कुल्लू जिलाभर में साढ़े 3 माह से सूखे के कारण लहसुन, गेंहू जौ की फँसले हो रही खराब
मौसम की बेरूखी से किसानों को सता रही नुक्सान की चिंता

नवंबर माह में चारों तरफ की पहाड़ियां बर्फ से खाली
कई क्षेत्रों में पीने के पानी की किल्लत
किसान बागवान कर रहे बारिश बर्फबारी के इंतजार
खुष्क ठंड धूल मिट्टी से लोगों को हो रही खांसी जुखाम कई बीमारियां
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला में पिछले साढ़े 3 माह से बारिश बर्फबारी ना होने के कारण किसानों बागबानो कि फैसले खराब हो रही है जिसके चलते किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है वही कुल्लू जिला भर में पिछले 3:30 माह में बारिश की एक भी बूंद नहीं गिरी है जिसके चलते किसने की लहसुन गेहूं जो सहित अन्य कई प्रकार की फैसले खराब हो रही है कुल्लू जिला भर में किसान बागवान बारिश बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं ऐसे में नवंबर माह खत्म होने को है और कुल्लू जिला की चारों तरफ की पहाड़ियां बिना बर्फबारी के खाली दिख रही है जिसका सीधा असर किसने बागबानो और आम जनता को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है कुल्लू जिला में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर लोगों को पीने के पानी की क़िल्लत हो रही है और वहीं दूसरी तरफ खुष्क ठंड धूल मिट्टी के कारण लोगों को खांसी जुखाम नजला सहित अन्य कई प्रकार की बीमारियां का सामना करना पड़ रहा है।
जिंदोड़ के स्थानीय किसान वीणा। राम ने कहां की कुल्लू जिला में पिछले 3:30 महीना में बारिश न होने के कारण किसानों बागवानों की फैसले सूख रही है उन्होंने कहा कि जिला भर में किसानों ने लहसुन गेहूं और जो की फसल लगाई है उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में लोगों ने अभी तक गेहूं और जब की फसल की बिजाई नहीं की है उन्होंने कहा कि खेतों में नमी न होने के कारण लोग गेहूं और जो की फसल की बिजाई नहीं कर पाए हैं उन्होंने कहा कि बारिश पर परी ना होने के कारण किसने बागबानो को चिंता ता रही है उन्होंने कहा कि जंगलों में भी जगह-जगह पर सुख के कारण आगजनी की घटनाएं हो रही है उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से सर्दी में भी समय पर बर्फबारी और बारिश नहीं हो रही है जिसके चलते किसानों को इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि यही नहीं खुष्क ठंड और धूल मिट्टी से लोगों को खांसी जुखाम नजला जैसी बीमारियां हो रही है। उन्होंने कहा कि मेरी उम्र 70 साल के आसपास हो रही है और ऐसे में हमें यह देखने में मिल रहा है कि दो-तीन वर्षों से पर्यावरण बदलाव के कारण समय पर बारिश पर भारी नहीं हो रही है और जिससे किसानों को और बागबानों को इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि किसान बागवान अभी भी बारिश पर परी का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनकी फसल के लिए संजीवनी मिल सके और जो फैसले अभी बजाई नहीं हुई है उन फसलों की भी बजाई कर सके
रायसन के स्थानीय बागबान प्रेमचंद ने कहा कि पिछले तीन महीना से बारिश न होने के कारण लहसुन गेहूं जो सहित बागबानो के छोटे पेड़ पौधे सूख रहे हैं उन्होंने कहा कि लगातार पर्यावरण बदलाव के कारण दो-तीन सालों से नवंबर महीने में भी सुख हो रहा है जिसके चलते किसानों बागवानों की फैसले खराब हो रही है उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में पीने के पानी की भी किल्लत हो रही है और ऐसे में क्लाइमेट चेंज का असर सीधे तौर पर किसने बागबानो की आर्थिक की पर पड़ रहा है उन्होंने कहा कि नवंबर महीने में चारों तरफ की पहाड़ियों में बर्फबारी होती थी लेकिन इस वर्ष सारी पहाड़ियां खाली है जिसके चलते कई क्षेत्रों में पीने के पानी की कीमत भी हो रही है उन्होंने कहा कि मौसम की बेरुखी से किसने बागवानों को नुकसान की चिंता ता रही है।
स्थानीय निवासी सुरेश कुमार ने कहा कि कुल्लू जिला में पिछले 3:30 महीना से बारिश न होने के कारण इसका सीधा असर किसने बागबान ऊपर पड़ रहा है उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो किसने बागबानो को भारी नुकसान होगा उन्होंने कहा कि लोग बारिश के लिए जगह-जगह पर धार्मिक कार्य कर रहे हैं और पिछले कल भी भूतनाथ शिव मंदिर में जलाभिषेक का कार्यक्रम हुआ है उन्होंने कहा कि नवंबर महीना खत्म होने पर पहुंच गया है और ऐसे में कुल्लू जिला के चारों तरफ की पहाड़ियां बिना बर्फबारी के खाली नजर आ रही है यह भी चिंता का विषय है उन्होंने कहा कि नवंबर महीने में चारों तरफ की पहाड़ियों में बर्फबारी होती थी लेकिन पिछले एक-दो सालों से जिस तरह से क्लाइमेट चेंज हो रहा है उसका सीधा असर मानव जीवन और किसने बागवानों के फसलों पर पड़ रहा है



