जिस पंचायत से सर्वाधिक मत विधायक को मिले उसी पंचायत के स्कूल से सर्वाधिक प्राध्यापकों शिक्षकों कर्मचारियों को स्थानांतरित करने में जुटा है शिक्षा विभाग टीसी महंत
सिसे स्कूल मोहनी से तीन महीने में शिक्षा विभाग ने 7 प्राध्यापकों शिक्षकों को कर दिया स्थानांतरित

आरटीई के प्रावधानों को ठेंगा दिखाकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को कमजोर करने में तुला है शिक्षा विभाग
न्यूज़ मिशन
वंजार 18 अप्रैल
जिला कांग्रेस कमेटी कुल्लू के उपाध्यक्ष एवं पूर्व उप प्रधान मोहनी टीसी महंत ने उच्च शिक्षा निदेशालय पर आरटीई के प्रावधानों को ठेंगा दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आरटीई के प्रावधानों के तहत किसी भी प्रकार से किसी को भी शिक्षित होने से वंचित नहीं रखा जा सकता है लेकिन बंजार विधानसभा चुनाव क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोहनी के जिन मतदाताओं ने स्थानीय विधायक को विकल्प के तौर पर चुनकर सर्वाधिक मत दिए थे उसी पंचायत के अभिभावकों के बेटा बेटियों की शिक्षा के साथ प्रदेश सरकार का शिक्षा विभाग खिलवाड़ कर के एक साथ आधा दर्जन से अधिक प्रध्यापकों शिक्षकों को स्थानांतरित करने के आदेश देकर ग्रामीण परिवेश के छात्र-छात्राओं की शिक्षा के साथ स्वयं ही हिमाचल प्रदेश का शिक्षा विभाग खिलवाड़ कर रहा है जो शिक्षा के क्षेत्र में दुर्भाग्यपूर्ण है
उन्होंने बताया कि कोरोना काल के बाद मानो इस स्कूल मैं अध्ययनरत स्कूली छात्र छात्राओं की शिक्षा पर ग्रहण सा लग गया है
कोरोना की बंदिशें के हटने के बाद अभिभावकों को लगा की उनके बच्चों की पढ़ाई पटरी पर आएगी
मगर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोहनी में अध्ययनरत 200 स्कूली छात्र छात्राओं को निराशा ही हाथ में लगी
जनवरी 2022 के बाद उपरोक्त स्कूल से हर तीसरे दिन किसी न किसी प्रध्यापक शिक्षक के स्थानांतरण का आदेश शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी आंख मूंद कर कर रहे हैं कुछ के आदेश होने वाले हैं
जबकि उच्च शिक्षा निदेशालय को स्कूल की वास्तविकता की रिपोर्ट जिला में कार्यरत उपनिदेशक उच्च शिक्षा से लेनी चाहिए
मगर रिपोर्ट नहीं मांगी गई लगता है उच्च शिक्षा निदेशालय को वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है उन्होंने तो केवल मंत्री के आदेशों का पालन करना होता है
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार में शिक्षा मंत्री भी कुल्लू जिला से संबंधित है फिर भी शिक्षा विभाग कुल्लू जिला के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों से उसे आंख बंद करके धड़ाधड़ शिक्षकों को सुविधाजनक स्थानों के लिए स्थानांतरित करने में तुला है
जो ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली छात्र छात्राओं से किसी खिलवाड़ से कम नहीं
सीसे स्कूल मोहनी के एसएमसी अध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने प्रेस को जारी बयान में जानकारी देते हुए कहा कि वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोहनी से एक के बाद एक शिक्षकों के हो रहे स्थानांतरण को रोकने के लिए एसएमसी कमेटी ने प्रस्ताव पारित करके 6 अप्रैल को स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी को सौंप कर शिक्षकों के स्थानांतरण रोकने की मांग की लेकिन मोहनी स्कूल से शिक्षकों के स्थानांतरण का सिलसिला यथावत जारी है
उच्च शिक्षा निदेशालय ने धरातल की सचाई जाने बिना एक साथ 7 प्रध्यापकों शिक्षकों को स्थानांतरित कर दिया जबकि एक-दो दिनों में पीटीआई स्थानांतरित होने वाली है उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त होंगे तथा 31 मई को राजनीतिक शास्त्र के प्राध्यापक का सेवानिवृत्त काल प्रस्तावित है ऐसे में मोहनी स्कूल में अध्ययनरत 200 स्कूली छात्र-छात्राओं की पढ़ाई राम भरोसे ही रह जाएगी उन्होंने बताया कि वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोहनी से केवल 3 महीनों में ही पीजीटी अंग्रेजी, पीजीटी इतिहास, पीजीटी संस्कृत, डीपी, टीजीटी मेडिकल, कंप्यूटर व ड्राइंग शिक्षकों के अतिरिक्त लैब असिस्टेंट व लिपिक को भी स्थानांतरित कर दिया है
कुछ दिनों में पीटीआई का पद भी खाली होने वाला है
उधर प्राथमिक पाठशाला मोहनी के एसएमसी अध्यक्ष खुशाल चंद ने बताया की उपरोक्त स्कूल में अध्ययनरत 200 नन्हे मुन्ने बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने एक ही शिक्षक तैनात कर रखा है एक अन्य शिक्षक को कुछ महीनों पहले प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने स्थानांतरित कर दिया है
सीसे स्कूल मोहनी प्राथमिक पाठशाला मोहनी से धड़ाधड़ स्थानांतरित किए जा रहे प्राध्यापकों शिक्षकों कर्मचारियों के स्थानांतरण से उखड़े स्थानीय पंचायत के वर्तमान जनप्रतिनिधियों पूर्व जनप्रतिनिधियों स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के पदाधिकारियों अभिभावकों ने संयुक्त बयान में कहा अगर उपनिदेशक उच्च शिक्षा प्रारंभिक शिक्षा विभाग कुल्लू का यही रवैया रहा तो मोहनी पंचायत से 200 से अधिक महिला पुरुष कुल्लू पहुंचकर उपनिदेशक उच्च शिक्षा सहित उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा के कार्यालय का घेराव करने को तैयार है इसलिए समय रहते मोहनी स्कूल मैं रिक्त पड़े पदों को भरा जाए स्थानांतरण धीन शिक्षकों कर्मचारियों को रिलीव ना करवाया जाए



