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प्रदेश में 79 हजार आबारा कुत्तों की एंटी रेबीज वेक्सिनेशन का कार्य लगातार जारी-डॉक्टर प्रदीप शर्मा

कहा-ब्रेकिंग रेबीज बाउंड्रीज की थीम पर लोगों को रेबीज के प्रति किया जा रहा जागरूक

जिला परिषद सभागार में वर्ल्ड रेबीज डे पर पशुपालन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने  विकास कार्यो की  समीक्षा
कच्चे दूध का उपयोग करने बढ़ रहा टीबी की बीमारी फैलाने का खतरा
न्यूज मिशन

कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय जिला परिषद भवन के सभागार में पशुपालन विभाग के द्वारा वर्ल्ड रेबीज डे मनाया गया इस मौके पर पशुपालन विभाग के निर्देश डॉक्टर प्रदीप शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की इस मौके पर उपनिदेशक कुल्लू डॉक्टर संजीव पाल भी उपस्थित रहे। पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों डॉक्टर प्रियंका ने रैबीज की बीमारी की रोकथाम के लिए विस्तृत जानकारी दी इस तुरंत पशुपालन विभाग के निदेशक डॉक्टर प्रदीप शर्मा ने सभी पशुपालन विभाग के कर्मचारियों को रेबीज की बीमारी की रोकथाम के लिए धरातल पर आवारा कुत्तों की वैक्सीनेशन के टारगेट को पूरा करने के निर्देश दिए और उन्होंने पशुपालन विभाग के समस्त कर्मचारियों को रेबीज की बीमारी के प्रति जनता को जागरूक करने के लिए भी निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में जिस प्रकार रेबीज की बीमारी को कंट्रोल करने के लिए एंटी रेबीज वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को जागरूक करें ताकि रेबीज की बीमारी से लोगों को बचाने के लिए अपना योगदान दे।

पशुपालन विभाग के निदेशक डॉक्टर प्रदीप शर्मा ने कहा कि हर वर्ष की भारती इस वर्ष भी पूरे प्रदेश भर में बर्ड रेबीज डे मनाया जा रहा है उन्होंने कहा कि 28 सितंबर को लुई पाश्चर की डेथ एनिवर्सरी के उपलक्ष पर मनाया जाता है उन्होंने कहा कि इस साल का थीम है ब्रेकिंग रेबीज बाउंड्रीज सभी जिला में पशुपालन विभाग के कर्मचारी लोगों को रेबीज की बीमारी को प्रति जागरूक कर रहे हैं उन्होंने कहा कि रेबीज एक भयंकर बीमारी है ऐसे में जो भी लोग पशुपालन करते हैं उनको विशेष तौर पर जागरुकता जरूरी है उन्होंने कहा कि रेबीज पर नियंत्रण वैक्सीनेशन के द्वारा ही पाया जा सकता है उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में करीब 79000 से अधिक आवारा कुत्तों की वैक्सीनेशन पब्लिक के सहयोग से किया जा रहा है उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग के द्वारा वैक्सीनेशन को लेकर टारगेट को पूरा करने के लिए कर्मचारी कार्य कर रहे हैं उन्होंने कहा कि विभाग निरंतर यह कोशिश कर रहा है कि स्ट्रे डॉग्स की पापुलेशन पर कंट्रोल किया जा सके और एंटी रेबीज वैक्सीनेशन की की जा रही है यह प्रक्रिया डॉग्स की स्टेरलाइजेशन की जा रही है उन्होंने कहा कि रेबीज के केशव को कम करने के लिए आवारा कुत्तों की वैक्सीनेशन करना जरूरी है उन्होंने कहा कि ऐसे में जो भी लोग अपने घरों में कुत्ता पलते हैं उनको भी अपने कुत्तों की वैक्सीनेशन करना जरूरी है ताकि रेबीज की बीमारी पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों के गाय को काटने पर दूध के द्वारा भी रेबीज की बीमारी फैलती है उन्होंने कहा कि ऐसे में लोग दूध को उबालकर ही दही लस्सी का उसे करें ताकि भविष्य में इस रेबीज की बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है उन्होंने कहा कि एंटी रेबीज वैक्सीनेशन पालतू जानवरों में खासकर कुत्तों में जरूर लगाए ताकि इस गंभीर बीमारी के प्रति लोग जागरुक हो और इससे बचाव के लिए वैक्सीनेशन जरूर लगाए।

पशुपालन विभाग के उपनिदेशक संजीव पॉल ने कहा कि पिछले 18 वर्षों से पूरे विश्व में वर्ल्ड रेबीज डे मनाया जा रहा है उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से कुल्लू जिला में भी वर्ल्ड रेबीज डे मनाया जा रहा है
उन्होंने कहा कि रेबीज की वैक्सीनेशन करने वाली ली पसर की डेथ 28 सितंबर को हुई थी उन्होंने कहा कि रेबीज के बीमारी का इलाज इज्जत नहीं हुआ है लेकिन प्रिवेंशन के लिए वैक्सीनेशन कारगर उपाय है और जिसमें एनिमल को वैक्सीनेशन और इंसान खुद को वैक्सीनेशन करें जिससे रेबीज की बीमारी को कंट्रोल कर सकते हैं उन्होंने कहा कि रेबीज की बीमारी के लिए सबसे ज्यादा करियर डॉग्स आते हैं अगर डॉग्स को वैक्सीनेटर करते हैं तो इस बीमारी की कई काफी हद तक रोकथाम हो सकती है उन्होंने कहा कि सबसे पहले कोई भी बीमारी वह वाइल्ड जंगली जानवरों में आती है और उससे बीमारी डोमेस्टिक एनिमल्स में पालतू पशुओं में आती है उन्होंने कहा कि अगर आपके गाय को अगर कुत्ते ने गाय को काटा है अगर उसमें रेबीज के सिमटेम है तो उस गाय के दूध को उपयोग करने के लिए उसको उबालना जरूरी है। और गाय को वैक्सीनेटर करना जरूरी है ताकि एंटी रेबीज वैक्सीनेशन से बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है उन्होंने कहा कि ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कच्चे दूध की दही और लस्सी उपयोग करते हैं कच्चे दूध के इस्तेमाल से ग्रामीण क्षेत्रों में टीवी की बीमारी चलती है ऐसे में दूध को उबालने से टीवी का जो कीटाणु है वह भी खत्म हो जाते हैं और रेबीज के जो कीटाणु है वह भी खत्म हो जाते हैं उन्होंने कहा कि ऐसे में लोग ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूक हो और दूध का सेवन उबालकर ही करें जिससे गंभीर बीमारी से दूर रह सकते हैं।

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