कुल्लूबड़ी खबरहिमाचल प्रदेश

47 वर्षों से सूत्रधार कला संगम संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के लिए कर रहा प्रयास- दिनेश सेन

कहा- राजनीतिज्ञों, अधिकारियों ,स्थानीय दुकानदारों व जनता के सहयोग से कर रहे सूत्रधारसंध्या का आयोजन

अटल सदन के सभागार में 26वीं होली संध्या धूमधाम से हुई संपन्न
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय अटल सदन के सभागार में 26वीं सूत्रधार होली संध्या धूमधाम से संपन्न हुई ।इस मौके पर उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।संस्था के अध्यक्ष दिनेश सेन सहित सभी पदाधिकारी और सदस्यों ने डीसी कुल्लू तोरुल एस रवीश का पुष्प भेंट कर स्वागत किया। अध्यक्ष दिनेश सेन ने डीसी कुल्लू तोरुल एस रवीश का टोपी, शॉल व समिति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। 26 सी सूत्रधार होली संध्या में प्रशिक्षु कलाकारों ने पारंपरिक होली गीत गाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया इस तुरंत सुंदर नगर के क्लासिकल नृत्य पेश कर दर्शकों को मंत्र मुक्त किया।
सूत्रधार कला संगम के अध्यक्ष दिनेश सेन ने कहा कि देवभूमि कुल्लू जिला में रघुनाथ महाराज जी के साथ पारंपरिक प्राचीन होली गायन की परंपरा सदियों पुरानी है उन्होंने कहा वक्त के साथ-साथ यह परंपरा खत्म होने के कगार पर थी ऐसे में 36 वर्ष पूर्व सूत्रधार कला संगम ने बेड़ा उठाया और प्राचीन परंपरा होली गायन के परंपरा होली के अवसर पर शुरू की उन्होंने कहा कि सूत्रधार कला संगम पिछले 26 वर्षों से निरंतर होली संध्या का आयोजन करती आ रही है उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला में होली के पर्व के त्यौहार बसंत उत्सव के साथ शुरू होती है जहां पर कुल्लू घाटी में बैरागी समुदाय के लोग 40 दिनों से विभिन्न जगहों पर प्राचीन होली गायन की परंपरा निभाती आ रही है उन्होंने कहा कि ऐसे में सूत्रधार कला संगम के द्वारा प्राचीन संस्कृति प्राचीन परंपरा वेशभूषा को सुरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है उन्होंने कहा कि सूत्रधार होली संध्या के कार्यक्रम के लिए स्थानीय लोगों के सहयोग से आयोजन किया गया है जहां पर इस कार्यक्रम में डीसी कुल्लू तो रूल्स रवीश ने बताओ और मुख्य अतिथि शिरकत की है और हमें प्रोत्साहित किया है उन्होंने कहा कि ऐसे में समय-समय पर राजनीति क्यों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आम जनता के सहयोग से वर्ष दर वर्ष सूत्रधार कला संगम संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के लिए निरंतर कार्यरत है उन्होंने कहा कि सूत्रधार कला संगम न सिर्फ प्रदेश देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिमाचल की संस्कृति का प्रदर्शन करती आई है उन्होंने कहा कि ऐसे में सामाजिक क्षेत्र में भी सूत्रधार का संगम अपना सराहनीय योगदान दे रहा है उन्होंने कहा की संस्कृति का संरक्षण संवर्धन के लिए पूरी समर्पित टीम जिसमें जिसमें पदाधिकारी कलाकार तत्परता के साथ संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है

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