अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव में दूसरे दिन नरसिंह भगवान की निकली शाही जलेब
नरसिंह भगवान की पालकी में सवार होकर ढाल तलवार के साथ महेश्वर सिंह ने निभाई प्राचीन परंपरा

अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव में दूसरे दिन नरसिंह भगवान की निकली शाही जलेब
नरसिंह भगवान की पालकी में सवार होकर ढाल तलवार के साथ महेश्वर सिंह ने निभाई प्राचीन परंपरा
जलेब में ढोल नगाड़ों की धूनों पर झूमें देवलु
न्यूज मिशन
कुल्लू
अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सवदेवमहाकुम्भ केदुसरे दिन ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में नरसिंह भगवान की शाही जलेब निकली इस दौरान भगवान रघुनाथ के छडीवदार महेश्वर सिंह ने नरसिंह भगवान की पालकी में सवार होकर ढाल तलवार को पकड़कर दशहरा मैदान के चारों तरफ सुरक्षा घेरा लगाया । इस दौरान कुल्लू दशहरा में शिरकत करने पंहुचे जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ लगते महाराजा घाटी के देवताओें ने भी भगवान नरसिंह की शाही जलेव में शिरकत की और एतिहासिक ढापुलर मैदान का चक्कर लगाकर सुरक्षा घेरा बनाया । भगवान नरसिंह की शाही जलेव में शामिल हुए देवी देवताओं के साथ आए कारकून और हारयान भी ढाल नगाडों की थाप पर जमकर नाचत गाते हुए दिखाई दिए ।
भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने बताया कि दशहरा उत्सव की प्राचीन परंपरा को अच्छी तरह से निभाया जा रहा है और आज कुल्लू दशहरा का दुसरा दिन है । उन्होंने कहाकि आज भगवान नरसिंह की जलेव धूम धाम से निकाली गई । महेश्वर सिंह नें बताया कि आज निकाली गई जेलब में कुल्लू दशहरा उत्सव में शिरकत आने आए महाराजा कोठी के देवी देवताओं और उनके कारकूनों और हरयानों ने शिरकत कर ढालपुर मैदान का पूरा चक्कर लगाया है । उन्होने कहा कि कुल्लू दशहरा में आज से अगले पांच दिनों तक भगवान रद्युनाथ की जलेव निकाली जाती है और एक रक्षा चक्कर लगाया जाता है । उन्होने कहा कि यह रक्षा चक्कर बीमारी या किसी तरह की अनहोनी से रक्षा करता ।उन्होंने कहाकि अगले 5 दिनों तक नरसिंह भगवान की जलेब हर दिन शाम के समय निकलेेगी और अलग अलग घाटी के देवता जलेब में शामिल होते है।
-उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बेटी आस्था अग्निहोत्री ने कहाकि देवभूमि कुल्लू में अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्स्व देवमहाकुंभ अद्वभुत क्षण है और दशहरा उत्सव में भगवान रघुनाथ की रथयात्रा और देवमिलन देखना साक्षी बनना सौभाग्य है।उन्होंने कहाकि देवी देवताओं में हमारी आस्था है।उन्होंने कहाकि हम ऊना से आते है यहां की देवसंस्कृति देखकर भगवान रघुनाथ काआर्शिवाद लेने का सौभाग्य है और यहां पर देव आस्था का माहौल है।



