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मास्टर्स एथलेटिक्स हिमाचल प्रदेश की नवीन कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित

न्यूज मिशन

शिमला

मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया – हिमाचल प्रदेश के आगामी कार्यकाल के लिए नवीन पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। शिमला में संघ की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें नई कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से निर्विरोध हुआ है। बैठक का संचालन ज्योति चौहान (ए.ल.आर. एवं अंडर सेक्रेटरी (विधि विभाग) सचिवालय-हिमाचल सरकार ने किया।

नवगठित कार्यकारिणी : हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा संघ के मुख्य संरक्षक बनाये गए है। भीषम चौहान को मानद अध्यक्ष बनाया गया है। अध्यक्ष : डा. राजकुमार राणा (हमीरपुर), मुख्य सचिव : रिपुदमन कौशिक (शिमला), कार्यकारी वरिष्ठ उपाध्यक्ष: बृज लाल ठाकुर (मंडी), वरिष्ठ उपाध्यक्ष : रणजीत सिंह चानना (शिमला), सुरेंदर सिंह देहल (हमीरपुर), उपाध्यक्ष : अश्विनी शर्मा (ऊना), ज्योति चौहान (शिमला), भूपेंदर सिंह बॉबी (किन्नौर), राजेंदर राणा (काँगड़ा) वरिष्ठ संयुक्त सचिव : द्वारिका ठाकुर (कुल्लू), जीतराम शर्मा (शिमला), नितिन डोगरा (हमीरपुर); संयुक्त सचिव : कुलदीप संधू (शिमला), सुरेश नड्डा (बिलासपुर), कल्पना परमार (सोलन), कोषाध्यक्ष : सोमेश शर्मा (शिमला), अध्यक्ष महिला संकोष्ठ : ताशी पालमो (लाहौल-स्पीति) कार्यकारी सदस्य : जीवानंद शर्मा, पंकज प्रभाकर, डॉ. सुशील शर्मा, शीशपाल नागु, अनीता, अमित वर्मा, रोहित कुमार, विजय कुमार व नारायण वर्मा सभी निर्विरोध नियुक्त हुए।
मास्टर्स एथलेटिक्स हिमाचल प्रदेश के नवनियुक्त मुख्य सचिव रिपुदमन कौशिक ने फेडरेशन की उपलब्धियों और आगामी कार्यक्रमों से उपस्थित सदस्यों को अवगत करवाया।
रिपुदमन कौशिक ने बताया कि “मास्टर्स एथलेटिक्स” यह मूल रूप से मिल्खा सिंह जिन्हे ‘फ्लाइंग सिख’ के रूप में भी जाना जाता है, का ही संकल्प था।  ‘फ्लाइंग सिख’ ने 1978 में मास्टर्स एथलेटिक्स जिसे तब ‘अखिल भारतीय वयोवृद्ध एथलेटिक’ कहा जाता था की स्थापना की व 1980 में इसे मूर्त रूप  चंडीगढ़ में दिया गया।
वर्तमान में मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया – हिमाचल प्रदेश, 30 से 100+ वर्ष के खिलाड़ियों को मंच प्रदान कर रहा है, जिससे प्रदेश के हर क्षेत्र के मास्टर्स खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।
मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया – हिमाचल प्रदेश, एकमात्र फेडरेशन है जो की पंजीकृत है। मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया “वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स” (WMA) व एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स (AMA) से मान्यता प्राप्त है व “अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक काउंसिल” के नियमों  के बाध्य है तथा “खेल की सर्वोच्च भावना” को बनाए रखने के लिए अपने अधिकारियों, एथलीटों और पदाधिकारियों की सहायता से उनका पालन करता है। मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, एंटी-नक्सलवाद, एंटी-डोपिंग कार्यक्रम के प्रयासों के माध्यम से खेल की भावना और अखंडता की रक्षा करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, एंटी-डोपिंग अभियान हमारी जीवन शैली से डोपिंग / ड्रग्स को खत्म करने की दिशा में काम करता है और सभी एथलीटों और सहयोगियों के बीच स्वास्थ्य और दीर्घायु को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करता है।
नए अध्यक्ष डा. राज राणा ने बताया कि यह अत्यंत सम्मान का विषय है की मुझे एक ऐसी संस्था से जुड़ने का अवसर मिला है जो चार दशक से अधिक समय से खिलाडियों के लिए कार्य कर रही है। फ़रवरी 2025 में नयी दिल्ली  में 45वीं राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, और मैं आश्वाशन देता हूँ की इस बार मास्टर्स एथलेटिक्स के इतिहास में सबसे बड़ा दल हिमाचल का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय प्रतियोगिता में करेगा।
राज्य स्तरीय चैंपियनशिप के आयोजन के लिए तीन सदस्यों  की समिति का गठन किया गया है सुरेश नड्डा, रणजीत सिंह चानना व नितिन डोगरा आगामी हिमाचल प्रदेश मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता की व्यवस्था देखेंगे। अमित वर्मा व ज्योति चौहान को विधिक व न्यायिक सलाहकार बनाया गया है। कुलदीप संधू व भूपिंदर सिंह बॉबी लेखा कार्यों में सोमेश शर्मा के सलाहकार नियुक्त किये गए हैं। बृज लाल ठाकुर, अश्विनी शर्मा व द्वारका ठाकुर चयन समिति के व्यवस्थापक नियुक्त किये गए हैं। विजय कुमार को तकनीकी समिति ट्रैक एंड फ़ील्ड का कार्यभार सौंपा गया गया है। पवन वर्मा व संजय सकलानी को प्रायोजक प्रबंधन का कार्यभार दिया गया है।  उपस्थित सदस्यों ने नयी कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दी और मास्टर्स एथलेटिक्स के लिए यथा-संभव सहयोग का भी भरोसा दिलाया।

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