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दशहरा उत्सव में स्टॉल महंगे होने से लोकल हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारोबारी में मायूसी-राम सिंह 

कहा-दशहरा उत्सव समिति के द्वारा 52 हजार रुपये स्टॉल के दाम देने में असर्मथ

दशहरा उत्सव में लोकल हैंडलूम कारोबरियों ने कारोबार से किया किनारा
न्यूज मिशन
कुल्लू
अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में दशहरा उत्सव समिति के द्वारा स्टॉल के महंगे दाम होने के कारण लोकल हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारोबारी मायूसी छाई है ऐसे में लोकल एक दर्जन से अधिक हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारोबारी ने इस बार दशहरा उत्सव में कारोबार करने से किनारा किया है लोकल हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कार्यकारियों की मन तो इस बार दशहरा उत्सव समिति के द्वारा 3 गुणा दाम स्टॉल दिया जा रहा है जिसमें 33000 बेस प्राइस के साथ जीएसटी और कैनेपी के कुल 53000 लिए जा रहे हैं जबकि पिछले वर्ष यही स्टॉल 28000 से लेकर ₹30000 में दिए गए थे लेकिन इस वर्ष भारी भरकम बढ़ोतरी से हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों को भारी दिखतों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में कारोबारी कई बार उपयुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश से  मिले लेकिन बावजूद उसके कारोबारी को कोई खास राहत  नहीं  मिली है। इसके चलते अब लोकल हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारोबारी ने कारोबार को छोड़ने का मन बना लिया है।
 स्थानीय लोकल कारोबारी कोयला देवी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से दशहरा उत्सव में हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट फूल विशाल टोपी मफलर जैकेट पट्टू बेचने का कारोबार करते हैं लेकिन इस बार दशहरा उत्सव समिति के द्वारा महंगे दाम पर स्टाल दिए जा रहे हैं जिसके चलते पिछले तीन बार डीसीओ कुल्लू से मिलकर राहत की मांग की है लेकिन हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारोबारी को दशहरा उत्सव समिति की तरफ से कोई राहत नहीं दी जा रही है। तुमने कहा कि दशहरा उत्सव में 52000 का स्टॉल दिया जा रहा है जिसके चलते इतनी ज्यादा पैसे देने में असमर्थ है उन्होंने कहा कि इस बार स्टॉल के दाम दुगने कर दिए हैं जिसके लिए हम इतने ज्यादा पैसे नहीं दे सकते हैं और इसलिए यह निर्णय लिया है कि इस वर्ष हम दशहरा उत्सव में कारोबार नहीं करेंगे । उन्होंने कहा कि पिछली बार स्टॉल 16000 रुपए बेस था और इस बार 33000 बेस्ट प्राइस रखा है जिसके बाद जीएसटी और कैनोपी का मिलाकर 52 हजार रुपए ले रहे हैं और इतने पैसे हम नहीं दे सकते हैं जिससे हम 14 कारोबारी इतने पैसे देने में असमर्थ है।
स्थानीय व्यापारी राम सिंह का कहना है कि वह 1992 से लेकर दशहरा उत्सव में हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट का उत्पाद बेचकर अपना परिवार का पालन पोषण करते हैं और हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट बनाकर दशहरा उत्सव में उत्पाद को बेचते हैं उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि इस बार स्टॉल 52 हजार रुपए के दे रहे हैं जिससे इतना ज्यादा पैसा देने में हम असमर्थ है उन्होंने कहा कि हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारोबार से बहुत सारे लोग जुड़े हुए हैं ऐसे में इस बार कारोबार न करने से हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट से जुड़े हुए बुनकरों को भी नुकसान होगा उन्होंने कहा कि ऐसे में दशहरा उत्सव समिति हम मांग करते हैं कि इसको घटाया जाए और हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट के कारोबार को बचाया जाए। कारोबारी राम सिंह ने कहा कि पूरे साल भर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनकर हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट उत्पाद प्यार करते हैं और उम्मीद है होती है कि दशहरा उत्सव में अच्छा कारोबार होगा और उससे उनका व्यवसाय परिवार का पालन पोषण होगा जिसमें कल भी शॉल पट्टू मफलर टोपी बनाते हैं उन्होंने कहा कि इस बार इतना ज्यादा स्टॉल के दाम बढ़ने से लोकल हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारोबारी 52000 देने में असमर्थ है उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं जीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर से आग्रह करते हैं कि कारोबारी को स्टॉल के दाम पिछले साल से 10% ही बढ़ाया जाए ताकि हम इस विषय में दुकान लगाकर कारोबार कर सके और हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट से जुड़े लोगों को इसका फायदा मिल सके।उधर दशहरा उत्सव समिति की वाईस चैयरमैंन एवं डीसी कुल्लू तोरूल एस रवीश ने बताया कि लोकल हैडलूम हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों को हाईकोर्ट के आदेश पर स्टॉल में 15 हजार रूपये छूट दे दी है। जिसके बाद वेस प्राईज 33 हजार रूपये  किया गया है।उन्होंने क कहाकि दशहरा उत्सव समिति के द्वारा मिना मार्किट  में प्राईम लुकेशन में लगने बाले स्टॉल के रेट बढ़ाने का निर्णय लिया गया था।

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