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लाहुल स्पीति की तेनजिन  डोलमा ने 122 किमी  सिल्क रूट अल्ट्रा रन में हासिल किया गोल्ड मेडल

वर्ल्ड चैंपियनशिप बैंगलोर के लिए किया क्वालीफाइं ,सरकार से आर्थिक सहयोग की मांग

 

तेनजिन डोलमा ने पिछले 6 वर्षों में अल्ट्रा ट्रेल रोड़ रन में  14  गोल्ड मेडल जीते

सरकार से प्रोत्साहन न मिलने का मलाल

न्यूज मिशन

कुल्लू

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति की तेनज़िन डोल्मा  अल्ट्रा ट्रेल रोड रनर एथलीट लद्दाख मैराथन में 122 किलोमीटर की दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया  है और वर्ल्ड चैंपियनशिप बेंगलुरु के लिए क्वालीफाई किया है।कुल्लू में तेनजिन डोलमा ने प्रेसवार्ता में मीडिया को सबोधित करते हुए कहाकि  लाहौल स्पीति घाटी के एक दूरदराज के गांव से होने के कारण, संसाधनों की भारी कमी के बावजूद मैंने दौड़ने के अपने जुनून को जीवित रखा और बहुत कम समय में विभिन्न दौड़ें जीतीं। उन्होंने कहा कि सरकार से अभी तक कोई मदद नहीं मिली है जिससे मलाल  है कि सरकार से प्रोत्साहन मिले तो मैं इस फिल्ड में देश के लिए मेडल लाने का  लक्षय है।

अल्ट्रा ट्रेल रोड रनर एथलीट तेनजिन डोलमा ने कहा कि पिछले 6 साल से अल्ट्रा ट्रेन रोड रनर एथलीट के तौर पर मैंने बहुत सारे इवेंट में भाग लेकर 14  गोल्ड मेडल हासिल किए हैं।उन्होंने कहा कि  हालहि में  5 सिंतबर को लद्दाख मैराथन में  नुबरा वैली से लेकर लेह मार्केट तक 122 किलोमीटर लंबी यह दौड़ थी जिसमें 17 घंटे में मैंने यह दौड़ पूरी की है। और पिछला रिकॉर्ड भी ब्रेक किया है जो   छेरिंग लामसें ने 2 साल पहले 19 घंटे कुछ मिनट में  यह दौड़ पूरी की थी और मैंने यह रिकॉर्ड भी तोड़ा है।उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में ओवरऑल में वूमेन में 4th नंबर पर आई हूं उन्होंने कहा कि बर्ड चैंपियनशिप बैंगलोर 100 किलेामीटर  अल्ट्रा ट्रेल  मैराथन का आयोजन किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि अल्ट्रा ट्रेल  रोड़ रनर में बहुत कम महिला एथलीट भाग लेती है उन्होंने कहा कि महिलाओं में जागरूकता की कमी के कारण बहुत सारे एथलीट इस फील्ड में आगे नहीं बढ़ते हैं । और रेखा की मैं महिलाओं को एक मैसेज देना चाहती हूं कि आप भी इस फील्ड में आगे बढ़ सकते हैं और अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं।उन्होंने कहाकि वर्ल्ड चैम्पियनशीप बैंगलौर के लिए धन की कमी है ऐसे में सरकार मदद करें तो उसमें भाग लेकर देश के  लिए गोल्ड मेडल जीतने का लक्ष्य है।

गौर रहे कि  7 वर्षों में, मैंने 2019 में स्पीति मैराथन 21 किमी जीता, 2020 में हेल रेस 480 किमी जीता, 2020 में पातालसू पीक ट्रेल जीता, 2021 में सोलंग स्काईअल्ट्रा ट्रेल 60 किमी जीता, 100 किमी जीता। सोलंग स्काईअल्ट्रा ट्रेल ने 2022 में भारत का पहला स्नो मैराथन, 42.195 किमी, दुनिया का सबसे ऊंचा और 2023 में स्नो मैराथन जीता। फिर मैं पहाड़ों से बाहर आया और टाटा मुंबई मैराथन 42.195 में चौथे स्थान पर और अपोलो नई दिल्ली मैराथन 42.195 में तीसरे स्थान पर रहा। 2023 में, मैंने दुनिया के सबसे ऊंचे पास खारदुंगला 72 किमी चैलेंज में तीसरा स्थान हासिल किया और रोहतांग अल्ट्रा चैलेंज 102 किमी में पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा 2023 में सिल्क रूट अल्ट्रा ट्रेल 100 किमी नारकंडा में प्रथम स्थान। 2024 की शुरुआत टाटा अल्ट्रा 50 किमी 2024 में तीसरे स्थान के साथ हुई। और विश्व की सबसे ऊंची भारत स्नो मैराथन 2024 में प्रथम स्थान के साथ। इसके अलावा विश्व चैंपियनशिप बैंगलोर क्वालीफाइंग स्टेडियम 100 किमी  रन के लिए  क्वालीफाइ कर हिमाचल का नाम देश दुनियां में रोशन किया है। लदाख मैराथन में कई देशों के 6200 एथलीट ने भाग लिया था।

 

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