कुल्लूबड़ी खबरहिमाचल प्रदेश
छात्रों में साईंस के साथ मॉडल जोड़कर एनवायरनमेंट सेंसटिवेबिलिटी ,क्लाइमेट चेंज रेलीवेंस को समझना गर्व की बात-तोरुल एस रवीश
कहा- छात्रों को दैनिक जीवन में फील्ड में इम्प्लीमेंटेशन और अवेयरनेस को लेकर भी जागरूकता

कुल्लू अटल सदन के सभागार में शिक्षा विभाग ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिला स्तरीय बाल मेले का किया आयोजन
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय अटल सदन के सभागार में शिक्षा विभाग के द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिला स्तरीय बाल मेले का किया गया जिसमें उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश के द्वारा विधिवत शुभारंभ दीप प्रचलित कर किया गया इस मौके पर उच्च शिक्षा उपनिदेशक डॉ अमर सिंह चौहान के द्वारा उपयुक्त कुल्लू को कुल्लवी टोपी बा समिति चिन्ह बैठकर सम्मानित किया गया इस मौके पर कोऑर्डिनेटर अजीत बौद्ध ने बाल मेले को लेकर विस्तृत जानकारी दी इससे पूर्व उपायुक्त कुल्लू टोल ऐसा सर्विस ने छात्र-छात्राओं के द्वारा बनाए गए विभिन्न मॉडल का अवलोकन किया और छात्रों से मॉडल को लेकर चर्चा की जिला स्तरीय बाल मेले में छात्र-छात्राओं के द्वारा विभिन्न प्रकार की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया इस दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के साथ कई प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
वीओ- उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने कहा कि शिक्षा विभाग के द्वारा 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए बाल मेले का आयोजन किया गया है जिसके लिए मैं उच्च शिक्षा उपनिदेशक और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक और जिला शिक्षा एवं शिक्षण संस्थान को बधाई देता हूं उन्होंने कहा कि क्लस्टर लेवल पर सभी प्रकार की एक्टिविटीज करवाई गई जिसमें साइंस के मॉडल की डिस्प्ले, कल्चरल एक्टिविटीज और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज में छात्रों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया है उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए यह बाल उत्सव मनाया गया है उन्होंने कहा कि बाल मेले में छात्र-छात्राओं के द्वारा जो साइंस के मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। जिसमें एक कॉमन थीम सस्टेनेबिलिटी की बात की है। उन्होंने कहा कि गर्भ का विषय है कि हमारे छोटे बच्चे भी एनवायरनमेंट सेंसटिवेबिलिटी को क्लाइमेट चेंज को साइंस के साथ जोड़कर रेलीवेंट समझ रहे हैं उन्होंने कहा किसके लिए टीचर और स्टूडेंट को बधाई देनी चाहिए उन्होंने कहा कि साइंस में बहुत प्रकार के मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं और बच्चों को यह भी समझ है कि फील्ड में इंप्लीमेंटेशन में क्या इशू जा रहे हैं अवेयरनेस की क्या इशू है हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में नेक्स्ट जेनरेशन समिति के इशू को समाधान करने में अपनी भूमिका निभाएंगे
उच्च शिक्षा उपनिदेशक डॉ अमर सिंह चौहान ने कहा कि जिला स्तरीय बाल मेले का आयोजन कुल्लू में हो रहा है उन्होंने कहा कि इस बल मिले में जिला भर के 6 वर्ष से लेकर 14 वर्ष के बच्चे विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में भाग ले रहे हैं जिसमें साइंस के मॉडल प्रदर्शित किया गया है इसके अलावा कल्चरल एक्टिविटीज और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज के साथ-साथ अन्य कई प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाई जा रही है उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बाल मेले के माध्यम से बच्चों को ट्रेडिशनल फूड को लेकर भी जानकारी दी जा रही है उन्होंने कहा कि छात्रों को खेल-खेल और कल्चरल गतिविधियों से बौद्धिक शारीरिक और मानसिक विकास करने के लिए बाल मेले का आयोजन किया गया है उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से बच्चों को कैसे हस्त पुस्तक आ जाए और खेल-खेल में बच्चे कैसे पढ़ाई करें और उनके बौद्धिक विकास हो सके। उन्होंने कहा कि एक्टिविटीज बेस एजुकेशन से बच्चों को विभिन्न प्रकार का ज्ञान उपलब्ध होता है इसलिए इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों को प्रदेश स्पर्धा की भावना और ग्रुप लर्निंग के साथ सीखने की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर से जो बच्चे उत्कृष्ट रहे हैं उनको जिला स्तरीय बाल मेले में भाग लेने का मौका मिला है और वह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
शिक्षा खंड निर्मल के ब्रो स्कूल के छात्र मन्नत कटोच ने कहा कि मैं बेस्ट मैनेजमेंट पर मॉडल तैयार किया है जिसमें देश में 2024 की एक रिपोर्ट में यह दर्शाया गया है कि हमारे देश में प्रतिदिन 1.9 मिलियन टन खाना बेस्ट हो रहा है और उसको देखते हुए उससे साइंटिफिक किस प्रकार से उपयोग कर उसे ज्वलनशील गैस और ऑर्गेनिक खाद का निर्माण किया जा सकता है ताकि भविष्य में बैठ बेस्ट का उपयोग रीसायकल से उपयोग किया जा सके उन्होंने कहा कि बेड बेस्ट कैसे मॉडल से कैसे ज्वलनशील गैस का निर्माण कर उसका उपयोग कर सकते हैं इसको दर्शाया गया है।
शिक्षा खंड कुल्लू बैंक छात्र विद्युत शर्मा ने कहा कि ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत पर एक मॉडल तैयार किया है जिसमें एक को फ्रेंडली एनर्जी सोर्सेस जिससे पर्यावरण को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचता है उन्होंने कहा कि सोलर एनर्जी और पवन चक्की से कैसे बिजली तैयार की जाती है उसे किस प्रकार दैनिक जीवन में लोग उपयोग कर सकते हैं उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में बदलकर इलेक्ट्रिक के रूप में उपयोग कर सकते हैं उन्होंने कहा कि इसी तरह बरसात और रेनी मौसम में पवन चक्की के माध्यम से किस प्रकार विद्युत ऊर्जा तैयार कर उसका उपयोग कर सकते हैं उसके लिए मॉडल प्रदर्शित किया है ताकि भविष्य में इको फ्रेंडली सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में कन्वर्ट कर उसका उपयोग कर सकते हैं इसके लिए यह मॉडल प्रदर्शित किया है



