कुल्लूधर्म संस्कृतिहिमाचल प्रदेश

देवभूमि कुल्लू जिला में गणेश चतुर्थी पर सैंकड़ों श्रद्वालुओं ने की गणपति स्थापना

महाराष्ट्रा की तर्ज पर कुल्लू जिला में गणेश चतुर्थी की धूम

राजस्थान के कारीगर डूंगा राम ने ईको फ्रेंडली वॉटर कलर और मिट्टी पीओपी से मूर्तियां की तैयार
न्यूज मिशन
कुल्लू
पूरे देश में गणेश चतुर्थी का पर्व हषोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।देवभूमि हिमाचल प्रदेश में भी मुंम्बई महाराष्ट्रा की तर्ज पर गणेश चतुर्थी के त्यौहार के लिए बड़ी संख्या में श्रद्वालुओं ने गणपति की मूर्तियां स्थापित की है। कुल्लू जिला में राजस्थान के कारीगर डूंगा राम पिछले 35 बर्षो से गणपति की मूर्तियों बनाने का काम कर रहा है और ईको फ्रडेंली ,वॉटर कलर से तैयार मूतिर्यों से पर्यावरण संरक्षण किया जा रहा है। ऐसे में गणेश चतुर्थी पर श्रद्वालुओं ने बड़ी संख्या में गणपति महाराज की मूर्तियों अपने आशियानों में स्थापित की। गणपति महाराज की 5, 7, 9, 11 दिनों तक सुबह शाम पूर्जा अर्चना करने के बाद गणपति विर्सजन किया जाएगा।कुल्लू जिला के बंजार, जरड़, भुंतर, आखाड़ा बाजार में भी गणपति की विधिवत पूजा अर्चना के बाद मूर्ति स्थापना की है।
स्थानीय श्रद्वालुओ वृंदा वंसल ने बताया कि वो पिछले 7 सालों से गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना कर रहे है और इस बार 10 दिनों तक गणपति की स्थापना करेंगे और सुबह शाम 10 दिनों तक भजन कीर्तन पूजा अर्चना की जाएगी। जिसके बाद गणपति महाराज की मूर्ति विर्सजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले पूज्यते गणेश और सभी घरों में गणपति उत्सव धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी में गणेश स्थापना कुल्लू जिला में भी अब प्रचलित हुआ है जहां पर लोग बड़ी संख्या में गणपति बप्पा की मूर्तियां स्थापित कर विधिवत पूजा अर्चना कर रहे हैं अमेरिका की जब तक किसी भी शुभ कार्य में भगवान गणपति की पूजा नहीं होती है तब तक उसे कार्य को पूरा नहीं होता है
स्थानीय श्रद्वालु विशाल सूद ने बताया कि वो गणपति को 4 सालों अपने घर में स्थापित कर रहे है।।उन्होंने कहाकि देश के अन्य राज्यों की तुलना में देवभूमि कुल्लू में विभिन्न जगह पर गणपति स्थापना की जाती है। जिससे 10 दिनों तक हर्षोल्लास के साथ पूजा अर्चना की जाती है जिससे हर साल कुल्लू जिला में गणेश चतुर्थी का त्यौहार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कल जिला में भी गणेश चतुर्थी के त्यौहार का प्रचलन बड़ा है और जगह-जगह पर 10 दिनों तक गणपति भगवान की मूर्ति स्थापित कर विधिवत पूजा अर्चना करते हैं और उसके बाद व्यास नदी में प्रवाहित कर गणपति विसर्जन करते हैं
स्थानीय प्रगल सूद ने कहा कि पिछले 7 सालों से गणेश चतुर्थी का त्योहार स्कूल में धूमधाम के साथ मना रहे हैं और स्कूल के बच्चों को भी गणेश चतुर्थी के बारे में जानकारी दे रहे हैं और गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है इसको लेकर भी बच्चों को बताया जा रहा है उन्होंने कहा कि स्कूल में गणेश चतुर्थी को एक उत्सव की तरह मना रहे हैं ताकि बच्चों को गणेश चतुर्थी के बारे में ज्ञान हो ।
वीओ- स्थानी निवासी मनीषा भारती ने कहा कि गणेश चतुर्थी पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अपने घर पर गणपति बप्पा को विराजमान कर रहे हैं और 10 दिनों तक विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करेंगे उन्होंने कहा कि हम बहुत खुश है कि गणपति बप्पा इस वर्ष फिर हमारे घर पर विराजमान हो रहे हैं और गणपति बप्पा सभी को सुख समृद्धि प्रदान करें। गणपति बप्पा से हम कामना करते हैं कि सभी देशवासियों पर कृपा दृष्टि बनी रहे और सभी की मनोकामना पूरी हो और सभी लोग सुख समृद्धि खुशियों के साथ आगे बढ़े।।

स्थानी निवासी ममता शर्मा ने कहा कि गणेश चतुर्थी पर पिछले 11 वर्षों से हम गणपति की स्थापना अपने घर पर 10 दिनों के लिए करते हैं और इस दौरान विधिवत पूजा अर्चना कर गणपति बप्पा की सेवा करते हैं उन्होंने कहा कि गणपति बप्पा की हमारे परिवार पर बहुत कृपा है उन्होंने कहा कि गणपति महाराज की कृपा से ही आज मेरी दोनों बेटियां दिल्ली में अच्छी कारोबार कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी शुभ कार्य के लिए सबसे पहले गणपति महाराज की पूजा की जाती है और गणपति महाराज की पूजा अर्चना से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है और 10 दिनों तक भगवान गणपति महाराज की पूजा अर्चना कर 11 दिन उन्हें विसर्जन किया जाएगा।

राजस्थान के मूर्ति कारीगर दूंगा राम ने कहा कि पिछले 45 वर्षों से कुल्लू जिला में गणपति भगवान की मूर्तियां बनाने का कार्य कर रहा हूं उन्होंने कहा कि भगवान गणपति के गणेश चतुर्थी का त्योहार जहां पूरे देश भर में हरशु उदास के साथ मनाया जाता है वही कुल्लू जिला में भी धीरे-धीरे गणेश चतुर्थी का त्यौहार का प्रचलन बढ़ रहा है उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे अब गणेश चतुर्थी पर बहुत सारे स्थानीय लोग और बाहरी राज्यों से रहने वाले लोग गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति अपने घर पर स्थापित करते हैं और उसके बाद 10 दिनों तक पूजा अर्चना करते हैं जिससे यह त्यौहार देवभूमि कुल्लू में भी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है उन्होंने कहा कि मेरा यह पुश्तैनी कार्य है जिससे मेरा परिवार के सभी सदस्य मूर्ति निर्माण के कार्य को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं उन्होंने कहा कि मिट्टी और पाप से मूर्तियां तैयार की जाती है जिसमें इको फ्रेंडली वॉटरकलर का इस्तेमाल किया जाता है उन्होंने कहा कि यह मूर्तियां इको फ्रेंडली है जिससे पर्यावरण को और विसर्जन करने पर पानी में रहने वाले जीव जंतुओं को कोई नुकसान नहीं होता है उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे अब कुल्लू जिला में गणपति चतुर्थी का त्यौहार पर लोग अपने घर में गणपति महाराज को विराजमान करते हैं और उसके बाद विधिवत पूजा अर्चना के बाद गणपति का विसर्जन करते हैं उन्होंने कहा कि इस कारोबार से मेरे परिवार का जीवन यापन होता है जिससे के गणेश चतुर्थी पर 300 से अधिक छोटी बड़ी मूर्तियां की बिक्री होती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Trending Now