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हैडलूम उत्पादों की सत्यता और गुणबत्ता के लिए वस्त्र मंत्रालय ने लगाया जागरूकता शिविर

एक बुनकर को एक खड्डी के लिए 500 हैडलूम मार्क के लिए कर सकता है आवेदन

हैडलूम मार्क और मोबाईल ऐप के बारे में दी विस्तृत जानकार

एंकर

कुल्लू जिला की लगघाटी के सुमा गांव में वस्त्र समिति वस्त्र मंत्रालय भारत के सौजन्य से कलस्टर लेवल पर एक  दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसमें जीएम डीआईसी कुल्लू छीमें आंगमों  ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। वस्त्र समिति के क्वालिटी इंशोरेंस ऑफिसर पंकज कुमार,आईएम पाल,उपनिदेशक बनुकर सेवा केंद्र कुल्लू अनिल साहू,एनएचडीसी सहायक प्रबंधन शिवाजी शिंदे भी मौजूद रहे। कार्यशाला में सैंकड़ो बुनकरों ने भाग लिया और हैडलूम मार्क और मोबाइल ऐप के बारे में जानकारी हासिल की।

वस्त्र समिति ,वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के  क्वालिटी इंशोरेंस ऑफिसर पकंज कुमार ने बताया कुल्लू जिला के सुमा हैडलूम क्लास्टर में  2020 में नई मोबाईल ऐप और पोर्टल लांच हुआ है जिसको लेकर बुनकरों के लिए जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है।उन्होंने कहाकि डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत वस्त्र मंत्रालय मंत्री स्मृति ईरानी ने ऑनलाईन हैडलूम स्कीम को मोबाइल ऐप के माध्यम से विवर्ज  ऐप,कस्टमर ऐप,एडमिन ऐप से मॉनिट्रेनिंग की जा रही है जिसमें विवर्ज ऐप के द्वारा बुनकर ऑनलाईन रजिष्ट्रेशन कर हैडलूम मार्क के लिए अप्लाई कर सकता है। उन्होंने कहाकि हैडलूम उत्पादों की गुणबत्ता के लिए हैडलूम  मार्क  लगान जरूरी है जिससे उत्पाद की अच्छी क्वालिटी और अच्छी कीमत मिले। इसके लिए एक बुनकर को एक खड्डी के लिए 500 हैडलूम मार्क तक  अप्लाई कर सकता है।उन्होंने कहाकि कुल्लू के लोकल उत्पादों की सत्यता और गुणबत्ता के लिए बुनकर अपने उत्पादों हैडलूम मार्क लगाए जिससे उनके उत्पादों की ज्यादा बिक्री हो सके।

जीएम डीआईसी कुल्लू छीमें आंगमों  ने बताया कि कुल्लू जिला में हथकरघा हस्तशिल्प  में 10 हजार से अधिक बुनकर लोकल ऊनी वस्त्र तैयार करते है ऐसे में 7 हजार बुनकर व्यसायिक तौर पर लोकल ऊनी उत्पाद तैयार करते है ऐसे मेंहैडलूम मार्क को लेकर कार्यशाला आयोजित की है जिसके लिए बुनकरों के द्वारा हथकरघा में तैयार होने बाले  उत्पादों  पर हैडलूम मार्क लगेगा इसको लेकर बुनकरों को जागरूकता शिविर में विस्तृत जारकारी दी गई है।उन्होंने कहाकि  बुनकर हैडलूम मार्क पहले डाक के द्वारा रजिष्ट्रेशन व हैडलूम मार्क मंगवाए जाते थे लेकिन अब डाक्यूमेंटशन ऑनलाईन हो रही है। उन्होंने कहाकि बुनकर मोबाईन ऐप के माध्यम से हैडलूम मार्क के लिए रजिष्ट्रेशन कर सकते है और हैडलूम मार्क लगाकर अपने उत्पादों की सत्यता व गुणाबत्ता को लोकप्रियता को बढ़ा सकते है और ज्यादा से ज्यादा  बुनकर हैडलूम मार्क में रजिष्ट्रेशन कर अपने व्यवसाय को बढ़ा सकते है।

स्थानीय बुनकर रविंद्र नाथ ने बताया वस्त्र मंत्रालय के द्वारा हैडलूम मार्क को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया है जिसमें बुनकरों को हैडलूम मार्क को लेकर ऑनलाईन मोबाईल ऐप के माध्यम से रजिष्ट्रेशन व हैडलूम मार्क के लिए ऑर्डर को लेकर जानकारियां दी गई है।उन्होंने कहाकि सभी बुनकरों को हैडलूम मार्क उत्पादों में लगाना चाहिए जिसस उस उत्पाद की सत्यता और गुणाबत्ता की पहचान होगी और उससे बुनकरें को दाम भी अच्छे मिलेगें।

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