कुल्लूबड़ी खबरहिमाचल प्रदेश
सरकार 23000 करोड रुपए के ऋण लेकर आर्थिक आपदा की कर रही नौटंकी और ड्रामा- हिम्मत राम शर्मा
कहा- कूप्रबंधन और फिजूल खर्ची से सरकार का खजाना कर रहे खाली

हिमाचल के इतिहास में पहली बार राज्य सचिवालय के कर्मचारी सरकार के खिलाफ कर रहे प्रदर्शन
हिमाचल पेंशनर्स महासंघ ने कुल्लू में सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
सरकार से लंबित वित्तीय लाभ के भुगतान की कर रहे मांग
न्यूज मिशन
कुल्लू
कुल्लू जिला मुख्यालय में हिमाचल पेंशनर्स महासंघ के सैकड़ो पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ फिर मोर्चा खोल दिया है ऐसे में पेंशनरों ने ढालपुर में रोष रैली निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया इस दौरान पेंशनरो ने सरकार वित्तीय सभी लंबित लाभ का भुगतान करने की मांग की।
हिमाचल पेंशनर्स महासंघ के राज्य अध्यक्ष हिम्मत राम शर्मा ने कहा कि सरकार की अनदेखी और संवेदनहीनता के कारण आज पेंशनरों को सड़कों में इकट्ठा होना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार प्रदेश में 19 महीना में सरकार ने ना तो पेंशनरों को वार्ता के लिए बुलाया और ना ही उनकी मांगों पर गौर किया उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्कू कह रहे हैं कि प्रदेश में आर्थिक आपदा है उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई आर्थिक आपदा नहीं है लेकिन जिस प्रकार सरकार फिजूल खर्ची कर रही है और प्रदेश सरकार ने 23000 करोड रुपए का रेट लिया है उसके बावजूद भी पेंशनरों की मांगों पर गौर नहीं किया है उन्होंने कहा कि पहचाने के सभी वित्तीय लाभ लंबित है और पेंशन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से बार-बार आग्रह कर रहे हैं की वित्तीय लाभ का भुगतान जल्द किया जाए उन्होंने कहा कि ऐसे में जिस प्रकार सरकार अपने अध्यक्ष को 30000 से 130000 वेतन बढ़कर प्रदेश को आर्थिक बोझ के नीचे धकेल रही है उन्होंने कहा कि ऐसे में एक तरफ सरकार आर्थिक आपदा नौटंकी की जा रही है उन्होंने कहा कि यह ड्रामा सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राज्य सचिवालय के कर्मचारियों ने अपने मांगों को लेकर हड़ताल करने पर मजबूर हुए उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहली बार होगा कि राज्य सच वाले के कर्मचारियों ने जो सरकार का शासन प्रशासन चलते हैं वहीं हड़ताल पर है और सरकार ने उनके खिलाफ विशेष अधिकार हनन का प्रस्ताव लाया गया उन्होंने कहा कि सरकार के पास मौका है कि वह कर्मचारियों से बात करें और उनकी समस्या का समाधान करें उनका की मैं मुख्यमंत्री महोदय से आग्रह करता हूं कि है हठ धर्मी छोड़कर कर्मचारी और पेंशनरों की मांगों पर गौर करें । उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने पेंशनरों को प्रताड़ित किया यह सरकार के लिए अच्छा संकेत नहीं है।उन्होंने कहा की पेंशनरों की बहुत सी मांगे हैं कर दिए कि 4 डीए पेंडिंग है और 22 महीने का डीए का एरिया एक-एक 2016 से पेंशन का एरियर और काॅम्यूटेशन एरियर भी पेंडिंग है लाइव इन कैशमेंट एरिया लंबित है। इसके अलावा मेडिकल बात लाखों रुपए पेंशनरों का पेंडिंग है। उन्होंने कहा कि यह कैसी विडंबना है कि प्रदेश सरकार ने 19 महीने में 23000 करोड रुपए का ऋण लेकर आर्थिक आपदा करो ना रो रहे हैं उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा आई थी और उसे वक्त पेंशनरों ने भी एक दिन पेंशन सरकार के खजाने में दी थी उन्होंने कहा कि पेंशनर सरकार की मदद करने को अभी भी तैयार है लेकिन इस बुढ़ापे में सरकार पेंशनरों को प्रताड़ित न करें और पेंशनरों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर ना करें और पेंशनरों के सभी वित्तीय लाभ का जल्द भुगतान करें



