहा कि अब तक साढे़ तीन लाख आभा एप्स जुड़ चुके है। उन्होंने कहा कि सभी लोग आभा ऐप को अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करें अगर वह अपनी आवाज ऐप डाउनलोड करते हैं उसके थ्रू ओपीडी में अब स्कैनर लगने शुरू हो गए हैं अगर उसको स्कैनर के माध्यम से ओपीडी को जनरेट करते हैं तो उनका समय भी बचेगा इसमें दो ही चीज में रहती है कि ओपीडी में जाना है फादर नेम है  या हसबैंड नेम हो और आपकी ओपीडी जनरेट हो जाएगी।

 

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