कुल्लू क्षेत्रीय अस्पताल में 8 डाक्टरों के तबादले पर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर गैरजिम्मेदाराना बयान -सुंदर सिंह ठाकुर
कहा-5 साल में एक बार भी रोगी कल्याण की बैठक में नहीं पहुंचे सत्तापक्ष के विधायक-

कुल्लू क्षेत्रीय अस्पताल में 8 डाक्टरों के तबादले पर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर गैरजिम्मेदाराना बयान -सुंदर सिंह ठाकुर
कहा-5 साल में एक बार भी रोगी कल्याण की बैठक में नहीं पहुंचे सत्तापक्ष के विधायक-
कुल्लू अस्पताल के आठ डॉक्टरों का हुआ तबादला, विधायक हुए लाल
कुल्लू, मंडी, लाहौल और पांगी के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करता है अस्पताल
कुल्लू
कुल्लू प्रदेश के चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू से छह विशेषज्ञ और दो जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित कुल आठ डॉक्टरों का तबादला कर दिया गया है। ऐसे में उपचार कराने आने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इससे पहले भी कई बार डॉक्टर न होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। सदर विधायक अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं।अस्पताल में नेत्र रोग, बच्चों के चिकित्सक न होने से यह दोनों ओपीडी बंद है। सर्जन और एनेस्थीसिया के तबादले से मरीजों के ऑपरेशन भी नही हो रहे। इसके अलावा पल्मोनोलॉजिस्ट की कमी से भी क्षय रोग तथा श्वास रोग से ग्रस्त मरीजों की दिक्कतों आ रही है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश ने कहा कि अस्पताल से दो जिला कार्यक्रम अधिकारी और छह चिकित्सकों का तबादला हुआ है। जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी दो, नेत्र रोग विशेषज्ञ दो, शिशु रोग विशेषज्ञ एक, सर्जन एक, एनेस्थीसिया एक और पल्मोनोलॉजिस्ट है।
वीओ-सदर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि रोगी कल्याण समिति की बैठक आज कुल्लू के सभागार में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने की। उन्होंने कहा कि वह हमेशा ही रोगी कल्याण की बैठक में उपस्थित रहते हैं। उन्हें बड़े खेद से कहना पड़ रहा है कुल्लू विधानसभा क्षेत्र होने के नाते वे हर रोगी कल्याण की बैठक में भाग लेते हैं, लेकिन जो अन्य विधायक व मंत्री जिन्हें सूचित भी किया गया था, लेकिन वे कभी भी बैठक में उपस्थित अपनी हाजिरी नहीं भरी, उन्होंने उचित नहीं समझा, इस रोगी कल्याण की बैठक में न आना सत्तापक्ष के विधायक मसीहा मानते हैं, जबकि सत्ता पक्ष के विधायकों को ऐसी बैठकों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री बाद में है, पहले वे विधायक हैं उन्होंने कहा कि जिला कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में बंजार और मनाली, आनी मुख्यमंत्री के क्षेत्र के बाली चैकी तहसील के लोग इस अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं, खेद की बात यह है की सूचना के बावजूद भी 5 साल में एक बार भी रोगी कल्याण की बैठक में सत्तापक्ष के विधायक नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब भी उन्होंने इस विषय को लेकर विधानसभा में बात को उठाते हैं तो वह उल्टा कटाक्ष करते हैं, कि कुल्लू अस्पताल में बहुत अच्छा चल रहा है, उन्होंने कहा कि अब तो हद हो गई है कि आज 8 विशेषज्ञ डॉक्टर कुल्लू अस्पताल से चले गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में क्या मरीज इस अस्पताल की भवन को देखने के लिए ही जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन भी क्या करेगा उनकी जिम्मेदारी नहीं बनती है कि वे डॉ लाए यह कार्य सरकार का होता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से मंत्री ने गैर जिम्मेदार ढंग से कहा है कि उसे देखकर हैरानी होती है कुल्लू को क्या समझते हैं, उन्होंने कहा कि वे ट्रांसफर नहीं हुए हैं वह हायर स्टडी करने गए हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में अस्पताल में ताले लग रहे हैं, गरीबों को अल्ट्रासाउंड करने के लिए निजी अस्पतालों में 15-1500 निर्वहन करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कुल्लू अस्पताल के बारे में एक भी बात नहीं कही जब मैं विधानसभा में बोलता हूं मुझ पर वह आग बबूला होते हैं आज आपके सामने प्रत्यक्ष ह,ै उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दबाव में लोगों की जिम्मेवारी को बंद नहीं करूंगा आप मुझे दमकआएंगे जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि सरकार बताएं कितने दिनों में डॉक्टर आएंगे और कब तक गरीब जनता धक्के खाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते हुए डॉक्टर की नहीं आएंगे तो वे सड़कों पर उतर कर उग्र से उधर धरना प्रदर्शन करेंगे।



