कुल्लू जिला में किसानों के मटर की फंसल पर दोहरी मार से किसान परेशान
एम तरफ मौसम की बेरूखी दूसरा मंडी में आढ़तियों व्यापारियो की मिली भगत से दाम मिल रहे कम
कुल्लू जिला में किसानों के मटर की फंसल पर दोहरी मार से किसान परेशान
एम तरफ मौसम की बेरूखी दूसरा मंडी में आढ़तियों व्यापारियो की मिली भगत से दाम मिल रहे कम
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला में किसानों की मटर की फंसल पर दोहरी मार पड़ी है जिसके चलते किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ किसानों को सब्जि मंडी मे मटर के अच्छा दाम नहीं रही है ऐसे में किसानो को आर्थिक तौर पर नुक्सान उठाना पड़ रहा है कुल्लू जिला में मौसम की मार से इस बर्ष मटर की फंसल 60 प्रतिशत से अधिक कम है ऐसे में कुल्लू जिला के हजारों किसानों को अपने आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ रहा है यहीं नहीं सब्जिमंडी में जा मटर पिछले बर्ष 80 से 100 रूपये किलो विका वो मटर इस बार 55 रूपये से ज्यादा नहीं विका है ऐसे में किसान को अपने परिवार के पालन पोषण की चिंता सताने लगी है।भुंतर सब्जि मंडी में आढ़तियों व्यापारियों की मिली भगत से किसानों को मटर के फंसल के कम दाम मिल रहे है।भुंतर सब्जिमंडी के आढती अभिनाश ने बताया कि भुंतर सब्जी मंड़ी में मटर गड़सा, मनीकर्ण और बजौरा,राहला से मटर आ रहा है।उन्होंने कहाकि इस बर्ष बारिश कम होने से मटर का उत्पाद कम हुआ है। जिससे इस बार कुल्लू जिला के किसानों की कम उत्पादन हुआ है। ऐसे में किसानों को मटर दाम 48 से 50 रूपये प्रति किलो तक मिल रहे हैं। मटर के दाम एक माह से न बढ़ रहा हैं न कम हो रहा है। उन्होंने कहाकि उत्पाद कम होने से किसानों को दाम कम दाम मिल रहे है।उन्होने कहा कि फूल गोभी के दाम 40से 45 रूपये प्रति किलों तक किसानों के इसके दाम मिल रहें है। उन्होने कहा कि अगर बारिश होती तो उत्पादन और बढ़ती और किसानों को मटर के अच्छे दाम मिलते । स्थानीय किसान ओम प्रकाश ने बताया कि बारिश के न होने मटर का उत्पाद बहुत कम हुआ है। जिसयके चलते किसानों को इसके दाम भी कम मिल रहे हैं। ऐसे में पिछले साल किसानों को 80 से 100 रूपये प्रति किलो मटर के दाम मिलते थे।उन्होने कहाकि एक तरफ मौसम की मार से किसानों को नुक्सान हुआ है दूसरा सब्जिमंडी में किसानों को दाम कम मिलने से आर्थिक नुक्सान हा रहा है ऐसे में सरकार से मांग की है किसानों को कुछ राहत दी जाए।



