कारोबारबड़ी खबरलाहुल और स्पीतिहिमाचल प्रदेश

ग्रामीण विकास व पंचायती राज संस्था के अधिकारी विकास कार्यों को प्रदान करें तेज गति-राहुल कुमार 

15 वें वित्त आयोग के तहत जिला लाहौल स्पीति में 34 करोड़ के बजट का प्रावधान

ज़िला में मनरेगा के तहत अब तक 3 करोड़ की धनराशि व्यय , 50 हज़ार 443 श्रम दिवस अर्जित
न्यूज मिशन
केलांग 10 अक्टूबर
 जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में ग्रामीण विकास विभाग एवं  पंचायती राज संस्था के अधिकारी विकास कार्यों में तेज गति प्रदान करें और समय रहते विभिन्न योजनाओं में करवाए जा रहे विकासात्मक  कार्यों को तय समय के भीतर पूर्ण करवाएं।
 यह निर्देश आज उपायुक्त राहुल कुमार ने
 जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण एवं पंचायती राज संस्था के विभिन्न विकासात्मक कार्यों को लेकर   संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों को दिये।
उपायुक्त राहुल कुमार ने चालू वित्तीय वर्ष   में जिला के  प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत 23 आवासों व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 7 आवासीय भवनों  के कार्यों की प्रगति समीक्षा करते हुए   यह भी निर्देश दिए  कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत गत वर्षो से  लंबित मामलों में गृह निर्माण के पात्र लाभार्थियों  जिन्होंने प्रथम किस्त लेने के उपरांत भी अभी तक  आवास कार्य को आरंभ नहीं किया है उनसे रिकवरी वसूली जाए। ताकी इस धन राशि को अन्य जरूरतमंद  व्यक्ति को चयनित कर योजना से लाभान्वित किया जा सके।
 उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कहा कि जिला लाहौल स्पीति के स्थानीय उत्पादों को बेहतर प्लेटफार्म मिले इसके लिए स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय सहभागिता  सुनिश्चित बनाने के लिए अधिकारी गांव में जाकर कार्य करें व उनकी संख्या को तय लक्ष्य के अनुरूप बढ़ाएं और उन्हें प्रशिक्षण भी प्रदान करें।
मनरेगा कार्यो की समीक्षा करते हुए उपायुक्त लाहौल स्पीति ने बताया कि मनरेगा के तहत लगभग 3 करोड़ के करीब धनराशि व्यय की गई है और अब तक 50 हज़ार 443 श्रम दिवस अर्जित किए गए हैंऔर 6521 मनरेगा कामगारों को आधार से जोड़ा गया है शेष 96 कामगारों को भी जल्द जल्द आधार से जोड़ा जा रहा है।
 जिला में पंचायती राज संस्थाओं द्वारा करवाए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते उन्होंने कहा कि 15 वें वित्त आयोग के तहत जिला लाहौल स्पीति में 34 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है और अब तक 7 करोड रुपए विभिन्न कार्यों पर खर्च किए गए हैं।
 उन्होंने यह भी कहा कि ओडीएफ प्लस मॉडल विलेज के तहत जिला के 264 गांवों को शामिल किया गया है। और संबंधित विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।
 उपायुक्त ने यह भी बताया कि एमआरएफ  प्लांट कोकसर में बनकर तैयार हो गया है और बिलिंग प्लांट का कार्य भी प्रगति पर है। काजा व उदयपुर में भी दो संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। ताकि जिला में कचरे का उचित निष्पादन हो सके।
परियोजना निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण एवं एसडीएम केलांग रजनीश शर्मा ने उपायुक्त को बताया कि ज़िला की समस्त ग्राम पंचायतों में कचरा पृथक्करण  शेड्स का भी निर्माण करवाया जा रहा है। जिसके लिए समुचित धन की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने लोकसभा व राज्यसभा  सांसद निधि में करवाए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
 बैठक का संचालन परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण पारूल कटियार ने किया।
 बैठक में जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर, खंड विकास अधिकारी केलांग विवेक गुलरिया, समस्त पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक तकनीकी  सहायक सहित व ऑनलाइन माध्यम से काजा से खंड विकास अधिकारी अंशुल भी मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Trending Now