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औषधीय और औद्योगिक भांग की खेती से ग्रामीण आर्थिकी होगी सुदृढ़-सुंदर सिंह ठाकुर

कहा- विधानसभा कमेटी ने उत्तराखंड के रिसर्च सेंटर में विभिन्न पहलुओं पर किया अध्ययन

11 जून को कुल्लू और मंडी में जनता के साथ बैठक कर लिए जाएंगे सुझाव
भांग की खेती से कीटनाशक दवाइयां, जीवनरक्षक दवाइयां, सैकड़ो उत्पाद होंगे तैयार

न्यूज मिशन

कुल्लू

मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने परिधि गृह कुल्लू में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की तरफ से भांग की खेती को लेकर पॉलिसी बनाने के लिए विधानसभा कमेटी राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में  उत्तराखंड स्टडी टूर पर गए थे उन्होंने कहा कि भाजपा शासित उत्तराखंड राज्य में पिछले 4 वर्षों से भांग की लीगल खेती की जा रही है उन्होंने कहा कि अगर पूरे की भाजपा सरकार ने कोर्ट के आदेश पर समय रहते पहल कर उचित कदम उठाए होते तो आज हिमाचल प्रदेश में भी भांग की खेती से दवाइयां और औद्योगिक उत्पाद तैयार होते और प्रदेश के लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ होती उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सैलाकोई में 300 करोड़ रूपये से रिसर्च सेंटर स्थापित किया गया है जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है उन्होंने कहा कि वहां पर सैकड़ों तरह की इंडस्ट्रियल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं उन्होंने कहा कि भांग के पौधे को औषधियों का राजा माना गया है। उन्होंने कहा कि भांग में जीवन रक्षक  दवाइयों के तत्व मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भांग के औद्योगिक खेती से लोगों को फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भांग से तैयार उत्पाद 10 गुना दाम पर बिक रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल सरकार भांग की वैध खेती को लेकर पॉलिसी बनाने के लिए विभिन्न राज्यों की पॉलिसी का अध्ययन कर रहे हैं जिससे नशे की खेती छोड़ लोग औषधीय और औद्योगिक के लिए खेती करें। उन्होंने कहा भांग की खेती  से कीटनाशक दवाइयां भी प्यार होगी जिससे पर्यावरण संरक्षण के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सेब के बगीचे में भांग की खेती से इंटरक्रॉपिंग से भांग के पौधे की जड़े नाइट्रोजन पैदा करती है। जिससे सेब के पौधे को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि भांग की खेती को पॉलिसी बनने से कंट्रोल तरीके से खेती होगी जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रेशर के चलते 1985 में बिना चर्चा के  एनडीपीएस एक्ट देश में लागू किया गया। विश्व के बड़े देशो को भारत में भांग की खेती से उनके देश शराब कारोबारपर असर पड़ेगा। इसीलिए भारत में भी 1985 में एनडीपीएस एक्ट के तहत भांग की खेती को अवैध घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि विधानसभा कमेटी 11 जून को कुल्लू में जनता के साथ बैठक की जाएगी जिसमें पंचायत प्रतिनिधि एनजीओ सभी लोगों के सुझाव लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 1 माह के भीतर कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी जिसके बाद सरकार भांग की खेती बात करने को लेकर निर्णय लेगी और उसके बाद पॉलिसी के तहत कानून तैयार किया जाएगा।

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