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2003 से नगर परिषद कुल्लू में फाइनेंशियल क्राइसिस की झेल रहा मार- गोपाल कृष्ण महंत
कहा-दशहरा उत्सव समिति के पास नगर परिषद कुल्लू का करीब 9 करोड़ रुपये शेयर पेंडिंग

2003 से दशहरा उत्सव समिति ने नहीं दिया हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित 37 प्रतिशत शेयर
निर्धारित शेयर का मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन
30 लाख रुपये आय 70 लाख रुपये कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन पर हो रहा खर्च
न्यूज मिशन
कुल्लू
अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की तहबाजारी से होने वाले करोड़ों रुपए की आमदनी के शेयर को लेकर दशहरा उत्सव समिति कुल्लू और नगर परिषद कुल्लू के बीच विवाद पिछले 20 वर्षों से हाई कोर्ट में विचारधीन है ऐसे में 2003 से दशहरा उत्सव के आयोजन की जिम्मेबारी जिला प्रशासन के माध्यम से दशहरा उत्सव समिति को जिम्मेदारी सौंपी जिसमें हाईकोर्ट ने नगर परिषद कुल्लू को 37 प्रतिशत शेयर निर्धारित किया था लेकिन दशहरा उत्सव समिति के द्वारा नगर परिषद को 37% हिस्सेदारी ना देने की आवाज में नगर परिषद कुल्लू ने अपने हक की लड़ाई फिर हाई कोर्ट में मामला पहुँचाया जहाँ पर पिछले 20 वर्षों से विचाराधीन है।ऐसे में नगर परिषद कुल्लू के पदाधिकारियों को कोर्ट से उम्मीद है जल्द इस मामले में फैसला उनके हक में आएगा और नगर परिषद के फाइनेंशियल क्राइसिस को दूर करने के लिए मिलेगी।
नगर परिषद कुल्लू के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने कहा कि बस 2071-72 से लेकर 2003 तक दशहरा उत्सव का आयोजन नगर परिषद कुल्लू करता था लेकिन 2003 के बाद दशहरा उत्सव के आयोजन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दी गई। इसके बाद बाद विवाद हाई कोर्ट तक पहुंचा उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश अनुसार दशहरा उत्सव की आय का 37 प्रतिशत राशि नगर परिषद कुल्लू का शेयर निर्धारित किया गया।उन्होंने कहा उसके बाद दशहरा उत्सव समिति की तरफ से नगर परिषद को 37 प्रतिशत शेयर नहीं दिया गया। जिस पर नगर परिषद कल्लू ने एक बार फिर हाई कोर्ट का दरवाजा खटकाया और पिछले 20 वर्षों से मामला हाई कोर्ट में विचारधीन है उन्होंने कहा कि नगर परिषद कुल्लू पिछले दो दशकों से फाइनेंशियल क्राइसिस से गुजर रही है उन्होंने कहा कि नगर परिषद के पास महीने में 30 लाख रुपए की आय होती है जबकि 70 लाख रुपए कर्मचारी और पेंशनरों के वेतन और ऑफिस के खर्चे में व्यय होते हैं उन्होंने कहा कि नगर परिषद के कर्मचारियों का वेतन व पेंशन बंद हो गई थी इसके बाद हाई कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि नगर परिषद कुल्लू अपनी प्रॉपर्टी बेचकर कर्मचारियों का वेतन व पेंशन का भुगतान करें उन्होंने कहा कि ऐसे में नगर परिषद के पास आय के ज्यादा साधन नहीं है ऐसे में नगर परिषद को दशहरा उत्सव से समिति से मिलने वाले शेयर से उम्मीद थी लेकिन मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव समिति के पास नगर परिषद का करीब 9 करोड रुपए की देनदारियां पेंडिंग है जिसे कोर्ट से उम्मीद है कि फैसला नगर परिषद के पक्ष में आएगा जिससे भविष्य में नगर परिषद कुल्लू में विकास कार्यों को गति प्रदान की जाएगी उन्होंने कहा कि मेरी ख्वाहिश है कि नगर परिषद कुल्लू पूरे हिमाचल प्रदेश में सबसे अमीर नगर परिषद हो जिससे विकास भी हो और जो देनदारियां हैं वह भी समय पर दी जा सके और कर्मचारियों को समय पर वेतन और पेंशनरों को समय पर पेंशन का भुगतान हो सके इसके लिए पूरा प्रयास रहेगा।



