कुल्लूबड़ी खबरहिमाचल प्रदेश
कुल्लू जिला में डेढ हजार प्रभावितों परिवारों को राशन सामग्री कीट बितरित की-आशुतोष गर्ग
दुर्गम क्षेत्र शाकटी मरौड़ के लिए एयरफोर्स के द्वारा पहुंचाई राशन कीट
कुल्लू जिला में डेढ हजार प्रभावितों परिवारों को राशन सामग्री कीट बितरित की-आशुतोष गर्ग
दुर्गम क्षेत्र शाकटी मरौड़ के लिए एयरफोर्स के द्वारा पहुंचाई राशन कीट
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला में भारी बारिश से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक प्रशासन की तरफ अब डेढ हजार लोगों तक राशन सामग्री कीट पहुंचाई है। प्रशासन ने दुर्गम क्षेत्र शाकटी मरौड़ के लिए 60 राशन सामग्री कीट एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर से पहुंचाई है और कल भी कई क्षेत्रों मे ंराशन की कीट पहुंचाई जाएगी। वायु सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से ज़िले के गाड़पारली पंचायत के आपदा प्रभावित सबसे दुर्गम गावों शाकटी व मरौड में 1 टन खाद्य सामग्री ड्रॉप की गई। यह गांव भारी वर्षा के चलते ग्राम पंचायत गाड़ा पारली के अन्य गावों से पुरी तरह से कट चुके थे।
उन्होंने बताया किवायु सेना के हेलीकॉप्टर के द्वारा शेनशर में भी आज कुछ आवश्यक खाद्य सामग्री ड्रॉप की गई जो देहूरीधार पंचायत सहित गाड़ा पारली के आठ उचित मूल्य की दुकानों को भेजी जाएगी।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने बताया कि आज मौसम साफ रहने के चलते ज़िला प्रशासन वायु सेना के हेलीकॉप्टर से इन गांव में राहत सामग्री पहुंचाने में सफल हो गया।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गत दिवस गांव के लिए प्रशासन व होमगार्ड का एक दल भेजा गया है, जो यहां राहत व पुनर्वास कार्यों में लोगों का सहयोग करेगा।
उल्लेखनीय है कि भारी वर्षा के कारण ज़िले के सबसे दूरस्थ इन पंचायतोंं को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे तथा ये गांव शेष विश्व से कट चुके थे।
उपायुक्त ने बताया कि सियुंड से शेंशर से निहारनी, मझान, दरेंचा, शुगाढ़ व शाकटी को जोड़ने वाले पुराने खच्चर मार्ग का मुर्रमत्त कार्य आरम्भ कर दिया गया है जिसमें सियुड से लेकर निहारनी तक प्रशासन द्वारा तथा निहारनी से शाकटी तक रास्ते की मुरम्मत वन विभाग द्वारा की जा रही है।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने बताया कि आज मौसम साफ रहने के चलते ज़िला प्रशासन वायु सेना के हेलीकॉप्टर से इन गांव में राहत सामग्री पहुंचाने में सफल हो गया।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गत दिवस गांव के लिए प्रशासन व होमगार्ड का एक दल भेजा गया है, जो यहां राहत व पुनर्वास कार्यों में लोगों का सहयोग करेगा।
उल्लेखनीय है कि भारी वर्षा के कारण ज़िले के सबसे दूरस्थ इन पंचायतोंं को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे तथा ये गांव शेष विश्व से कट चुके थे।
उपायुक्त ने बताया कि सियुंड से शेंशर से निहारनी, मझान, दरेंचा, शुगाढ़ व शाकटी को जोड़ने वाले पुराने खच्चर मार्ग का मुर्रमत्त कार्य आरम्भ कर दिया गया है जिसमें सियुड से लेकर निहारनी तक प्रशासन द्वारा तथा निहारनी से शाकटी तक रास्ते की मुरम्मत वन विभाग द्वारा की जा रही है।



