जिला कल्लू के मुख्यालय राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन प्योर एंड एप्लाइड मैथेमेटिकल साइंसेज (आईसीपीएएमएस 2024) कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला का शुभारंभ कुल्लू कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनदीप शर्मा ने किया। इस कार्यशाला का आयोजन 2 दिनों तक चलेगीऔर देश विदेश से आए 60 प्रतिभागी गणितीय मॉडलिंग, गणितीय विश्लेषण, संख्यात्मक विश्लेषण और गणितीय सांख्यिकी विषयों पर चर्चा करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय गणितीय विज्ञान कार्यशाला के समन्वयक डॉ संतोष कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम में अमेरिका, इटली, ट्रिनिडाड और टोबैगो, जमैका, ओमान और मिस्र से विदेशी मुख्य वक्ता भी शामिल हैं। इसके अलावा, आईआईटी, एनआईटी और देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों और संस्थानों के राष्ट्रीय वक्ता भी अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में विश्व भर से प्रतिभागियों के द्वारा ग़णितीय विज्ञान के क्षेत्र में नवाचारों और अनुसंधान के बारे में चर्चा करेंगे। यह सम्मेलन गणितीय विज्ञान के क्षेत्र में नवाचारों और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि इस तरह का सम्मेलन आमतौर पर आईआईटी मंडी में या फिर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में किया जाता है।लेकिन इस बार सरकारी कॉलेज कुल्लू ने इसे आयोजित करने का गौरव हासिल किया है। इस सम्मेलन के दौरान, विभिन्न सत्रों में गणितीय विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर मनदीप सिंह ने कहा कि कुल्लू कॉलेज में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गणित विज्ञान की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है इसमें 60 के करीब प्रतिभागी देश विदेश से भाग ले रहे हैं यह पूरे दुनिया से आए हैं जैसे की डॉक्टर सेलवम है जो कि कैंसर स्टेट से आए हैं जो कि अमेरिका से है और बहुत ही काविलियत है इसके अलावा इटली से आए हैं पार्टिसिपेशन है इसके बाद हमारे पास मेडिटरेनियन से एशिया कॉन्टिनेंट से और कैरेबियाई से 5 और 6 आए हैं वेस्टइंडीज और हमारे भारतवर्ष में उत्तरी भारत दक्षिणी भारत पश्चिमी भारत विभाग सभी से रिप्रेजेंटेशन प्रोफेसर की आई है जिसमें यह जो थापर कॉलेज है इंजीनियरिंग का उसमें परमजीत आए हैं पटियाला से जालंधर से हमारे पास आए हैं साउथ इंडिया से ईस्टर्न इंडिया मैथमेटिक्स डिपार्मेंट है उन्होंने तैयारी की है बहुत अच्छी कार्य कुशलता से इससे पहले एक ढाई तीन महीने पहले नेशनल कांफ्रेंस हुई थी वह भी हाईली सक्सेसफुल रही थी और आज यह जो यहां पर पार्टिसिपेशन है इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस पर यह भी शानदार है और मैथमेटिशियन में पूरा उत्साह है और हमारे बच्चे भी जो है कुल्लू कॉलेज के मैथमेटिक्स के वह भी इसमें बजट का हिस्सा ले रहा है ताकि उनको आने वाले समय में ऐसी जो हाईएस्ट लेवल पर कॉन्फ्रेंस है उनका एक एक्सपीरियंस हो तो यह जैसे कि हम देखते हैं कि शुरू में जो वैदिक काल है उसमें जब भेड़ बकरियां चुराते थे लोग जबकि भाषा भी एक्जिस्ट नहीं करती थी तो जो भेड़ बकरियां जाती थी कुत्ते ने पत्थर डाल लेते थे यह प्रूफ है जो भी चराने जाता था और जब वापस लौटते थे तो वह पत्रों को जो है देख लेते थे फेंक देते थे यह जो है कैलकुलेशन का शुरुआत और जो बीमार होता था पशु भेड़िया बकरी तो उसको जो है वह पहले पत्थर उसका गिरते थे कि यह जा नहीं रहा से शुरुआत हुई इसी तरह जो आर्किमिडीज है वह फादर ऑफ मैथमेटिक्स माने जाते हैं इटली बोर्ड में वह लेकिन वह जो है देश से उन्होंने अध्ययन किया मैक्सिमम तो ग्रीक के जाने जाते हैं इसके साथ-साथ ही जो सुमेरियन परंपरा है उन्होंने हमारे को दिया है कॉन्सेप्ट जिसे जो हमारे को मैथमेटिक्स में और हमारा जो है आर्यभट्ट की उन्होंने जीरो का जो हमारे को एक कॉन्सेप्ट दिया है उसे ही मैथमेटिक्स की जो नियम है बहुत सुदृढ़ पड़ी है तो हम यह देखते हैं कि दो दिवसीय जो इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस हमारे कॉलेज में हो रही है इसमें बहुत शानदार क्रिएटिव सारे होगा कंपैरिजन होगा वर्ल्ड लेवल पर जो चली है एक रिसर्च अप टू डेट उसका भी आदान-प्रदान होगा जो अमेरिका से कैरेबियाई से इटली से आए हैं हमें या हमारे जो स्कॉलर्स है इंडिया के उन सबको मिलेगा मुझे उम्मीद है कि यह जो मैथमेटिक्स डिपार्मेंट है बेनिफिशियल होगा