दोहरानाला में खड्ड किनारें कूड़ा संयंत्र केंद्र का 3 पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने किया विरोध
दोहरा नाला खड्ड से 8 पंचायतों के हजारों लोगों को पीने के पानी की होती है सप्लाई

दोहरा नाला में खड्ड के किनारे कूड़ा संयंत्र केंद्र स्थापित करने से 4 ट्राउट फिश फॉर्म ,फायरिंग रेंज, टूरिज्म होगा बर्बाद
ग्रामीणों ने उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश को कूड़ा संयंत्र केंद्र के विरोध में सौंपा प्रस्ताव
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला के दोहरानाला घाटी में खड्ड किनारे कूड़ा सयंत्र केंद्र कि विरोध में स्थानीय खड़ीहार भुलंग, शिली राजगिरी पंचायत कि प्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों ने उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश को प्रस्ताव सौंपा। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उपायुक्त को बताए कि दोहराना में 8 पंचायत के लोगों को पीने के पानी की सप्लाई जाती है और इसके अलावा दोहराना ला खंड में 4 ट्राउट फिश फिश फॉर्म है और फायरिंग रेंज और इस क्षेत्र में टूरिज्म डेवलप हो रहा है ऐसे में यहां पर कूड़ा संयंत्र केंद्र स्थापित करने से लोगों को बीमारी फैलने का खतरा बना रहेगा इसके विरोध में सभी पंचायत और स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं और इसलिए इस कूड़ा संयंत्र केंद्र को रद्द करें और किसी अन्य जगहों पर लगाए।
खड़िहार पंचायत के प्रधान मोतीराम ठाकुर ने कहा कि नगर परिषद कुल्लू के द्वारा बिना पंचायत को बताएं और स्थानीय लोगों को बताएं बिना भियाचक में कूड़ा कचरा संयंत्र केंद्र स्थापित करने के लिए जगह चिन्हित किए गए हैं उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही सभी तीन पंचायत के लोगों ने डीसी कुल्लू को इसके विरोध में ज्ञापन दिया उन्होंने कहा कि तोहरा नाल घाटी में पूरा संयंत्र केंद्र स्थापित करने से स्थानीय लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा उन्होंने कहा कि दोहरारनाला खड्ड किनारे पूरा संयंत्र केंद्र स्थापित होने से उसे गंदे पानी का हिसाब इस खत में मिलने से आठ पंचायत के लोगों को पीने के पानी की सप्लाई दूषित होगी उन्होंने कहा कि इसके अलावा चार ट्राउट फिश फार्म है इसके साथ-साथ वहां पर फायरिंग रेंज है और आसपास टूरिज्म की गतिविधियां चलती है और स्थानीय रिहाई कॉलोनी है और इसके साथ-साथ बंद संपदा ऐसे स्थानीय तीन पंचायत के लोगों का विरोध है जिससे तोहरा नाल में कूड़ा संयंत्र केंद्र ना स्थापित किया जाए और इसको कहीं अन्य जगहों पर स्थापित किया जाए।
ग्राम पंचायत सिली राजगिरी के प्रधान डोला राम शिली राजगिरी पंचायत के शिगाड़ में कूड़ा संयंत्र केंद्र स्थापित किया जा रहा है उन्होंने कहा कि इस घाटी में खड्ड के किनारे कूड़ा संयंत्र केंद्र स्थापित करने से जहां पीने के पानी और सिंचाई के पानी दूषित होगा वहीं आसपास टूरिज्म के लिए स्थानीय लोग ने कई होता बनाए हैं जिससे टूरिज्म भी प्रभावित होगा उन्होंने कहा कि 4, 5 पंचायत के सभी लोग इसका इसका विरोध कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि 8 पंचायत के लोगों को पीने और सिंचाई का पानी दूषित होता इसलिए 8 पंचायत के हजारों लोगों को इस कूड़ा संयंत्र केंद्र स्थापित करने से भरी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और कई बीमारियों फैलने से लोगों को नुकसान होगा।
– स्थानीय निवासी पूजा मलिक ने कहा कि तोहरा नाल में नगर परिषद कुल्लू के द्वारा डंपिंग साइट बनाने के लिए जगह चिन्हित की गई है और इसकी जानकारी हमें आज ही मिली है उन्होंने कहा कि ऐसे में दोहरा नाल में हम टूरिज्म को स्थापित कर रहे हैं जिससे पाह वैली के नाम से एक रिसॉर्ट स्थापित किया है। टूरिज्म की दृष्टि से दोहरा नल के क्षेत्र को विकसित करने के लिए स्थानीय लोग प्रयास कर रहे हैं और इसके साथ-साथ इस जगह पर चार ट्राऊट फीस फॉर्म भी स्थापित किए गए हैं और जिस टूरिज्म इस इलाके में धीरे-धीरे विकसित हो रहा है और ऐसे में यहां पर कूड़ा संयंत्र केंद्र स्थापित करने से जहां हजारों लोगों को पीने के पानी प्रदूषण होने की संभावना है वहीं टूरिज्म भी बर्बाद होगा और स्थानीय लोगों को इससे बहुत परेशानियां होगी इसलिए प्रशासन कूड़ा संयंत्र केंद्र कहीं रिहायशी
इसी क्षेत्र से दूर स्थापित करें ताकि लोगों को इससे कोई समस्या ना हो
स्थानीय निवासी इंद्रजीत ने कहा कि दोहरा नाला घाटी शहर के नजदीक साफ सुथरी जगह है जहां पर खड्ड में स्वच्छ पानी बहता है और कई पंचायत को पीने का पानी और सिंचाई का पानी उपयोग होता है उन्होंने कहा कि यही नहीं गर्मियों में स्थानीय बच्चे खड्ड में नहाने के लिए जाते हैं और इस घाटी में टूरिज्म भी विकसित हो रहा है और ऐसे में यहां पर कूड़ा संयंत्र केंद्र स्थापित करना ठीक नहीं है उन्होंने कहा कि इससे पहले भी इस घाटी में कूड़ा संयंत्र केंद्र का विरोध किया था उन्होंने कहा कि इसलिए प्रशासन दोहरा नला में कूड़ा संयंत्र केंद्र स्थापित न करें उन्होंने प्रशासन कूड़ा संयंत्र केंद्र को कहीं खुली जगह में स्थापित करें ताकि इस घाटी में कूड़ा संयंत्र केंद्र स्थापित होने से पूरा प्रकृति और आसपास का क्षेत्र प्रभावित होगा और लोगों को कई बीमारियों फैलने का खतरा बना रहेगा जिससे आसपास के क्षेत्र में टूरिज्म भी बर्बाद होगा।।



