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धर्म, देवआस्था के ठेकेदार विकास में गतिरोध पैदा करना  नहीं होगा सहन-सुंदर सिंह ठाकुर

एनएचपीसी की परियोजनाओं लगाने से देवी देवताओं के मंदिरों विस्थापन पर क्यों नहीं विरोध किया
न्यूज मिशन

कुल्लू
धार्मिक पर्यटन नगरी मणिकर्ण के धार्मिक पवित्र तीर्थ स्थल के गर्म पानी को डाइवर्ट कर कसोल ले जाने और गर्म पानी के कुंड बनाने की परियोजना राजनीतिक रूप ले लिया है ऐसे में जहां पिछले कल उपयुक्त कल्लू के माध्यम से मणिकरण के स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर इस परियोजना के लिए धार्मिक पवित्र तीर्थ स्थल के गर्म पानी को डाइवर्ट करने का विरोध किया है वही भाजपा के पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक महेश्वर सिंह ने भी इसको लेकर अपनी टिप्पणी जाहिर करते हुए इसका विरोध किया है ऐसे में अब स्थानीय विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने पूर्व सांसद एवं पूरा विधायक महेश्वर सिंह पर धर्म और देव आस्था के ठेकेदार कर देते हुए विकास में गतिरोध पैदा करने का आरोपी लगाया है।

विधायक कुल्लू सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि मणिकर्ण घाटी में लोगों की कोई समस्याएं नहीं है उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कुछ लोग धर्म  देव आस्था  के ठेकेदार बनकर विकास में बार-बार बिना तथ्यों के अपनी बात करने की कोशिश करते हैं और गतिरोध पैदा कर रहे हैं उन्होंने कहा कि जब-जब कुल्लू में विकास की बात हम करते हैं तब तब वह लोग विरोध करना शुरू करते हैं चाहे पीज से ढालपुर में पैराग्लाइडिंग शुरू करने की बात हो वही लोग कहते थे कि पैराग्लाइडिंग से देवी देवताओं के मंदिर के ऊपर से पैराग्लाइडर उड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह बात कल्लू में ही क्यों आती है आज जिस प्रकार आसमान में हवाई जहाज हेलीकॉप्टर उड़ रहे हैं उसमें शौचालय भी बनाए गए हैं क्या वह लोग उसका भी विरोध करेंगे उन्होंने कहा कि कुछ लोग विकास में गतिरोध पैदा करने की बातें कर रहे हैं उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है कुल्लू में विकास के लिए हम किसी को भी धर्म की आड़ में विकास के लिए राजनीति करेगा उसको हम विकास क्या है आने नहीं देंगे उन्होंने कहा कि हम देवस्थान में खुद विश्वास करते हैं और मैं भी देवी देवताओं को मानने वाले परिवार से हूं और मेरे परिवार से भी देवी देवताओं के कार्यादार हैं देवी देवताओं के मेरी अटूट आस्था है ऐसे में देवी देवताओं का आशीर्वाद रहा है ऐसे में उन्हें भी सबक लेना चाहिए जो बार-बार जिन्होंने बिना सोचे समझे की विलेज का विरोध किया और बड़ी-बड़ी परियोजनाओं का भी विरोध किया उन्होंने कहा कि उसे वक्त उन्होंने क्यों नहीं विरोध किया जब एनएचपीसी के प्रोजेक्ट बनने कई रुद्रनाग से लेकर कई मंदिरों का विस्थापन किया गया।। उन्होंने कहा कि मैं उन लोगों के दोगलेपन को देख रहा हूं तथ्यों को समझें और कोई भी धर्म धार्मिक आस्था को ठेस पहुंच कर विकास नहीं किया जाएगा उन्होंने कहा कि अगर वह चाहते हैं कि धर्म की आड़ में विकास को रोका जाएगा उसको भी सहने किया जाएगा।

 

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