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अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव देव महाकुंभ के तीसरे दिन देवी देवताओं के अस्थाई शिविरों

देवी देवताओं के अस्थाई शिविर में दर्शनों के लिए उमड़ी श्रद्धलुओं की भीड़

वाद्ययंत्रों की देव धूनों पर हुई विधिवत पूजा अर्चना
दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने देवी देवताओं के अस्थाई शिविरों में हजारी लिया आशीर्वाद
भगवान रघुनाथ,माता सीता,शालीग्राम, हनुमान का स्नान, हार श्रृंगार विधिवत पूजा अर्चना श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
न्यूज मिशन

कुल्लू
अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के तीसरे दिन ऐतिहासिक ढालपुर दशहरा मैदान में देवी देवताओं के अस्थाई शिवरों में सुबह की पूजा अर्चना देव वाद्ययंत्रों की देवधूनों की स्वर लहरियों के साथ भक्तिमय माहौल बना हुआ है। देवी देवताओं के पुजारी भजंतरियों ने देव वाद्ययंत्रों के साथ विधिवत पूजा अर्चना भोग प्रसाद चढ़ाया और देवी देवताओं के आशीर्वाद लिया इस तुरंत देवी देवताओं के अस्थाई शिवरो और भगवान रघुनाथ के स्थाई शिवरों में श्रद्धालुओं की दर्शन के लिए भीड़ उमड़ रही है भगवान रघुनाथ के अस्थाई शिविर में भगवान रघुनाथ, माता सीता, शालिग्राम,नरसिंह,हनुमान जी का विधिवत स्नान, हार हरसिंगार के साथ विधिवत पूजा अर्चना की गई भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ी ब्रदर महेश्वर सिंह पुजारी ने मंत्रउच्चारण के साथ पूजा अर्चना की। भगवान रघुनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़उमड़ी , भगवान रघुनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
वीओ- दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने दशहरा मैदान में देवी देवताओं के अस्थाई शिविरों में हाजिरी भरी इस दौरान उन्होंने सभी देवी देवताओं का आशीर्वाद लिया।

सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने कहां की अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव देव महाकुंभ में जिला बरसे सैकड़ो देवी देवताओं के मंदिरों में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद ले रहा हूं उन्होंने कहा कि दशहरा कमेटी की तरफ से इस बार दशहरा उत्सव समिति के द्वारा कई देवी देवताओं को निमंत्रण भेजा गया है उन्होंने कहा कि देवी देवताओं के महाकुंभ में देवी देवताओं के आदर्मन में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए उन्होंने कहा कि देवी देवताओं से ही कल्लू का दशहरा देश भर में प्रसिद्ध है उन्होंने कहा कि देवी देवताओं के लिए दशहरा उत्सव समिति के द्वारा सभी तरह की व्यवस्थाएं की गई है उन्होंने कहा कि इस बार देवी देवताओं के लिए आधुनिक फायरप्रूफ टेंट 25 दिए गए हैं आने वाले समय में सभी देवी देवताओं को आधुनिक फाइल प्रूफ टेंट दिए जाएंगे उन्होंने कहा कि देवी देवताओं की परंपराओं को संरक्षण संवर्धन करने के लिए दशहरा उत्सव समिति के द्वारा प्रयास किया जा रहा है उन्होंने कहा कि देवी देवताओं के आशीर्वाद से सच्चे मन से जो भी कार्य किया जाता है वह सफल होता है उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव में देवी देवताओं के अस्थाई शिविरो में कारकुनों हरियानों बजंतरियों को उचित सुविधा मिले इसके लिए प्रयास किया गया है

देवता श्रृंगार ऋषि महाराज के पुजारी सुरेश बिष्ट ने कहा कि देवता श्रृंगार ऋषि का इतिहास 1660 ई से दशहरा उत्सव से जुड़ा हुआ है उन्होंने कहा कि राजा जगत सिंह के समय में देवता श्रृंगार ऋषि को दशहरा मैदान में जगह दी गई थी जहां पर उनको बैठने की व्यवस्था की है उन्होंने कहा कि देवता श्रृंगार ऋषि महाराज के अस्थाई शिविर में तीन समय पूजा अर्चना की जाती है उन्होंने कहा कि देवता सिंह राशि पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद देते हैं ऐसे में देवता श्रृंगार ऋषि से जो भी मांगेंगे उनकी कामना पूरी करते हैं। उन्होंने कहा कि देवता श्रृंगार ऋषि महाराज की मान्यता बहुत ज्यादा है और इसलिए देवता के पास हजारों की संख्या में श्रद्धालु आशीर्वाद लेने के लिए आते है।
देवता लोमस ऋषि के रोशन लाल ने कहा फतेहपुर गढ़ के अधिष्ठाता देवता है। कोठी सराज के मान्य देवता है उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव अस्थाई शिविर में दिन में तीन बार विधिवत पूजा अर्चना की जाती है उन्होंने कहा कि पुजारी सुबह 4:00 बजे उठकर बाबरी से शुद्ध जल लेकर देवता के स्नान के लिए जलते हैं और उसके बाद देवी देवताओं का विधिवत हार स्नान श्रृंगार किया जाता है। कई लोमस ऋषि अनादि काल से विराजमान है उन्होंने कहा कि देवता श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हैं और कई तरह की मनोकामनाएं पूरी होती है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा कि कल्लू का दशहरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देव संस्कृति लोक संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है उन्होंने कहा कि हिमाचल में कितने भी मिले त्यौहार मनाया जाते हैं राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह यहां की लोक कला लोक रीति रिवाज सभ्यता संस्कृति देव संस्कृति के प्रति आस्था प्रतीक है उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश दुनिया में देव संस्कृति और लोक संस्कृति के लिए विशेष स्थान रखता है उन्होंने कहा कि भगवान रघुनाथ जी के सम्मान में मनाया जाने वाले इस दशहरा उत्सव में जिला भर के देवी देवता शिरकत करते हैं उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव देव आस्था के लिए पूरे विश्व में विख्यात है उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कल्चरल परेड में देश विदेश के कलाकारों ने अपनी लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया है और कलाकारों ने इस कलर पलेट के माध्यम से संस्कृति के संरक्षण संवर्धन का संदेश दिया है उन्होंने कहा कि चाहे हमारी भाषा वेशभूषा लोक संस्कृति भिन्न-भिन्न है लेकिन पूरी मानवता को यह संदेश दिया है कि दुनिया एक है और विभिन्नता में ही एकता और संस्कृति के द्वारा एक दूसरे से जोड़ते हैं और इसी का ही यह समावेश प्रयास है अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव जहां समृत देव संस्कृति और लोक संस्कृति आदान-प्रदान होता है

 

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