अधिवक्ताओं के खिलाफ काले कानून वापस ले केंद्र सरकार- तेज ठाकुर
कहा- डीसी के माध्यम से भारत सरकार कानून मंत्री को ज्ञापन भेज कर काले कानून को वापस लेने की की मांग

अधिवक्ताओं ने काले कानून के खिलाफ उपायुक्त कार्यालय के बाद किया धरना प्रदर्शन
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय में अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तेज ठाकुर की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर सरकार के काले कानून के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। धरने प्रदर्शन में वकीलों ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने डीसी कल्लू के माध्यम से भारत सरकार के कानून मंत्री को ज्ञापन बेचकर काले कानून को वापस लेने की मांग की।अन्यथा वकीलों में सड़कों पर आंदोलन की चेतावनी दी।बार एसोसिएशन कल्लू के अध्यक्ष तेज ठाकुर ने कहा कि सरकार 2025 में कानून में जो संशोधन कर रही है वह अधिवक्ताओं के खिलाफ है उन्होंने कहा कि 1961 एडवोकेट एक्ट के संशोधन कर रहे हैं। जिसमें अधिवक्ता अपने अधिकारों को लेकर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं इसके अलावा इस कानून में एडवोकेट के खिलाफ लाखों रुपए का जुर्माना लगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के द्वारा समाज के हर व्यक्ति की मुश्किलों में उनके साथ सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट और सेशन कोर्ट में हर परिस्थिति में खड़ा रहता है उन्होंने कहा कि एडवोकेट एक्ट में आज जिस प्रकार संशोधन किया जा रहा है। उसके बाद वकील अपने अधिकारों के लिए भी प्रोटेस्ट नहीं कर पाएंगे और जो वकील केस हार जाएगा उस वकील के खिलाफ ₹300000 का जुर्माना लगाएगी। उन्होंने कहा कि वकीलों के प्रोटक्शन बिल को सरकार लागू नहीं कर रही है। ऐसे में वकील अपने दम पर केस लड़ता है और दिन-रात मेहनत करके और अपने क्लाइंट का केस जीता है
बार एसोसिएशन कुल्लू कोर्ट के पूर्व अध्यक्ष संजय ठाकुर ने कहा कि 1961 एडवोकेट एक्ट के अमेंडमेंट का ड्राफ्ट जो दिखाया गया उसमें एडवोकेट के अगेंस्ट चीज हैं जिसमें डिसप्लेलिनरी कमेटी में अगर किसी भी क्लाइंट को अधिवक्ताओं के विरुद्ध शिकायत होती थी नए कानून में 5 सदस्यों बाली डिसीप्लिनरी कमिटी में 3 सदस्य केंद्र सरकार और 1 सदस्य बार एसोसिएशन का मेंबर होगा। उन्होंने कहा कि एडवोकेट हमेशा गरीब तबके के लोगों के मेहनत करते हैं एडवोकेट आजादी से लेकर लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं उन्होंने कहा कि एडवोकेट एक्ट बिल के संशोधन के बाद एडवोकेट अपने लिए स्ट्राइक नहीं कर पाएंगे उन्होंने कहा कि अगर इस देश का पढ़ा लिखा तब का अपने हक के लिए सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन नहीं कर पाएगा तो ऐसे में आम लोगों को कौन पूछेगा उन्होंने कहा कि सरकार ऑटोनॉमस बॉडी को खत्म करने की कोशिश कर रही है हम सरकार के इन मंदसौरों को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक यह काले कानून सरकार वापस नहीं लेती है तब तक एडवोकेट का धरना प्रदर्शन पूरे देश प्रदेश में जारी रहेगा।



