डायनासौर पवित्र झील में 20 भादो को शाही स्नान पर पूर्णता प्रतिबंध – राम लाल ठाकुर
कहा-लगघाटी,चौहार घाटी, बरोट व छोटा भंगाल के सभी देवी देवताओं ने दिए देवआदेश

डायनासौर पवित्र झील में 20 भादो को शाही स्नान पर पूर्णता प्रतिबंध – राम लाल ठाकुर
कहा-लगघाटी चौहार घाटी, बरोट व छोटा भंगाल के सभी देवी देवताओं ने दिए आदेश
7 देवी देवताओं ने गुरवाणी में धार्मिक और देवस्थानों को पर्यटन स्थल न बनाने के लिए दिए सख्त आदेश
देवभूमि कुल्लू जिला में 4 सितंबर को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा 20 का त्यौहार पवित्र स्नान
न्यूज मिशन
कुल्लू
देवभूमि जिला कुल्लू मंडी कांगड़ा के मध्य पर्वत श्रृंखला पर स्थित पवित्र झील डायनासोर में 20 भादो का शाही स्नान पर पर्वत प्रतिबंध रहेगा। लगघाटी, चौहार घाटी, बरोट व छोटा भंगाल के देवी देवताओं ने यह प्रतिबंध लगाया है। डायनासोर झील समुद्र तल से 12000 फीट की अधिक ऊंचाई पर स्थित करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में फैली पवित्र झील है। जहां प्राचीन काल में देवी देवताओं के पवित्र शाही स्नान होता है।माता फुंगणी के कारदार रामलाल ठाकुर ने बताया कि यहां झील को अपवित्र किया जा रहा है। जिस कारण से देवी देवताओं ने प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि लगघाटी, चौराहा घाटी व छोटा बंगाल के देवी देवताओं ने यह प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि सात देवता माता फुगंणी, कतरूसी नारायाण, त्रिजुगी नारायण, पंचाली नारायण, फलाणी नारायण हुरंग नारायण व वीर नाथ के देवी देवताओं ने गुरबाणी में कहा कि डायनासोर झील गंदगी से अपवित्र हो रही है लोग यहां आकर झील में गंदगी फैला रहे हैं। जिस कारण से देवी देवताओं ने प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि देवी देवताओं व माता फुंगणी के गुर देवता और हरियान पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार डायनासोर झील में स्नान करने की इजाजत नहीं है डायनासोर में 20 भादो को शाही स्नान नहीं होगा। यह आदेश गुरबाणी के माध्यम से देवी देवताओं ने किए हैं और डायनासोर जाना माना है उन्होंने कहा कि लोग वहां जाकर गंदगी फैला रहे हैं और कई प्रकार के निषेध वस्तुओं को ले जा रहे हैं। जिससे देव स्थल अपवित्र हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लिए न ही यातायात का साधन है और न ही प्रशासन का कोई पहरा है। हिमाचल में देवभूमि होने के चलते बड़ी त्रासदी हुई है सभी देवी देव आदेश मानने होंगे जो देव आदेशों का उल्लंघन करता है तो उन्हें उसे पर सख्त से सक्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन और सरकार से आग्रह किया कि जितने भी धार्मिक स्थल है उन्हें पर्यटन स्थल न बनाया जाए।
बाईट-राम लाल ठाकुर,कारदार माता फुंगणी लगघाटी कुल्लू
रिपोर्ट-तुलसी भारती,संवाददाता कुल्लू



