कांग्रेस राज में आख़िर हिमाचल और कितना होगा अपमानित: अनुराग सिंह ठाकुर
कहा-औंधे मुँह गिर चुका है राहुल गांधी जी का खटाखट-खटाखट मॉडल

न्यूज मिशन
20 नवम्बर 2024, हिमाचल प्रदेश:
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल हाईकोर्ट द्वारा हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के घाटे में चल रहे 18 होटलों को तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस सरकार से सवाल पूछा है कि आख़िर उनके राज में हिमाचल को और कितना अपमानित होना पड़ेगा?
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ राहुल गांधी जी और उनकी पार्टी का खटाखट-खटाखट मॉडल औंधे मुँह गिर चुका है। आज हिमाचल में आर्थिक आपातकाल की स्थिति है। हाईकोर्ट द्वारा पिछले कल दिल्ली में हिमाचल भवन की कुर्की का आदेश और आज सफ़ेद हाथी के रूप में पाले, कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन से घाटे में चल रहे हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम HPTDC के 18 होटलों पर ताला लगाने का आदेश दिखाता है कि यह सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है। देवभूमि हिमाचल कभी पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य था मगर आज हाईकोर्ट की टिप्पणी कि एचपीटीडीसी इन सफेद हाथियों के रख-रखाव में सार्वजनिक संसाधनों का अपव्यय ना करें, इन होटलों का संचालन जारी रखते हुए राज्य के खजाने पर गैरजरूरी बोझ डालने से बचें दिखाता है कि कांग्रेस सरकार ने अपनी नीतियों से प्रदेश की टूरिज़्म इंडस्ट्री को भी हताश-निराश रखा है”
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “कांग्रेस ने हिमाचल में सरकार बनाने के 2 साल के भीतर प्रदेश पर ₹96500 करोड़ से ज़्यादा का कर्ज चढ़ा दिया, दिल्ली में हिमाचल की शान “हिमाचल भवन” को कुर्क कराने की नौबत ला दी। कांग्रेस राज में आख़िर हिमाचल को और कितना अपमान सहना पड़ेगा? हिमाचल में कांग्रेस ने सरकार बनाने से पहले 10 गारण्टियाँ दीं थीं, आज दो साल बीत गए मगर इनकी भी गारंटी पूरी नहीं हुई। कांग्रेस राज में हिमाचल की हालत तो ये हो गई है कि आज मुफ़्त बिजली का वादा करके उसपे सेस, मुफ़्त पानी का वादा करके उसपे चार्ज लगाकर वसूली सरकार ने हिमाचल की जनता को छलने का काम किया है। 2 साल पहले कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों के समय प्रदेश की जनता से झूठे वादे और झूठी गारंटियाँ देकर सरकार बनाई थी। हिमाचल की माताएं बहनें अभी भी अपने ₹1500 प्रति महीने का इंतजार कर रही हैं। हिमाचल के किसान अभी तक दो रुपए प्रति किलो गोबर और ₹100 प्रति लीटर दूध खरीदे जाने का इंतजार कर रहे हैं। हिमाचल के युवा अपनी 5 लाख नौकरियां का इंतजार कर रहे हैं। हिमाचल के परिवार 300 यूनिट फ्री बिजली का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश का ये इंतज़ार तो ख़त्म नहीं हुआ उल्टा इन्होंने प्रदेश को भारी भरकम कर्ज के बोझ तले दबा दिया है। और अब तो आए दिन ऐसे विषय सामने आ रहे हैं कि इनकी कार्यपद्धति से हिमाचल हर दिन शर्मशार हो रहा है”



