मणिकर्ण घाटी के ड्ढ़ेई में मनाया धूमधाम के साथ बिरशु मेला

न्यूज़ मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला की धार्मिक पर्यटन नगरी मणिकन घाटी के ड्ढ़ेई गांव में धूमधाम के साथ बिरशु मेला मनाया इस दौरान करीब करीब तीन माह बाद मणिकर्ण घाटी में देवी देवताओं ने अपने हरियानों को दर्शन दिए। बिरशु मेले में देवी-देवताओं ने रथ सजने के बाद बुरांस के फूल से शक्ति अर्जित की। देवताओं और साठ देवकन्याओं का बुरांस के फूलों के साथ देव मिलन हुआ। माता कैलाशना के पुजारी होत्तम राम ने बताया कि देवगीतों के साथ बिरशु मेले पर घाटी की महिलाओं माता कैलाशना संग लालड़ी खेली। डाली। कुल्लूु की धार्मिक नगरी मणिकर्ण घाटी में 14 अप्रैल को बिरशु मेले की धूम रही है। घाटी के देवताओं ने बुरांस के फूल और जौ की पौध से शक्तियां अर्जित की। तीन माह बाद घाटी के देवी-देवताओं द्वारा दिए गए दर्शन से लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। रंग-बिरंगे फूलों से सजे देवरथों को देख कर हर लोगाें को अपनी ओर आकर्षित किया। ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से देव देवताओं की पूजा अर्चना कर रस्म को निभाया है। गौर हो कि मणिकर्ण घाटी के डढ़ेई गांव में देवता सुन नारायण, माता कैलाशना और देवता मकाल राजा तथा धारला में माता रूपासना, बुहाड़ में देवता कालीनाग, सिसू तथा जां में नमोनारायण के सम्मान में बिरशु मेलाें का आयोजन किया। बिरशु मेला घाटी का प्रमुख त्यौहार है 14 अप्रैल को घाटी में बिरशु को देव परंपरा अनुसार मनाया गया।



