खेती बाड़ी के ढांचे को नया रूप देने के लिए सरकार कर रही प्रयास-प्रो.चंद्र कुमार
कहा-पशुपालन विभाग में 1 हजार मल्टी टास्क वर्कर और 700 कम्पोउडर के पदों को भरेंगी सरकार

कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के अखाड़ा बाजार सब्जी मंडी में किसान मेले में सैकड़ों किसानों ने सरकार के योजनाओं की जानकारी प्राप्त की
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने किसान मेले में किसानों को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किया आग्रह
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय आखाड़ा बाजार सब्जी मंडी में कृषि विभाग के द्वारा एक दिवसीय कृषि मेले का आयोजन किया इसमें कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की इस मौके पर कृषि विभाग के अधिकारियों और स्थानीय जनता ने कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार का स्वागत किया इस दौरान कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कृषि विभाग के द्वारा लगाई विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और कृषि उपकरणों और पशुपालन विभाग के द्वारा जिला में चलाई जाए योजनाओं अधिकारियों से फीडवैक भी लिया। इस दौरान कृषि मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने कृषि विभाग कुल्लू में 87 करोड रुपए से निर्मित अवश्य परिसर का भी उद्घाटन किया। किसान मेले के मंच पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार को कृषि विभाग के अतिरिक्त सचिव जीत सिंह ने कुल्लवी शॉल टोपी व स्मृति चिंह भेंट कर स्वागत किया। जिला भर से सैकड़ो की संख्या में किसानों ने भाग लिया। पूर्वी कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने उत्कृष्ट प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने किसान मेले को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के द्वारा किसानों और पशु पालकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी दी।
– कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार खेती बाड़ी के ढांचे को नया रूप देने के लिए बदलाव कर रही है उन्होंने कहा कि आज कुल्लू जिला में किसान मेले का आयोजन किया गया और कृषि विभाग कुल्लू में 87 लख रुपए की लागत से आवासीय परिसर का भी उद्घाटन किया है उन्होंने कहा कि प्रदेश में क्षेत्र मैं पर्यावरण के हिसाब से फसलों को तैयार किया जाए उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार सरकार के द्वारा कृषि विभाग के माध्यम से रिमोट सेंसिव सैटेलाइट अमेजरी उनके माप अपलोड करके माइक्रो लेवल पर प्रोसीजर एडोब कर की आरती की को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्कू की सोच है कि प्राकृतिक का खेती को बढ़ावा देने के लिए इसमें गाय के गोबर से तैयार फसलों फसलों की कीमत किसानों को अच्छी मिले सरकार की कोशिश है कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहे हैं उन्होंने कहा कि पशुओं के गोबर और मलमूत्र से तैयार फसलों के लिए एक अलग से मंदिरों में व्यवस्था की जाएगी ताकि किसानों को उनके अच्छे दाम मिल सके इसके लिए भी सरकार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से प्रदेश में खेती-बाड़ी में रासायनिक करो का उपयोग अधिक किया गया है जिसके कारण से लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है उन्होंने कहा कि अब धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न प्रकार की योजनाएं लागू कर रही है जिससे किसने की आमदनी में भी बढ़ोतरी हो और लोगों को प्राकृतिक खेती के उत्पाद लोगों को उपयोग करने के मिले। उन्होंने कहा कि किस प्रकार प्रदेश में बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए पिछले दो वर्षों में सरकारी और निजी गौशाला को 70 करोड रुपए की राशि वितरित की है । उन्होंने कहा कि मैं बहुत सारी गौशाला का निरीक्षण किया लेकिन गौशाला में बेसहारा पशुओं को समय पर चार और पानी के साथ-साथ अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही है जिससे कि गौशालाएं स्लॉटर हाउस बन गई है।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार जो गाय दूध नहीं दे रही है उनके लिए ₹700 प्रति पशु पशुपालकों को देगी जिससे आवारा पशुओं की समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा
लगघाटी भुट्टी के प्रगतिशील किसान बागवान संजीव कुमार ने कहा कि ग घाटी में ज्यादातर किसान बागबान कैश क्रॉप की तरफ रुचि दिखा रहे हैं उन्होंने कहा कि आजकल किसान अनाज उगाने की तरफ कम रुचि दिखा रहा है और कैश क्रॉप में जिसमें सेब, जापानी तरफ ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं उन्होंने कहा कि जापानी फल में ज्यादा खर्चा नहीं है इसलिए लोग ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं उन्होंने कहा कि इसके अलावा लहसुन की खेती की तरफ भी लोग ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार सालों से लहसुन के भी अच्छे दाम मिल रहे हैं जिसके चलते किसान लहसुन की पैदावार को लेकर भी रुचि दिखा रहे हैं उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के द्वारा प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से जो फैसले है उसमें पौष्टिकता गुणवत्ता जिसमें बिना रासायनिक पदार्थों के जो उत्पाद तैयार हो रहे हैं उसे लोगों के स्वास्थ्य पर भी अच्छा असर पड़ रहा है और इसी के लिए सरकार भी प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है



