काॅरपोरेट भारत छोडो-मोदी गद्दी छोडो आन्दोलन शुरू- राजेश ठाकुर
मनरेगा मजदूरों को 200दिनों का काम और 375 रूपये न्यूनतम वेतन दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय अनुसार समान काम का समान वेतन दिया जाए।
न्यूज मिशन
कुल्लू
केन्द्रीय ट्रेड यूनियन समन्वय समिति के आह्वान पर कुल्लू में सीटू तथा ईंटक द्वारा जिलाधीश कार्यालय के वाहर प्रर्दशन किया गया। इससे पहले सभी मजदूर नेहरू पार्क में इक्टठा हुए तथा वहां से अपने अपने झण्डे व वैनर लिए हुए केन्द्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेवाजी करते हुए सरवरी व ढालपुर वाजार होकर जिलाधीश कार्यालय पहुंचे । जिलाधीश कार्यालय के वाहर प्रर्दशनकारियों को ईंटक जिलाध्यक्ष खीमी राम चैहान, महिला ईंटक अध्यक्ष मोहिनी तथा सीटू जिलाध्यक्ष सर चन्द ठाकुर, सीटू महासचिव राजेश ठाकुर तथा हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव होतम सिंह सौंखला ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आज 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी द्वारा अंग्रेजो भारत छोडो आन्दोलन शुरू किया गया था उसी उपल्क्ष में आज केन्द्रीय ट्रेड यूनियनें पूरे देश में 9 अगस्त को काॅरपोरेट भारत छोडो-मोदी गद्दी छोडो आन्दोलन शुरू किया गया है। आज भाजपा सरकार सभी सरकारी उपक्रमों को कौडियों के भाव कम्पनियों को बेच रही है। बडे उद्योगपतियों के कर्ज व व्याज माफ किए जा रहे हैं और मजदूर विरोधी नीतियों को लागू कर इन कम्पनियों व ठेकेदारों को लाभ पहुंचा रही है। श्रम कानूनों को खत्म किया जा रहा है, आउटसोर्स व ठेकेदारी नीति को बढावा दिया जा रहा है। अग्निवीर योजना लागू कर युवाओं के साथ खिलवाड किया जा रहा है। केन्द्र सरकार ने सता में आने से पहले मजदूरोे से समान काम का समान वेतन और किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य व स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का किया गया वायदा नहीं निभाया जा रहा है। मंहगाई दिन प्रतिदिन बढ रही है और देश में पहली वार अनाज व अन्य खाद्य वस्तुओं पर जी एस टी लगाई गई है। आज केन्द्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रधानमन्त्राी महोदय को मांगों केा को लेकर जिलाधीश कुल्लू के माध्यम से मांग पत्र भी सौंपा गया। प्रर्दशन में चमन लाल, राम चन्द, प्रेम सिंह,खूव राम, सेस राम,मोहन लाल,गोविन्द सिंह ,चुनी लाल आदि उपस्थित रहे। मुख्य मांगें-श्रम कानूनों को खत्म करके बनाई गई 4 श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाए। वर्तमान जीवनयापन सूचकांक के आधार पर न्यूनतम वेतन 26 हजार रूपये प्रतिमाह दिया जाए।सरकारी काॅंट्रेक्ट,पार्ट टाईम,मल्टी पर्पज,मल्टी टास्क,टैम्परेरी,कैजुएल,फिक्स टर्म,ठेकेदारी प्रथा व आउटसोर्स प्रणाली को खत्म किया जाए और स्थाई रोजगार दिया जाए। मनरेगा मजदूरों को 200दिनों का काम और 375 रूपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। निर्माण,मनरेगा,वी,आर.ओ. मजदूरों का श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण व आर्थिक लाभ वहाल किए जाऐं।बैंक,बीमा,बी.एस.एन.एल.,पो



