देश के 40 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति और जनजातीय लोगों के अस्तित्व और प्रतिनिधित्व को सुरक्षित रखा जाए-राम लाल कुल्लवी
कहा-22 राज्यों में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने राष्ट्रपति महोदय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ संविधान संशोधन विधेयक लाकर संसद में पारित किया जाए

कुल्लू जिला में एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार के माध्यम से भीम आर्मी ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुमू को भेजा ज्ञापन
न्यूज मिशन
कुल्लू
पूरे देश भर में संविधान में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए 1 अगस्त 2024 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने केन्द्र सरकार को आदेशित किया है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति को मिलने वाले आरक्षण का राज्य सरकारें सर्वे कटायें तथा इन अनुसूचिन कामी लेअर को छाँटे और वर्गीकरण करने के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध किया वहीं कुल्लू जिला में भी भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रदेश महासचिव रामलाल कुलवी की अध्यक्षता में एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू को ज्ञापन भेज कर अनुसूचित जाति जनजाति और अन्य वर्गों के अधिकारों छेड़छाड़ ना करने के लिए आग्रह किया गया ।
हिमाचल प्रदेश भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रदेश महासचिव रामलाल कुलवी ने कहा कि 1 अगस्त 2024 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने केन्द्र सरकार को आदेशित किया है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति को मिलने वाले आरक्षण का राज्य सरकारें सर्वे कटायें तथा इन अनुसूचिन कामी लेअर को छाँटे और वर्गीकरण भी करें। महोदया, इस आदेश से अनुसूचित जाति एवं जन जातियों को काफी नुकसान होगा, जातिगत आधार पर लोगों में बंटवारा होगा, द्वेष भावना पैदा होगी और आरक्षण का लाभ पूर्ण रूप से इन जातियों को नहीं मिलेगा।
बाबा साहब डा० भीमराव राम जी अम्बेडकर के अथक संघर्ष से भारत के संविधान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वगों के लिये अनुच्छेद 340 की धारा 15-4 एवं 16-4 में स्पष्ट रूप से सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के लिये आरक्षण का प्रावधान किया गया है। आरक्षण की व्यवस्था 15 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 7.5 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति तथा 27 प्रतिशत अन्य पिछड़े वर्गों के लिये की गई है। इसी के तहत इन वर्गों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जा रहा है।परन्तु आज तक किसी भी सरकारी विभाग में पूर्ण रूप से आरक्षण का कोटा पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी भारत एकता मिशन की मांग है कि जातिगत जनगणना करायी जाए। अनुसूचित जाति एवं जन जातियों तथा अन्य पिछड़े वर्गों का आरक्षण कोटा सभी विभागों में पूरा किया जाए।. गैर सरकारी संस्थानों में भी आरक्षण व्यवस्था लागू की जाए। जब तक अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों का आरक्षण कोटा सभी विभागों में पूरा नहीं होता है तब तक आरक्षण के इस प्रावधान को संविधान की नौवीं सूची में डाल दिया जाए ताकि आरक्षण प्रावधान में किसी भी प्रकार की छेड़ छाड़ न हो सके।
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