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उपायुक्त कार्यालय कर्मचारियों की स्टेट कैडर की नोटिफिकेशन सरकार जल्द वापिस ले-मनीष गुलेरिया

कहा- उपायुक्त कार्यालय में तैनात कर्मचारियों 20 प्रतिशत नायब तहसीलदार कोटा पटवारी कानूनगो को दिया तो सरकार के खिलाफ होगा सड़को पर आंदोलन

न्यूज मिशन
कुल्लू
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बीते वर्ष अक्टूबर माह में उपायुक्त कार्यालय में तैनात कर्मचारियों के जिला कैडर को बदलकर स्टेट कैडर किया है जिसके बाद कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ भारी रोष है ऐसे में कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि सरकार जल्द स्टेट कैडर की नोटिफिकेशन को वापस ले या स्टेट कदर की विस्तृत एसओपी जल्द जारी करें। कुल्लू जिला में उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी ने प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार को चेताया कि अगर प्रदेश सरकार ने उपायुक्त कार्यालय में तैनात कर्मचारियों का 20% नायब तहसीलदार का कोटा पटवारी और कानून को दिया तो उसके खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

कुल्लू जिला उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष मनीष गुलेरिया ने कहा कि पिछले अक्टूबर में सरकार के द्वारा स्टेट कैडर घोषित किया था उसके बाद डीसी ऑफिस कर्मचारियों ने पूरे प्रदेश में इसका विरोध किया था और मुख्यमंत्री राजस्व मंत्री के समक्ष इसका विरोध किया था उन्होंने कहा कि इससे हमें सीनियारिटी और पदोन्नति में कोई भी लाभ फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमने सरकार के खिलाफ कोई भी गैर संवैधानिक कम नहीं उठाया उन्होंने कहा कि पिछले 9,10 महीना में सरकार की तरफ से इसको लेकर कोई ठोसएसओपी जारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों के हित में नहीं है उन्होंने कहा कि इसको सरकार वापस ले उन्हें कहा किसके अलावा हमारी सरकार से दूसरी मांग है कि नायब तहसीलदार पार्टी का 20% कोटा है उसको भी सरकार कर्मचारियों को पदोन्नत कर लाभ प्रदान करें। उन्होंने कहा कि पिछले माह सरकार ने राजस्व विभाग में तैनात कानून को पटवारी को जिला कैडर स्टेट कैडर किया गया है उन्होंने कहा कि पटवारी कानून को भी सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं और ऐसे में सरकार के द्वारा डीसी कार्यालय में तैनात कर्मचारियों का 20% नायब तहसीलदार पदोन्नति कोटा पटवारी कानून को लेने की मांग कर रहे हैं जिसे हम विरोध करते हैं उन्होंने कहा कि उपायुक्त कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को 20% नायव तहसीलदार कोटा 15 वर्ष राजस्व विभाग में लिपिक, वरिष्ठ सहायक कार्य विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 6 से 7 महीने ट्रेनिंग करने के बाद पदोन्नति होती थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर पटवारी और कानू को की गैर संवैधानिक मांग को पूरा किया तो डीसी कार्यालय में तैनात कर्मचारी सरकार के खिलाफ काले बिल धरना प्रदर्शन कर विरोध करेंगे। पेन डाउन स्ट्राइक जैसी विरोध करेंगे उन्होंने कहा कि सरकार से यह मांग है कि पटवारी कानून को की 20% नायव तहसीलदार कोटा न दिया जाए अन्यथा उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ इसके खिलाफ सड़कों पर आंदोलन करेगा।

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