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नोगी पंचायत में सोउड़ी नाला बावड़ी का पानी शिफ्ट करने पर ग्रामीण हुए उग्रनोगी पंचायत में सोउड़ी नाला बावड़ी का पानी शिफ्ट करने पर ग्रामीण हुए उग्र

ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में उचित कार्यवाही की की मांग

ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों पर मनमर्जी कर  अधिकार छीनने का लगाया आरोप

न्यूज मिशन

कुल्लू

कुल्लू जिला की धार्मिक पर्यटन नगरी मणिकर्ण घाटी की कशवरी फाटी के दनोगी पंचायत के आधा दर्जन गांव के सैकड़ों ग्रामीणों को बावड़ी का पानी बंद होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से उचित कार्यवाही की मांग की है। ग्रामीणों की माने तो सोउड़ी नाला बावड़ी के पास वन विभाग ने टैंक बनाकर बाबड़ी में पिटबॉल लगाकर पानी टैंक में शिफ्ट किया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के द्वारा मनमर्जी कर ग्रामीणों के अधिकार छीनने का प्रयास किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों विश्वास में लिए बिना मनमर्जी कर बाबड़ी का पानी शिफ्ट किया जा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार स प्रशासन से इस मामले में जांच की मांग की है। स्थानीय पंचायत निवासी सुदर्शन ने कहा कि दनोगी पंचायत के नोरी गांव वन विभाग की तरफ से टैटू बनाया गया है जिसमें बावड़ी का पानी शिफ्ट किया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आधा दर्जन से अधिक गांव के सैकड़ों ग्रामीण बावड़ी से पीने का पानी कपड़े धोने के लिए मवेशियों के लिए उपयोग करते हैं।उन्होंने कहा कि ऐसे में बावड़ी के पानी को टैंक में शिफ्ट कर सिंचाई के लिए उपयोग किया जा रहा है। जिसके लिए ग्रामीणों में विरोध है उन्होंने कहा कि इसके लिए यहां पर आसपास के सभी ग्रामीण इकट्ठा हुए हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इस बावड़ी के पानी को बंद न किया जाए।
स्थानीय पंचायत की निवासी सीमा ने कहा कि सोउड़ी नाला बावड़ी से आधा दर्जन गांव के हजारों लोग इस पानी का उपयोग पीने नहाने कपड़े धोने मवेशियों के साथ-साथ सिंचाई के लिए उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में वन विभाग के द्वारा टैंक बना कर इस पानी को वन विभाग के द्वारा बनाए गए 10 को में शिफ्ट किया जा रहा है । जिससे दोनों की पंचायत के हजारों लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि गांव की सभी महिलाएं इसका विरोध कर रही है। उनका की इस बावड़ी से आसपास के गांव के ग्रामीण पीने नहाने कपड़े धोने बा मवेशियों को पानी पिलाने के लिए पानी का उपयोग करते हैं। ऐसे में बावड़ी से पिटबोल लगाकर पानी टैंक में शिफ्ट किया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि बावड़ी का पानी को बंद ना किया जाए अन्यथा ग्रामीणउग्र आंदोलन करेंगे। स्थानीय गांव के ग्रामीण विजय,चमन, भादर सिंहने कहा कि दिनों की पंचायत के सोउड़ी नाला बावड़ी से पंचायत के सैकड़ों लोग पीने नहाने कपड़े धोने पशुओं को पानी पिलाने के लिए उपयोग करते हैं। इसके अलावा आते जाते राहगीर भी बावड़ी से पानी पीते हैं उन्होंने कहा कि ऐसे में वन विभाग के द्वारा यहां पर टैंकों का निर्माण किया गया है जिसके बाद बावड़ी का पानी 10 को में शिफ्ट कर बंद किया जा रहा है उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि मनमर्जी से ग्रामीणों के हक हकूक को दरकिनार करने के लिए ग्रामीणों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं उन्होंने कहा कि ऐसे में प्रशासन से मांग करते हैं कि इस पर कड़ी कार्यवाही की जाए।

दनोगी की पंचायत के उपप्रधान नारायण सिंह ने कहा कि वन विभाग के द्वारा आईडीपी प्रोजेक्ट के तहत पंचायत में 22लाख रुपए की राशि खर्च कर सिंचाई के लिए जल भंडारण टैंकों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि बावड़ी से पिटवॉल लगाकर टैंकों में पानी भरने के लिए प्रयास किए गए थे। जिसको लेकर गांव के ग्रामीणों ने आपत्ति हुई है। उन्होंने कहा कि जल भंडारण के लिए ग्रामीणों के सुझाब पर कार्य किया जाएगा जिससे ग्रामीणों को सिंचाई के लिए उचित सुविधा उपलब्ध हो सके।उन्होंने कहाकि भबिष्य में बाबड़ी से पिटबॉल नहीं लगाया जाएगा। ताकि ग्रामीणों को पीने के लिए पानी और कपड़े धोने व पशुओं को पानी पीलाने के लिए 24 घंटे सुविधा रहेगी।

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