बच्चोें को स्कूल में नही है खेल लिए नहीं है उचित मैदान-जग्गरनाथ
हलाण वन स्कूल की भुमि को छुड़ाने कहा-प्रशासन जल्द नजायज कब्जे को हटा कर स्कूल की भूमि वापस देके लिए दिया मांग पत्र

हलाण वन स्कूल की भुमि को छुड़ाने के लिए दिया मांग पत्र
न्यूज मिशन
कुल्लू
हलाण के जठेरा विकास कमेटी हलाण वन विकास समिति के द्वारा स्कूल की जमीन पर नजायज कब्जा को लेकर मांग पत्र सोंपा गया। स्कूल की जमीन को लेकर नाजायज कब्जा को हटाने के आदेश प्रशासन के द्वारा किए गए हैं, लेकिन अभी तक स्कूल की भूमि पर बने नाजायज भवन को हटाया नहीं गया। जिसको लेकर जठेरा विकास समिति के सदस्य एडीएम से मिले और उन्होंने मागं की की जल्द से जल्द इस कब्जे को हटाया जाए ताकि बच्चों के लिए खेलने के लिए उपयुक्त मैदान का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि सात गांव के बच्चे इस स्कूल में पढ़ने आते हैं। जिनके लिए खेल के मैदान न होने से काफी मुश्किलें आती है।इस अवसर पर किशन चंद,कृष्ण लाल, सुभाष चंद, तारा चंद, छापे राम, चुनी लाल, कमलेश, प्रेम चंद,जय सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
वही अध्यक्ष जगन्नाथ ने बताया कि हालण वन की जठेरा व विकास कमेटी हालण वन के द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क के लिए थर्ड फेस का पैसा आया था जिसको लेकर भी लोक निमार्ण विभाग से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह डीसी कुल्लू से मिले थे। उन्होंने कहा उच्च माध्यमिक पाठशाला हलाण वन में स्कूल की कई सालों से समस्या चल रही है। वहां स्कूल के नाम ढाई बीघा जमीन का इंतकाल 2015 में हो चुका है और 3 करोड रूपये के लगभग का भवन भी बनकर तैयार हुआ है और अच्छा से स्कूल चला हुआ है। उन्होंने कहा कि ढाई बीघा जमीन उसमें किसी ने नाजायज कब्जा करके भवन भी बना कर तैयार किया है और शिक्षा विभाग की लापरवाही से वह जमीन हड़प ली है। उन्होंने कहा कि डिमार्केशन करके स्कूल वालों के हैंडोवर उसे दिया गया था। और प्रशासन के पास भी कई बार इस समस्या को लेकर आते रहे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उसे खाली करने के आदेश जारी किए और उसे नाजायज भवन को गिराने के लिए आदेश दिए। लेकिन भवन भी आज दिन तक न गिराया गया और न ही नाजायज कब्जे को हटाया गया। इसमें क्या षड्यंत्र चल रहा है और फिर दोनों दालों में राजीनामा का षड्यंत्र चलाया गया। उन्होंने कहा कि इस जमीन को तबादला करने का भी प्रोसेस चलाया, उसके बावजूद भी उन्होंने दो बीघा जमीन स्कूल के नाम नहीं दी है और न ही भवन को खाली करवाया गया। उन्होंने कहा की कोर्ट मैटर भी नहीं है उन्होंने कहा कि जनता चाहती है कि ढाई बीघा जमीन खाली करके दे। ताकि बच्चों को खेलने के लिए मैदान उपलब्ध हो। आज भी उपायुक्त से मिलने आए थे, लेकिन डीसी नहीं मिल पाए, ऐसे में एडीएम से मिले। वहीं डीएम ने उन्हें चार दिन के बाद मिलने को कहा है। उन्होने कहा कि प्रशासन से गुजारिश करते हैं कि जनहित के लिए जल्द से जल्द निर्णय लिया जाए। इसको लेकर राजनीति चल रही है जो सरासर जनहित के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि जो शिक्षा विभाग के नाम ढाई वीघा जमीन है उसे पर कौन कब्जा कर सकता है उसे जल्द से जल्द खाली किया जाए, ताकि बच्चों को खेलने के लिए प्लेग्राउंड की सुविधा दी जाए, उन्होंने कहा कि रविवार को जनरल हाउस की बैठक बुलाई गई है जो भी निर्णय होगा जनहित के लिए ही होगा।



