प्रदेश के 6028 प्री प्राइमरी स्कूलों में 50 हजार छोटे बंच्चो दी जा रही नर्सरी प्री नर्सरी में शिक्षा -दिलीप कुमार2 वर्मा
कहा- दूसरे ,तीसरे चरण में राज्य स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक वेबीनार ऑनलाइन अभिभावकों के साथ होगा संवाद

अटल सदन के सभागार में जिला स्तरीय पहली शिक्षक मां कार्यक्रम हुआ संपन्न
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय अटल सदन के सभागार में समग्र शिक्षा डाइट कुल्लू के द्वारा जिला स्तरीय पहले शिक्षक मां कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें
एनसीईआरटी न्यू दिल्ली प्रोफेसर डाक्टर वीरेंद्र प्रताप ने बतौर मुख्य अतिथि और प्रोफेसर प्रमोद कुमार गुप्ता विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की इस मौके पर जिला बरसे सैकड़ो माता ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में डीपीओ एवं प्रिंसिपल डाईट सुरेंद्र कुमार शर्मा ने पूरे जिला भर में पहले शिक्षक माया मां अभियान को लेकर संपूर्ण जानकारी दी इस मौके पर प्री प्राइमरी शिक्षा पहली शिक्षक मां अभियान राज्य समन्वयक दिलीप कुमार वर्मा ने भी मौजूद रहे।।
प्री प्राइमरी शिक्षा पहली शिक्षक मां अभियान राज्य समन्वयक दिलीप कुमार वर्मा ने कहा कि पहली शिक्षक मां कार्यक्रम 2023 से शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले शिक्षक मां कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के लिए व्यवहारिक ज्ञान हो और माता के साथ बच्चों को जोड़ना है उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ मां सीधे तौर पर जुड़ी रहती है ऐसे में शिक्षक के लिए माता की भागीदारी कैसे सुनिश्चित हो इसके लिए लिए माता के समूह बनाए गए हैं जिनमें हर माह के अंतिम शनिवार को बच्चों के अभिभावकों के साथ शिक्षकों की बैठक होगी और उसमें बच्चों के साथ स्कूल में होने वाली विभिन्न गतिविधियों को लेकर चर्चा की जाएगी उन्होंने कहा किसके अलावा दूसरे चरण में सोमवार की शाम या मंगलवार की सुबह या वीरवार की शाम और शुक्रवार की सुबह राज्य स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक इस बैठक को लेकर मैसेज सर्कुलेट किया जाता है ताकि सभी अभिभावकों तक यह मैसेज पहुंचे और उनकी भागीदारी बैठक में सुनिश्चित हो सके उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर और ब्लॉक स्तर तक संदेश पहुंचाने के लिए समन्वयक अपना दायित्व निर्वहन कर रहे हैं उन्होंने कहा कि प्रदेश के 6028 ट्रेन प्राइमरी स्कूलों में 50000 से अधिक नॉन निहाल पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके तीसरे चरण में वेबीनार के माध्यम से ऑनलाइन राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर के अधिकारी और बच्चों के अभिभावक चर्चा पर चर्चा करवाई जाएगी ।



