लगघाटी के पिछला ग्रामंग में देवता त्रिजुगी नारायण का भव्य मंदिर की हुई प्रतिष्ठा
करीब 1 करोड़ रूपये की राशी से तैयार हुआ देवता त्रियुगी नारायण

3 साल में काष्टकुणी शैली से भव्य मन्दिर बनकर हुआ तैयार
मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में 2 देवी देवताओं ने लिया भाग
मदिंर में मंदोर चढ़ाकर की प्रतिष्ठा
न्यज मिशन
कुल्लू जिला के लगघाटी के देवता त्रिजूगी नारायण (पिछला ग्रामंग) लगवैली के नवनिर्मित भव्य मंदिर की प्रांण प्रतिष्ठा देव आज्ञानुसार आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि पंचम गुप्त नवरात्र प्रविष्टे 27 तदानुसार 10 जुलाई 2024 बुधवार संपन हुई। इस महापर्व में मां श्री फुंगणी परमेश्वरी (तिऊन) और देवता त्रिजुगी नारायण भी उपस्थित रहे । माता 09 जुलाई मंगलवार को ग्रामंग पंहूची है। आज सुवह देवी देवता ने मन्दिर की छत पर मंदोर चढ़ा कर प्राण प्रतिष्ठा की । और हजारों की संख्या में लोगों नें अपनी हाजरी भरी। और देवी देवता से आर्शिवाद लिया।इस दौरान सैंकड़ो की संख्या में श्रद्वालुओं ने देवता के दर्शन कर आर्शीवाद लिया।
वीओ-देवता के कारदार रोशन लाल ने बताया कि काष्टकुणी शैली से देवता त्रिजुगी नारायण का मन्दिर बन कर तैयार किया गया है। उन्होने कहा कि इसे वनने में लगभग 3 साल का समय लगा और इसमें कुल लागल 1 करोड़ के लगभग लागत आई है। उन्होने कहा कि देवता के आज्ञानुसार आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि पंचम गुप्त नवरात्र प्रविष्टे 27 तदानुसार 10 जुलाई 2024 बुधवार होना सुनिश्चित हुई था जिसे आज पुरा किया गया। इस दौरान मां श्री फुंगणी परमेश्वरी (तिऊन) और देवता त्रिजुगी नारायण भी उपस्थित रहे। इस दौरान प्रीतिभोज का भी आयेजन किया गया है।



