सरकार ने दशहरा उत्सव को विजनेस इवेंट बनाकर देशभर के लोगों को लूटा-गोविंद सिंह ठाकुर
कहा-अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के मूल स्वरूप को बदल कर वेस्टर्न विदेशी संस्कृति को दिया बढ़ावा

दशहरा उत्सव समिति ने फिजूलखर्ची कर जनता की जेब पर डाका डाला
गोविंद सिंह ठाकुर ने राजनैतिक संरक्षण प्राप्त प्रशासनिक अधिकारियों को दी चेतावनी अपना रास्ता बदले अपने तरीकों को बदले
न्यूज मिशन
कुल्लू
पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद सिंह ठाकुर ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि इस बार वर्तमान सरकार ने और दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष ने दशहरा उत्सव के मूल स्वरूप को बदलने का प्रयास किया है और व्यवस्था परिवर्तन। नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव कई सदियों से चला आ रहा है इसका सांस्कृतिक महत्व है और दशहरा देवी देवताओं और कुल्लू जिला के लोगों के लिए है उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव न केवल व्यापार करने के लिए है ऐसे में दशहरा उत्सव मेला संस्कृति त्यौहार ना रहकर विजनेस इवेंट बनाया गया । उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव में इस बार हर प्रकार की गतिविधियों को महंगा किया गया जिसमें बाहरी राज्यों के व्यापारियों के साथ-साथ स्थानीय महिलाओं को फूड स्टॉल में प्लाट महंगे दिए गए। और डोम, फ्री मार्किट तंबोला महंगा किया गया। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव को पैसा कमाने का साधन बनाया गया जो बाहर से आया व्यापारी है ना तो व्यापारी वर्ग प्रसन्न है क्योंकि उसको बहुत महंगी कीमतों पर स्थान दिया गया और उसका अतिरिक्त कैनोपी पर लगाने का पैसा लिया गया बिजली के बिल अलग से दिए गए पानी के बिल अलग से दिए गए और लगातार प्रशासन की धौंस और दादागिरी उसको सहन करनी पड़ी और उसके अतिरिक्त उस व्यापारी को अपना सामान बेचने के लिए खर्चों को पूरा करने के लिए समान महंगा बेचना पड़ा और जिसके कारण से कुल्लू जिला और प्रदेश के जो लोग दशहरे में उनकी जेब पर दशहरा उत्सव समिति ने डाका डाला है। उन्होंने कहा कि लंबे समय के के बाद जो गत वर्ष का जो दशहरा था 2023 का पहली बार दशहरा घाटे में रहा है। उन्होंने कहा कि 15 वर्षों से दशहरा उत्सव समिति से जुड़ा रहा और कभी भी एक भी साल दशहरा उत्सव समिति में हमेशा दशहरा में पैसा बचा करता था अगले वर्ष का अधिकार जाएगा दशहरा उत्सव समिति से जुड़ा रहा और कभी भी एक भी साल दशहरा उत्सव समिति घाटे में गया है हमेशा दशहरा में पैसा बच्चा करता था अगले वर्ष के लिए लेकिन वह घाटे में आया है अब अगले साल की जो वेलेंस सीट आएगी उसमें देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव इतनी ज्यादा फिजूलखर्ची की गई है इतना दिखावा किया गया है और उसके पश्चात अभी आप यह देखेंगे सरकार की सरकारी दादागिरी प्रशासन के दादागिरी के कारण से यहां का आम नागरिक और व्यापारी बोल नहीं रहा है पर जो दशहरा 20 दिन में व्यापार समाप्त हो जाता था लगभग एक महीना होगा वह चल रहा है और जिसके कारण से कुल्लू शहर का आम व्यापारी परेशान है। उन्होंने कहा कि इस तरह का एक छत्र राज करने के मंशा को समाप्त करना चाहिए यह सत्ता आती जाती है सदा किसी हाथ में नहीं रहती है और मैं भी कहूंगा जो सरकारी मशीनरी जो सरकार के अधिकारी राजनीतिक संरक्षण प्राप्त करके कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता के भांति काम कर रहे हैं उनको चेतावनी देता हूं अपना रास्ता बदले अपने तरीकों को बदले नहीं तो हमको बहुत कुछ बोलना पड़ सकता है और नहीं तो ऐसे सरकारी संरक्षण प्राप्त जो अधिकारी हैं जिनको लगता कि विपक्ष की बात को सुना नहीं जाना चाहिए हम जो भी करेंगे करेंगे लेकिन मैं कहूंगा जब हम चलेंगे जब हम बढ़ेंगे हर प्रकार के रास्ते हम अपनाएंगे तो मुझे लगता उनको भी संरक्षण देने वाले ना स्वयं सुरक्षित रहेंगे और वो अधिकारी अपने आप बचा नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा दशहरा के मूल स्वरूप को बदलने का प्रयास किया गया है और देवी देवताओं का दशहरा है और इसको पूरा वेस्टर्ननाइजेशन करने की कोशिश की गई है। इस बार कुल्लवी नाटी, कुल्लुवी देवधुनो इस प्रकार का अनेक कार्यक्रम को बदल गया है और जो पूरा एक वेस्टर्न संस्कृति पर चलने का प्रयास किया गया जो भारतीय संस्कृति का अनुकूल नहीं है और मैं कहूंगा कांग्रेस पार्टी का कल्चर इस प्रकार का है और इस प्रकार की बातें लंबे समय तक चलने वाली नहीं है और इसे मूल स्वरूप को बदलने की जो कोशिश की गई है।दशहरा उत्सव के मूल स्वरूप को बदलने का प्रयास किया गया है उसकी निंदा करता हूँ।



