देवभूमि के सभी मंदिरों में दुर्गाअष्ठमी पर उमड़ा श्रद्वालुओं की आस्था का जनसैलाब
श्रद्वालुओं ने मॉ महागौरी रूप की पूजा अर्चना कर परिवार की सुख समृद्वि की कामनाए

शीतला माता मंदिर में सैंकड़ो श्रद्वालुओं ने कन्या पूजन कर कमाया पूण्य
न्यूज मिशन
कुल्लू
देवभूमि कुल्लू जिला में चैत्र नवरात्रे के आठवे दिन दुर्गाअष्ठमी पर सभी मंदिरों में श्रद्वालुओं की आस्था का जनसैलाब उमड़ा। श्रद्वालुओं ने मां महागौरी के रूप की पूजा अर्चना कर परिवार की सुख समृद्वि की कामनाए की। कुल्लू जिला मुख्यालय शीतला माता मंदिर में सैंकड़ो श्रद्वालुओं ने कन्या पूजन कर पूण्य कामया। 9 दिनों तक चलने वाले नवरात्रि के पर्व में अमूमन अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस दिन कन्या पूजन का हिंदू धर्म में बहुत की अधिक महत्व है। अष्टमी व नवमी तिथि के दिन तीन से नौ वर्ष की कन्याओं का पूजन किए जाने की परंपरा है। धर्म ग्रंथों के अनुसार तीन वर्ष से लेकर नौ वर्ष की कन्याएं साक्षात माता का स्वरूप मानी जाती है।नवरात्रि में कन्या पूजन करने और प्रसाद देने के बाद दक्षिणा देना जरूरी होता है। ऐसी मान्यता है कि दक्षिणा देने से मां दुर्गा प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं पूरी करती है। घाटी में लोगों ने पुरोहितों की उपस्थिति में कन्या पूजन किया।
स्थानीय श्रद्वालु नरेश ठाकुर ने कहाकि दुर्गाअष्ठमी पर शीतला माता मंदिर में पूजा अचर्ना करने के लिए है और अष्ठमी पर माता महागौरी के रूप की पूजा करते है और माता के महागौरी के रूप की पूजा अर्चना कर परिवार की सुख समृद्वि के लिए कामनाए की है।स्थानीय पूजा आचार्य और रेख्ना शर्मा ने कहाकि चैत्र नवरात्रे दुर्गाअष्ठमी पर लोग परिवार के साथ मंदिर में पूजा अर्चना कर सुख समृद्वि की कामनाए कर रहे है।
-भुतर के स्थानीय श्रद्वालु इंदीबर मेेहता ने कहाकि चैत्र नवरात्रे पर माता के 9 रूपों की पूजा अर्चना की जाती है और आठवे नवरात्रे पर मॉ महागौरी की पूजा अर्चना कर आर्शिवाद ले रहे है।उन्होंनेे कहाकि नवरात्रों पर 9 दिन उपवास रखते है और माता रानी से यहीं कामनाए करते है कि देश विदेश में सुख शांति रहे है और माता रानी की सभी देशावासियों पर कृपा बनी रहे।



