कुल्लूबड़ी खबरहिमाचल प्रदेश

कच्चे घड़े को संवारता है शिक्षक- सुरजीत राव

कहा-हमारा लक्ष्य क्वालिटी एजुकेशन से बच्चों का भबिष्य संवारना

उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सुरजीत राव ने होनहार बच्चों को किया सम्मानित
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर दर्शक हुए मंत्र मुग्ध
न्यूज मिशन
कुल्लू
कोटा आगे प्राथमिक पाठशाला में वार्षिक समारोह व स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन बड़े धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सुरजीत राव ने बतौर मुख्य तिथि शिरकत की। वही मुख्य शिक्षिका सुनीता महंत ने मुख्य अतिथि को कुलवी टोपी मफलर एवं समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जीवन बाला, पीटीएफ जिला अध्यक्ष इंदर कुमार ठाकुर, पूर्व राज्य कोषाध्यक्ष पीटीएफ त्रिलोक चंद, पीटीएफ ब्लॉक अध्यक्ष कुल्लू हरि सिंह ठाकुर, महासचिव ओमेंद्र, स्थानीय पंचायत प्रधान काईस शीला पठानिया, उपप्रधान मोहर सिंह, सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रजलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वहीं बिष्ट बेहड की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया, वही प्री प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी, कक्षा पहली के बच्चों ने भी फिल्मी गीत पर सुंदर नृत्य किया। इस अवसर पर छात्राओं ने समूह गान प्रस्तुत किया। तो वही कल्पना ने एकल डांस प्रस्तुत किया, कोटा आगे की छात्राओं ने समूह गान प्रस्तुत किया, वहीं छात्र व छात्राओं ने कुलवी नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर तीसरी कक्षा की छात्राओं ने समूह गान प्रस्तुत किया। तो वही लड़कों ने ग्रुप डांस प्रस्तुत कर खूब भाई लूटी, इस अवसर पर स्कूल की मुख्य अध्यापिका सुनीता महंत ने अपनी बार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की तो वहीं मुख्य अतिथि ने वर्ष भर रहे अवल विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों को सम्मानित किया गया।
बाक्स
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सुरजीत राव ने कहा की हमारे पास बैल एजुकेटिड अध्यापक है, इनकी कार्यक्रमों को देखकर ही पता चलता है कि अध्यापक कितनी मेहनत कर रहे हैं उन्होंने कहा कि अगर इस प्रकार ऐसी अध्यापक हमारे पास है आने वाले समय में हमारा जो लक्ष्य है क्वालिटी एजुकेशन बच्चों को दे सके और बच्चे निजी स्कूल की तरफ न जाकर सरकारी स्कूलों की तरफ इनका रूझान हो। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां हमारे स्कूल में आयोजित की जा रही है और अब अभिभावक भी हमारे साथ जुड़ेंगे, बच्चों के कार्यक्रम से ही पता चलता है कि उनके अध्यापकों में कितनी कड़ी मेहनत की होगी। जिसका श्रेय अध्यपको जाता है। उन्होने कहा कि शिक्षक छोटे बच्चे जिसका जीवन कच्चे घड़े की तरह होता है, उसे निखारता है तो उसमें जीवन के रंग भी भरता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Trending Now