सुक्खू सरकार ने जनजातीय क्षेत्र लाहुल के लिए 2.72% बजट से जनता को ठगा- राम लाल मारकंडा

लाहुल स्पीति की जनता पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए सरकार के खिलाफ सड़कों पर करेगी बड़ा आंदोलन
न्यूज मिशन
कुल्लू
पूर्व मंत्री रामलाल मारकंडा ने कुल्लू में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश की सुक्खू सरकार पर जनजातीय बजट में भारी कटौती का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार जनजातीय बजट में सरकार ने भारी कटौती की है उन्होंने कहा कि जहां जनजातीय क्षेत्र में कुल बजट का 9% बजट मिलता था लेकिन इस बार प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्र के लिए 2.72% बजट दिया है जिसमें लाहौल के लिए 13 करोड़ 23 लख बजट और स्पीति के लिए 11 करोड़ 73 लाख रुपए का बजट दिया है उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 में लाहौल का बजट 84 करोड रुपए और स्पीति का बजट 79 करोड रुपए हुआ करता था उन्होंने कहा कि 5 अप्रैल को मुख्यमंत्री कार्यालय से एक नोटिफिकेशन जारी हुई है कि वर्ष 2024 -25 में ट्रेजरी से किसी कारण किसी कारण बजट नहीं निकाल पाए हैं। अगर वह बजट इस साल के बजट में रिफ्लेक्ट हो रहा है तो उसको खर्च किया जाएगा उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सरकार ने प्रदेश सरकार लाहौल स्पीति में लोक निर्माण विभाग में 2 बर्षो में एक भी लेबर को भर्ती नहीं कर पाए जिसके चलते लाहौल स्पीति में सड़कों की खस्ताहाल स्थित है उन्होंने कहा कि आज सरकार की हालत यह हो गई है कि अब अस्पतालों में भी ₹10 पर्ची के लिए जाएंगे और बिजली के बिलों में मिल्क सेस लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लाहौल स्पीति में नाबार्ड से एक करोड़ 68 लाख रुपए का बजट लेप्स गया और ऐसे में विकास कहां से होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने लाहौल स्पीति में कृषि बागबानी पर सब्सिडी को खत्म किया और लाहुल स्पीति में होमस्टे चलाने वालों पर रजिस्ट्रेशन के 1800 रुपए और पानी और बिजली के कमर्शियल बिल लिए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने कृषि बागवानी के लिए लाहौल स्पीति में बजट को खत्म कर लोगों को महंगे दाम पर बीज खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाए की प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने तेलंगाना के कांग्रेस सरकार के साथ लाहौल स्पीति में दो पावर प्रोजेक्ट को लेकर एमओयू साइन किया है जिसका लाहौर की जनता का विरोध कर रही है उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसके खिलाफ जनता को लाभ बंद करते हुए बड़ा आंदोलन किया जाएगा क्योंकि लाहौर स्थिति में जिस प्रकार वहां की भौगोलिक परिस्थितियों है जिस प्रकार किन्नौर में पॉवर प्रोजेक्ट लगाने के बाद लोगों के बाग बगीचा जमीनों और गांव को नुकसान हो रहा है उन्होंने कहा कि लाहौर को किन्नौर, उत्तराखंड नहीं बनने दिया जाएगा इसके लिए सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर बड़ा आंदोलन करेंगे



