सरकार प्रशासन ने दशहरा उत्सव को बनाया कमाई का साधन-भीम सेन शर्मा
कहा- कचौरी बेचने के लिए स्टॉल लगाने पर 1 लाख रुपये दिया

दशहरा उत्सव समिति को मिठाई बेचकर 1 लाख 10 हजार रुपये दिए खुद को कुछ नहीं बचा-खेम राज
कहा-दशहरा उत्सव में मिठाई की दुकानों का स्थान बदला उससे हुआ नुक्सान
मिठाई और फ़ूड स्टॉल में कारोबारियों में छाई मायूसी कारोबार ढीला होने से हो रहा नुकसान्
न्यूज मिशन
कुल्लू
अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए लगी फूड मार्केट में पहुंचे कारोबारी में भी कारोबार ढीला होने से मायूसी छाई है ऐसे में कारोबारी की माने तो इस वर्ष दशहरा उत्सव समिति के द्वारा दशहरे को कमाई का साधन बनाया गया जिसमें स्टॉल महंगे दाम पर दिए गए इसके अलावा स्टॉल लगाने वालों ने भी महंगा दम लिया और इसके अलावा फूड मार्केट में प्रशासन की तरफ से डम लगाया गया था जिसमें भी प्रति स्टॉल कारोबारी से 6, 6 हजार रुपए लिए गए यही नहीं इस बार दशहरा उत्सव समिति के द्वारा 20 दिन की जगह 27 दिन का मेला व्यापार के लिए निर्धारित किया गया था ऐसे में जहां पहले 20 दिन स्टॉल लगाने के पैसे लिए गए थे उसके बाद 7 दिन के अलग से हजार रुपए प्रति स्टॉल लिए जा रहे हैं जिसके चलते कारोबारी में भारी नाराजगी है ऐसे में कारोबारी की माने तो दशहरा उत्सव को प्रशासन और सरकार की तरफ से कमाई का साधन बनाया गया और कारोबारी को लूटने का काम किया गया जबकि कारोबारी का काम ढीला होने से अधिकतर कारोबारी को नुकसान उठाना पड़ा है कई कारोबारी की माने तो वह अगले वर्ष दशहरा उत्सव में कारोबार के लिए नहीं आएंगे।।
मंडी जिला से आए कारोबारी भीमसेन शर्मा ने कहा कि दशहरा उत्सव के लिए फूड स्टॉल में दुकान लगाई है जहां पर कचोरी परांठे चाय का स्टॉल लगाया है उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव में इस बार कारोबार ढीला रहा जिसके चलते खर्चा भी पूरा नहीं हो रहा है उन्होंने कहा कि 2 स्टॉलों के 1 लाख से अधिक का किराया लिया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर से एक स्टॉल के 1 हजार प्रतिदिन दशहरा उत्सव समिति ले रही है उन्होंने कहा कि इसके अलावा टैंट के 10000 और बाहर बाहर डोम के 12 हजार रुपये लिए इसके इलावा बिजली के बल्ब के 100 रुपये प्रतिदिन ले रहे है। उन्होंने कहा कि अब दशहरा उत्सव को कमाई का साधन बना दिया जिससे इस बार सभी कारोबारी को नुकसान हो रहा है उन्होंने कहा कि पिछले 18 वर्षों से दशहरा उत्सव में फूड स्टॉल में कारोबार कर रहे हैं लेकिन इस बार जिस तरह से कारोबारी को परेशान किया गया उस सभी कारोबारी में निराशा है उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव समिति के द्वारा दशहरा उत्सव को व्यापार मेल बनाकर लोगों के बच्चे ढीली की है।
मंडी से आए कारोबारी धर्म सिंह ने कहा कि पहली बार दशहरा उत्सव में मिठाई की दुकान लगाने के लिए आए थे और यहां पर कुछ भी कारोबार नहीं चल रहा है और ऐसे में इस मेले में घाटे का सौदा साबित हुआ है उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव में सिर्फ मिठाई की 6 दुकाने लगी हुई है उन्होंने कहा कि उधार मांग कर मेले में कारोबार करने के लिए आए थे लेकिन यहां पर तो उल्टा कर्जदार हो गए हैं उन्होंने कहा कि काम बिल्कुल भी नहीं हो रहा है जिसके चलते इस बार नुकसान उठाना पड़ा है उन्होंने कहा कि प्रशासन को मिठाई की दुकान में मार्केट में लगानी चाहिए थी जहां पर की कुछ कारोबार होता और हम भी अपने परिवार के लिए कमाई करते लेकिन यहां आकर तो उल्टा नुकसान हुआ है।
वीओ- बाली चौकी मंडी से आए कारोबारी खेमराज ने कहा कि पिछले कई सालों से दशहरा उत्सव में मिठाई की दुकान लगाते हैं लेकिन पिछले सालों से मिठाई की दुकानों का स्थान बदलकर प्रदर्शनी मैदान में किया गया है और जिसके कारण मिठाई के कारोबार से जुड़े कारोबारी को नुकसान हो रहा है उन्होंने कहा कि 110000 का स्टाल लिया था लेकिन अभी तक खर्च भी पूरा कर नहीं हो पाया है ऐसे में इस मेले में तो सिर्फ जो पैसे दशहरा उत्सव समिति को दिए उतने ही पैसे इकट्ठा हुए हैं उन्होंने कहा कि अपने लिए कुछ भी पैसे नहीं इकट्ठा हुए हैं ऐसे में इस मेले में तो नुकसान ही उठाना पड़ा है उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही अगली बार भी इसी जगह पर मिठाई की दुकान लगाई जाएगी तो हम काम करने के लिए नहीं आएंगे हमने कहा कि सरकारों को भी सोचना चाहिए कितनी दूर से लोग दशहरा उत्सव में कारोबार के लिए आए हैं ऐसे में दुकानदारों को भी सस्ते दरों पर स्टाल उपलब्ध होना चाहिए था जिससे कि दो पैसे वह भी कमाते और अपने परिवार का पालन पोषण करते लेकिन इस मेले में तो नुकसान ही उठाना पड़ा है।



