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एवरेज टेंपरेचर में बढ़ोतरी से क्लाइमेट चेंज पर पड़ रहा असर-प्रोफेसर एस श्रीकेश
कहा- अरेबियन सी में भी साइक्लोन आने से देशभर के राज्यों में हो रही भारी बारिशें
गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान मौहल कुल्लू में राष्ट्रीय सेमिनार में देशभर शोधार्थी ले रहे भाग
जियोग्राफी एंड क्लाइमेट चेंज इश्यूज एंड चैलेंजिंग पर दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला के गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान मौहल में जियोग्राफी एंड क्लाइमेट चेंज इश्यूज एंड चैलेंजिंग पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है जिसका शुभारंभ उपयुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने किया इस सेमिनार में देश भर के कई राज्यों केसैकड़ो शोधार्थी भाग ले रहे है। सेमिनार के पहले दिन जेएनयू के प्रोफेसर कौशल के शर्मा और प्रोफेसर एस श्रीकेश ने जियोग्राफी एंड क्लाइमेट चेंज इश्यूज एंड चैलेंज पर महत्वपूर्ण जानकारी शेयर की। उन्होंने इस तुरंत क्लाइमेट चेंज और उसके क्या प्रभाव है उसको लेकर भी विस्तृत जानकारी सांझा की राष्ट्रीय सर्व संविधान में सैकड़ो शोधार्थी अपने शोध पत्र के माध्यम से कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करेंगे इसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट सरकार और प्रशासन को सौंप जाएगी
जेएनयू के प्रोफेसर एस श्रीकेश ने कहा कि देशभर में क्लाइमेट चेंज के साथ असर दिख रहा है उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां टेंपरेचर बढ़ रहा है वहीं दूसरी तरफ बारिश मैं भी बदलाव हो रहा है उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश के चलते भारी नुकसान हुआ है उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में भी मानसून सीजन में भारी बारिश से भारी तबाही हुई है इसके अलावा 2018-19 में केरल में भी भारी-बारिश से भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि बारिश पहले भी होती थी लेकिन अब फ्रीक्वेंसी बढ़ने से ज्यादा बारिश हो रही है उन्होंने कहा कि इसके अलावा साइक्लोन मैं भी काफी बदलाव आ गया है उन्होंने कहा कि पहले बायर बंगाल मे साइक्लोन आते थे लेकिन अब अरेबियन सी में भी साइक्लोन आने शुरू हो गया उसकी वजह से काफी बारिश हो रही है उन्होंने कहा कि हिमालय में ग्लेशियरों पर भी क्लाइमेट चेंज का असर पड़ रहा है जिससे ग्लेशियर रिग्रेट हो रहे हैं और कुछ ग्लेशियर स्टेबल है। उन्होंने कहा ग्लोबल टेंपरेचर बढ़ने ग्लेशियर मेल्ट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सिक्किम में ग्लेशियर मेल्ट होने से नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि सरकार को भविष्य में इसके बारे में सोचना होगा कि क्या उपाय किया जा सकते है। उन्होंने कहा कि क्लाइमेट चेंज का मुख्य कारण एवरेज टेंपरेचर में बढ़ोतरी है मैक्सिमम और मिनिमम टेंपरेचर में भी बढ़ोतरी हो रही है जिसके चलते जलवायु परिवर्तन हो रहा है।
ज्योग्राफिकल समिति हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष प्रोफेसर डीडी शर्मा ने कहा कि ज्योग्राफिकल सोसाइटी ऑफ़ हिमाचल प्रदेश का गठन 10 वर्ष पहले हुआ था उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित किया जा रहा है उन्होंने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय सर का सेमिनार कुल्लू जिला में आयोजित किया जा रहा है उन्होंने कहा कि इस वर्ष गोविंद बल्लभ पंथ राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान मौहल कुल्लू में क्लाइमेट चेंज पर काम करता है इस वर्ष डिजास्टर की घटनाएं बहुत हुई है इसलिए इस राष्ट्रीय संविधान थीम जियोग्राफी एंड क्लाइमेट चेंज इश्यूज एंड चैलेंजिंग रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय कर के सेमिनार में देश भर के 100 शोधार्थी विभिन्न राज्यों से भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो दिनों में सभी शोधार्थी अपने-अपने शोध पत्र पढेंगे और उसके बाद वृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसके बाद प्रशासन और सरकार को रिपोर्ट सबमिट की जाएगी।
उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग कहा कि जीबी पंत इंस्टिट्यूट और ज्योग्राफिकल सोसाइटी ऑफ़ हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में जियोग्राफी एंड क्लाइमेट चेंज इश्यूज एंड चैलेंजिंग पर दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है जिसमें देशभर के रिसर्चर भाग ले रहे हैं और वह अपने-अपने शोध पत्र रखेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और कुल्लू मनाली में क्लाइमेट चेंज का इंपैक्ट हर साल देखने को मिलता है उसे पर राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार में ज्यादा से ज्यादा डिस्कशन होनी चाहिए आने वाले समय में समस्या के समाधान के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है इसके लिए अच्छे इतिहास निकाल के सामने आएंगे जिससे आने वाले समय में पॉलिसी मेकर और फील्ड में डील करने बाले अधिकारियों को महत्वपूर्ण बेनिफिशियल साबित होंगे



