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लाहौल स्पीति की ऊंची पहाड़ियों मे बर्फबारी के चलते भेड़पालकों ने पकड़ी वापसी की राह

लाहौल स्पीति की पहाड़ियों से 1माह पहले भेड़ पालकों(गद्दियों) कर रहे मैदानी क्षेत्र का रुख

जुलाई,अगस्त ,सितंबर में ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी में दर्जनों भेड़ बकरियों मौत होने से हुआ आर्थिक नुकसान
पिछले एक दशक में पर्यावरण बदलाव के चलते भेड़ पालकों को भी हो रही भारी परेशानी
न्यूज मिशन
कुल्लू
जनजातीय जिला लाहौल स्पीति की ऊंची पहाड़ियों से  भेड़ पालकों (गद्दियों)  ने  वापसी की राह पकड़ी है। ऐसे में ऊंची पहाड़ियों में मौसम बदलाव के चलते बर्फबारी होने से अब भेड़पालक (गद्दियों)  मैदानी क्षेत्र का रुख कर रहे हैं।भेड़ पालकों की माने तो पिछले चार-पांच वर्षों से लगातार पर्यावरण में बदलाव हो रहा है जिसके चलते जहाँ मैदानी क्षेत्रों में बेमौसमी बारिश से हो रही है वहीं लाहौल स्पीति की अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों में बर्फबारी होने दर्जनो भेड़ बकरियों की मौत होने से आर्थिक नुक्सान हुआ है। बर्फ़बारी के कारण भेड़ पालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।जिसके चलते 1 माह पहले ही पालकों ने मैदानों क्षेत्रों की तरह रवाना हुए है।
मंडी के भेड़ पलक सागर ने कहा कि लाहौल स्पीति की स्पीति घाटी के छतडू के ऊंची पहाड़ी शकचुग में  हर साल भेड़ बकरियां चराने जाते हैं उन्होंने कहा कि इस वर्ष जल्दी बर्फबारी होने के कारण वापस लौट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि  हर साल पर्यावरण में बदलाव होने के कारण ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी हुई है जिसके चलते एक महीना पहले ही पहाड़ी क्षेत्र से मैदानी क्षेत्र का रुख करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि बर्फबारी के कारण पहाड़ों में ठंड के चलते भेड़ बकरियों की मौत हो रही थी इसलिए अब मैदानी क्षेत्र की तरफ वापस लौट रहे हैं उन्होंने कहा कि इस व्यवसाय में कठिनाइयां बहुत ज्यादा है ऐसे में जहां परिवार से दूर रहकर खुले आसमान के नीचे कई महीनो तक जीवन यापन करता पड़ता है वही जंगलों में जंगली जानवरों भालू और तेंदुए से नुकसान हो रहा है और शहर में चोरियों के डर के कारण भी भारी दिखाते पेश आती है उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे अब युवा पीढ़ी इस रुचि नहीं दिख रहे हैं उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार की तरफ से भी कोई योजना नहीं है सरकार को भेद फलों के व्यवसाय को बचाने के लिए योजना तैयार करनी चाहिए जिससे भेड़ पालकों को सुविधा मिल सके ।भेड़ पालक बलदेव ने कहा  में बर्फबारी के चलते भेड़ बकरियों की मौत हो रही थी इसलिए अब वापस मैदानी क्षेत्र का रुख कर रहे हैं।
भेड़ पालक  महेंद्र सिंह ने कहा कि इस वर्ष पहाड़ों में जल्दी बर्फबारी होने से मौसम ठंडा हो गया जिसके कारण करीब 50 भेड़ बकरियों की मौत हो गई उन्होंने कहा कि भारी बर्फबारी के चलते 5 दिनों तक खाना नहीं बना पाए उन्होंने कहा कि ऐसे में अब हम मैदानी क्षेत्र की तरफ वापस जा रहे हैं। अमेरिका की इस वर्ष पर्यावरण बदलाव के चलते भारी बर्फबारी के कारण भेड़ बकरियों का नुकसान हो रहा था इसलिए वापस मंडी की तरफ लौट रहे हैं।।

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