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2022 में औद्योगिक हैम्प का वैश्विक बाजार 5600 करोड़ 2027 तक 15 हजार करोड़ होने का अनुमान

 

 

 

न्यूज़ मिशन
उत्तराखंड

उतराखंड में हिमाचल विधानसभा समिति के सदस्य स्टडी टूर औद्योगिक और गैर-मादक उपयोग के लिए भांग की खेती शुरु करने को तमाम पहलुओं पर समिति अध्ययन कर रही है।

भांग के गैर-मादक उपयोग की अनुशंसा के लिए गठित समिति ने किया सगंध पौधा केंद्र शैलाकुई देहरादून का दौरा किया।

समिति ने भांग के औषधीय और औद्योगिक प्रयोग के बारे में जानकारी की हासिल कर रही है

औद्योगिक और गैर-मादक उपयोग के लिए भांग की खेती शुरु करने को लेकर सरकार तमाम पहलुओं पर विचार कर रही है। मामले पर गठित प्रदेश सरकार की समिति ने इसी कड़ी में आज देहरादून के शैलाकुई में सगंध पौधा केंद्र का दौरा किया है।
सगंध पौधा केंद्र में दौरे के दौरान खेती शुरू करने को लेकर विभिन्न पहलुओं पर समिति ने विस्तार से जानकारी हासिल की है। इस दौरान मामले से जुड़े विभिन्न विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी भी हासिल की है।

भांग की खेती ना सिर्फ आजीविका को सुनिश्चित करती है बल्कि उद्योग और औषधीय प्रयोग के लिए भी बड़े स्तर पर प्रयोग की जा सकती है।

दौरे के दौरान सुगंध पौधा केंद्र के निदेशक नृपेंद्र चौहान ने समिति को वर्चुअल प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न तकनीकी पहलुओं से अवगत करवाया। उन्होंने कहा वर्ष 2022 में औद्योगिक हैम्प का वैश्विक बाजार 5600 करोड़ था, जो वर्ष 2027 बढ़कर 15 हजार करोड़ होने का अनुमान है।

इससे पूर्व समिति ने केंद्र में अत्याधुनिक पौध नर्सरी, औषधीय पौधों, सुगंधित फूलों की खेती के संबंध में जानकारी हासिल की। इसके अलावा इससे होने वाले उत्पादन को भी समिति ने अवलोकन किया। समिति के सदस्यों ने पौध केंद्र द्वारा भांग की खेती को वैध करने के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट का भी अवलोकन और विचार विमर्श किया।
समिति आगामी कड़ी में भांग की खेती करने वाले उत्तराखंड के किसानों के अनुभवों को भी जानेगी।जिसके बाद हिमाचल प्रदेश सरकार भांग की खेती को वैध करने के लिए कानून के तहत पॉलिसी लागू करेगी।हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली भांग के साथ साथ हाईब्रिड भांग की खेती नशे के लिए की जाती है।जिससे हर साल भांग की खेती को नष्ट करने के लिए लाखों रुपये खर्च करती है और दूसरी तरफ चरस के काले कारोबार से सैकड़ों लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने से जेल चरस तस्करों से भरी पड़ी है जिससे सरकार पर इसका बोझ पड़ रहा हैऐसे में सरकार भांग की खेती को वैध करती है तो प्रदेश सरकार के खजाने को इसका लाभ होगा और दवाइयों के लिए भांग की खेती से प्रदेश के किसानों की आर्थिकी भी सुदृढ होगी।और इससे चरस तस्करी पर भी लगाम लग सकती है।लेकिन इसके।लिए सरकार को भांग की खेती को वैध करने के लिए कानून में कड़ी प्राबधान करने की जरूरत है।

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